Install App
Login
HOME
Delhi
Haryana
Uttar Pradesh
Bihar
Chhattisgarh
Madhya Pradesh
Rajasthan
Jharkhand
Himachal Pradesh
Uttarakhand
Punjab
Andhra Pradesh
Telangana
Tamil Nadu
Karnataka
Maharashtra
Assam
West Bengal
Tripura
Gujarat
Odisha
Kerala
Jansamasya
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
जनसमस्या
कांग्रेस
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Jharkhand
Up
Iyc
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
महिला
Narendramodi
Madhya_pradesh
सोशल_मीडिया
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Ipl
ist786
No video available
18
1
समुद्र में बहकर आया गोल्डन रथ, लोगों ने लगाए जयकारे, आखिर कहां से आया रहस्यमयी रथ, जांच में जुटे अधिकारी.. देखें अद्भुत
Chas, Bokaro
| May 12, 2022
MORE NEWS
नेता नहीं, एक भांजा बनकर बोकारो पहुंचे #भाजपा अध्यक्ष #नितिन नवीन, स्मृति में लगाया पौधा #Bokaro: राजनीति के व्यस्ततम दायित्वों के बीच रविवार को एक ऐसा क्षण आया, जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन केवल एक बड़े नेता नहीं, बल्कि अपनी प्रिय मौसी को खो चुके एक भावुक भांजे के रूप में दिखाई दिए। सेक्टर-4 सिटी सेंटर स्थित अपनी दिवंगत बड़ी मौसी शोभा रानी लाल के आवास पहुंचते ही उनके चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था। जिस घर में कभी उन्हें स्नेह, अपनापन और परिवार का आशीर्वाद मिला था, उसी घर में इस बार शोक का सन्नाटा पसरा हुआ था। मौसी के चित्र के सामने पहुंचते ही नितिन नवीन कुछ पल के लिए ठिठक गए। उन्होंने श्रद्धा से सिर झुकाया, पुष्प अर्पित किए और मौन खड़े रहे। वहां मौजूद लोगों ने महसूस किया कि शब्दों से अधिक उनकी आंखें अपने भाव व्यक्त कर रही थीं। ##मौसी सिर्फ रिश्ते का नाम नहीं थीं, वह परिवार की आत्मा थीं" करीब आधे घंटे तक नितिन नवीन परिवार के बीच बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने अपनी मौसी से जुड़ी कई यादों को साझा किया। कभी उनके चेहरे पर मुस्कान आती तो अगले ही पल आंखें नम हो जातीं। उन्होंने बताया कि मौसी का स्नेह हमेशा उन्हें मां जैसा ही महसूस होता था। परिजनों ने भी उन पलों को याद किया, जब नितिन नवीन चुनावी व्यस्तताओं के बावजूद बोकारो आकर अपनी मौसी से मिलते थे। उनके मौसेरे भाई भैया प्रीतम ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले भी वे घर आए थे। मौसी ने अपने हाथों से उनके लिए भोजन बनाया था और उन्होंने बड़े प्रेम से वह भोजन किया था। किसी को क्या पता था कि वह मुलाकात आखिरी याद बन जाएगी। ##प्रधानमंत्री मोदी का फोन आया तो भावुक हो उठा परिवार श्रद्धांजलि के दौरान एक और भावुक क्षण तब आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन नितिन नवीन के पास पहुंचा। प्रधानमंत्री ने शोभा रानी लाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पूरे परिवार के प्रति संवेदना जताई। परिवार के सदस्यों ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा इस दुख की घड़ी में याद किया जाना उनके लिए बड़ी सांत्वना की बात है। फोन पर व्यक्त किए गए संवेदना के शब्दों ने शोकाकुल परिवार को भावनात्मक संबल दिया। ##मौसी की स्मृति में लगाया पौधा, कहा 'यादें कभी नहीं मरतीं' घर के बगल में जब नितिन नवीन ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत अपनी मौसी की स्मृति में पौधा लगाया, तब माहौल और भी भावुक हो गया। पौधा रोपते समय उन्होंने कहा कि इंसान भले इस दुनिया से चला जाए, लेकिन उसके संस्कार, उसका प्यार और उसकी यादें हमेशा जीवित रहती हैं। उनके हाथों से मिट्टी डालते हुए ऐसा लग रहा था मानो वे अपनी मौसी के प्रति कृतज्ञता और प्रेम को धरती में रोप रहे हों। परिवार के कई सदस्य इस दृश्य को देखकर अपनी भावनाएं रोक नहीं सके। ##चित्रांश समाज बोला - यह सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, रिश्तों की मिसाल है श्रद्धांजलि सभा में बोकारो, बेरमो, धनबाद, हज़ारीबाग़ और रांची से चित्रांश समाज के लोग पहुंचे थे। सभी ने कहा कि नितिन नवीन का इस दुख की घड़ी में बोकारो आना पूरे समाज के लिए भावनात्मक संदेश है। समाज के वरिष्ठ लोगों ने कहा कि बड़े पदों पर पहुंचने के बाद अक्सर लोग रिश्तों से दूर हो जाते हैं, लेकिन नितिन नवीन ने साबित कर दिया कि परिवार और संस्कार किसी भी पद से बड़े होते हैं। उन्होंने बिना भाषण दिए, बिना बड़े शब्दों का प्रयोग किए अपने व्यवहार से रिश्तों की ताकत का संदेश दिया। कार्यक्रम में अरुण कुमार सिन्हा, राज श्रीवास्तव, विराज श्रीवास्तव, रतन लाल, रमन सिन्हा, संजय सिन्हा, ऋचा प्रीतम, निरु श्रीवास्तव, रूबी, प्रीती व् अन्य। ##स्टील उद्योग जगत के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे श्रद्धांजलि अर्पित करने श्रद्धांजलि सभा में बोकारो स्टील प्लांट और ईएसएल स्टील लिमिटेड के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर ईएसएल स्टील लिमिटेड के जनसंपर्क विभाग के प्रमुख संजय सिन्हा भी उपस्थित रहे। सभा के दौरान प्रिय रंजन और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बीच कुछ समय तक आत्मीय बातचीत हुई। ##स्वागत के बीच भी चेहरे पर दिखता रहा अपनों को खोने का दर्द रांची से बोकारो आने के दौरान पेटरवार और नया मोड़ सहित कई स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। फूल-मालाओं और नारों के बीच भी उनके चेहरे पर अपनों को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आत्मीयता से मुलाकात की, लेकिन इस पूरे दौरे में उनकी प्राथमिकता अपने शोकाकुल परिवार के साथ समय बिताना ही रही। कार्यकर्ताओं ने भी महसूस किया कि यह दौरा राजनीतिक नहीं, बल्कि पूरी तरह पारिवारिक और भावनात्मक था। ##श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब श्रद्धांजलि सभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, सांसद ढुलू महतो, विधायक राज सिन्हा, पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय, पूर्व विधायक बिरंची नारायण, भाजपा नेता रोहित लाल सिंह, संजय त्यागी, महेंद्र राय, कमलेश राय सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत शोभा रानी लाल को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। चित्रगुप्त परिवार के कार्यक्रम में अरुण कुमार सिन्हा, राज श्रीवास्तव, विराज श्रीवास्तव, रतन लाल, रमन सिन्हा, संजय सिन्हा, संजय कुमार, संजय सिन्हा, भैया उत्तम, प्रवीण कुमार, लिटिल सिन्हा, ऋषि कुमार सिन्हा, जयशंकर जयपुरियार, मुकेश कुमार, ललित सिन्हा, एच एन लाल, जयंत सिन्हा, रामकुमार श्रीवास्तव, ऋचा प्रीतम, निरु श्रीवास्तव, रूबी, प्रीती व् अन्य।
Chas, Bokaro | Jun 7, 2026
एक श्रद्धांजलि, कई संदेश: नितिन नवीन के साथ दिखी कायस्थ एकता #देश की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जब अपनी दिवंगत मौसी को श्रद्धांजलि देने बोकारो पहुंचे, तो वहां मौजूद लोगों ने एक बड़े नेता नहीं, बल्कि परिवार और संस्कारों से जुड़ा एक भावुक भांजा देखा। सेक्टर-4 सिटी सेंटर स्थित आवास पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी दिवंगत मौसी शोभा रानी लाल को श्रद्धांजलि दी। घर के भीतर शोक का माहौल था, तो बाहर अपनों के साथ खड़े होने का संकल्प दिखाई दे रहा था। सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि यह केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं था, बल्कि कायस्थ समाज की एकता, पारिवारिक मूल्यों और आपसी भाईचारे का जीवंत उदाहरण था। समाज की एकजुटता यह संदेश दे रही थी कि कोई भी परिवार अकेला नहीं है। इस दुख की घड़ी में बोकारो, धनबाद, बेरमो और रांची से चित्रांश समाज के लोग पहुंचे। उनके मौसेरे भाई भैया प्रीतम ने कहा कि नितिन नवीन का यहां पहुंचना केवल पारिवारिक दायित्व नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला भावनात्मक संदेश है। श्रद्धांजलि सभा में भाजपा की भी मजबूत उपस्थिति देखने को मिली। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, सांसद ढुलू महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय और पूर्व विधायक बिरंची नारायण समेत कई वरिष्ठ नेता शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने परिवार के बीच देखकर कार्यकर्ता भी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी नितिन नवीन का रिश्तों और संस्कारों से जुड़ाव उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पहचान है। #bokaro #NitinNavin #BJP #BJPNationalPresident #ShobhaRaniLal #BhaiyaPritam #BokaroNews #JharkhandNews #PoliticalNews #BJPLeadership #Kayastha #KayasthaSamaj #ProudKayastha #KayasthaCommunity #KayasthaPride #KayasthaParivar
Chas, Bokaro | Jun 7, 2026
8 से 10 करोड़ रोज़ का खेल? अवैध लॉटरी को लेकर धनबाद में हड़कंप
Chas, Bokaro | Jun 6, 2026
#पौधों के जरिए प्रकृति को प्रणाम #Bokaro: कहीं स्कूलों के बच्चे हाथों में पौधे लिए नजर आए, तो कहीं प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि धरती को हराभरा बनाने के संकल्प के साथ मैदान में उतरे। विश्व पर्यावरण दिवस पर बोकारो में हरियाली का जनअभियान देखने को मिला, जिसने पर्यावरण संरक्षण का खूबसूरत मैसेज दिया। जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त अजय नाथ झा, RCCF आर.टी. पांडियन और एसपी नाथू सिंह मीना ने विभिन्न परिसरों में पौधरोपण कर जिले में अगले डेढ़ महीने के भीतर 10 से 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य घोषित किया। अधिकारियों ने "ग्रीन बोकारो, क्लीन बोकारो" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। डीपीएस बोकारो ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की भागीदारी से पौधरोपण अभियान चलाकर जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। वहीं, अयप्पा पब्लिक स्कूल और पेंटेकोस्टल असेंबली स्कूल ने भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण को जिम्मेदार नागरिकता से जोड़ा और हरित भविष्य का संकल्प दोहराया। सामाजिक संस्था वर्ल्ड ग्रीन लाइन ने चास में 'जेनरेशन ग्रीन' अभियान की शुरुआत करते हुए इस मानसून 1000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया। बोकारो स्टील प्लांट में निदेशक प्रभारी प्रिया रंजन और सेल के निदेशक (वाणिज्यिक) टी.एन. नटराजन ने सहभागिता उद्यान में पौधरोपण किया। ईएसएल स्टील लिमिटेड ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 1000 से अधिक पौधे लगाए और 15 हजार पौधों के दीर्घकालिक लक्ष्य की घोषणा की। विश्व पर्यावरण दिवस पर बोकारो ने यह संदेश दिया कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए पौधरोपण ही नहीं, बल्कि पौधों का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। #WorldEnvironmentDay #BeatPlasticPollution #SaveEnvironment #GoGreen
Chas, Bokaro | Jun 6, 2026
महज 15 मिनट की देरी और बुझ गए हजारों सपने, #दिल्ली अग्निकांड में #बोकारो की बेटी की मौत #Bokaro: दिल्ली में 3 जून को हुए भीषण होटल अग्निकांड ने बोकारो के जैनामोड़ की 25 वर्षीय होनहार युवती श्रुतिका बरनवाल के सपनों को हमेशा के लिए बुझा दिया। आग की लपटों और जहरीले धुएं के बीच मोबाइल पर गूंजती उनकी आखिरी चीख “बचाओ, बचाओ” आज भी परिजनों और दोस्तों के कानों में गूंज रही है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। ##फोन पर मदद की गुहार, फिर अचानक कट गया संपर्क परिवार के करीबी आशीष कुमार भारती ने बताया कि हादसे के समय श्रुतिका अपने एक दोस्त से मोबाइल पर बात कर रही थीं। अचानक होटल में अफरा-तफरी मच गई और बातचीत के दौरान ही वह मदद के लिए चीखने लगीं। कुछ ही क्षण बाद फोन कट गया। दोस्त ने तुरंत यह जानकारी उनके भाई शुभम बरनवाल को दी। इसके बाद शुभम ने कई बार बहन को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ##पिता ने रिश्तेदारों को भेजा, लेकिन मिली दुखद खबर बढ़ती बेचैनी के बीच पिता रमेश प्रसाद बरनवाल, जो जैनामोड़ में विकास फ्लोर मिल का संचालन करते हैं, ने दिल्ली में रहने वाले रिश्तेदारों को होटल भेजा। इसी दौरान वह खुद रांची एयरपोर्ट से दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी रिश्तेदारों का फोन आया कि श्रुतिका का शव मिल गया है और उसे मैक्स अस्पताल ले जाया गया है। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ##पार्थिव शरीर पहुंचते ही गम में डूबा पूरा जैनामोड़ गुरुवार को जब श्रुतिका का पार्थिव शरीर जैनामोड़ स्थित आवास पहुंचा तो पूरा इलाका गमगीन हो उठा। बड़ी संख्या में पड़ोसी, रिश्तेदार और शुभचिंतक अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। घर का माहौल चीख-पुकार और सिसकियों से भर गया। ##मां बोलीं क्या पता था, वही आखिरी बातचीत होगी श्रुतिका की मां कि हादसे वाले दिन सुबह करीब सात बजे उनकी बेटी से आखिरी बार बात हुई थी। वह बेहद खुश थी और अपने काम को लेकर उत्साहित भी। मां ने कहा, “उसने बताया था कि उसका काम अच्छे से पूरा हो गया है। मुझे क्या पता था कि यह हमारी आखिरी बातचीत होगी।” ##महज 15 मिनट की देरी ने छीन ली जिंदगी बताया जाता है कि हादसे से महज 15 मिनट पहले श्रुतिका को होटल से कार्यालय के लिए निकलना था। उन्होंने कैब बुक की थी, लेकिन ट्रैफिक के कारण वह समय पर नहीं पहुंच सकी। मजबूरन उन्हें दूसरी गाड़ी का इंतजार करना पड़ा। परिजनों का मानना है कि अगर कैब समय पर आ जाती तो शायद वह इस हादसे का शिकार नहीं होतीं। ##जहरीले धुएं ने ली जान, पहचानना भी हुआ मुश्किल रिश्तेदारों के अनुसार, जहरीले धुएं के कारण उनका चेहरा और शरीर बुरी तरह प्रभावित हो गया था, जिससे पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। परिवार को आशंका है कि दम घुटने से उनकी मौत हुई। ##पढ़ाई में अव्वल, सपनों से भरा था भविष्य श्रुतिका पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहीं। उन्होंने वाईबीएन यूनिवर्सिटी, रांची से जूलॉजी में स्नातक की पढ़ाई की और बाद में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) से वाटर पॉलिसी एंड गवर्नेंस में मास्टर्स किया। मई में ही उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी और जीवन की नई शुरुआत को लेकर उत्साहित थीं। ##परिवार ने शुरू कर दी थी शादी और भविष्य की चर्चा दो भाई-बहनों में सबसे छोटी श्रुतिका अपने माता-पिता की आंखों का तारा थीं। परिवार ने हाल ही में उनके विवाह और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा शुरू की थी। वह सपनों और उम्मीदों से भरी हुई थी। एक दिन पहले ही उसके पिता से उससे बात हुई थी। नहीं सोचा था कि उसकी बातें इतनी जल्दी यादों में बदल जाएंगी।” ##पिता का सपना पूरा करना चाहती थीं श्रुतिका उनके मित्र ऋषि चतुर्वेदी ने बताया कि श्रुतिका नौकरी मिलने से बेहद खुश थीं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहती थीं। वह अपने पिता के बेहद करीब थीं और हमेशा उनका नाम रोशन करने का सपना देखती थीं। ##नई नौकरी की खुशी के बीच आ गया मौत का संदेश संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में उन्हें रबर केमिकल एंड पॉलिमर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल में बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव के पद पर नियुक्ति मिली थी। गुरुवार शाम संस्थान में आयोजित शोकसभा में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उन्हें एक मेधावी, उत्साही और मिलनसार छात्रा के रूप में याद किया। ##अधूरे रह गए सपने, छोड़ गईं अनगिनत यादें श्रुतिका की असमय मौत ने न सिर्फ एक परिवार से उसकी खुशियां छीन लीं, बल्कि उन तमाम सपनों को भी अधूरा छोड़ दिया, जिन्हें पूरा करने के लिए वह पूरे उत्साह के साथ जीवन की नई उड़ान भरने जा रही थीं। उनकी आखिरी पुकार और मुस्कुराता चेहरा अब सिर्फ यादों में ही रह गया है। #ShrutikaBaranwal #DelhiHotelFire #DelhiFireTragedy #BokaroNews #JharkhandNews
Chas, Bokaro | Jun 5, 2026
1
समुद्र में बहकर आया गोल्डन रथ, लोगों ने लगाए जयकारे, आखिर कहां से आया रहस्यमयी रथ, जांच में जुटे अधिकारी.. देखें अद्भुत - Chas News