#राजस्थान न्यूज़ : रिश्वतखोर अधिकारियों-कर्मचारियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, SC ने कहा- मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी जरूरी नहीं
संगरिया की आवाज़।
जयपुर। राजस्थान में रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि रिश्वत के मामले में सरकारी कार्मिकों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार से मंजूरी लेना अनिवार्य नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए का संरक्षण आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान लिए गए निर्णयों के संबंध में है, जिससे उन्हें अनावश्यक उत्पीड़न से बचाया जा सके। रिश्वत जैसे गंभीर मामले में ढाल के रूप में यह संरक्षण नहीं मिल सकता।
न्यायाधीश एस.वी.एन. भट्टी व न्यायाधीश एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल की अपील खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। कांस्टेबल ने 1.5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में अपने खिलाफ दर्ज एफआइआर और उसको लेकर कोर्ट में पेश आरोप-पत्र को चुनौती दी थी। राजस्थान की अतिरिक्त महाधिवक्ता संस्कृति पाठक ने इस अपील का विरोध किया। कोर्ट ने उनके तर्क स्वीकार करते हुए कहा कि रिश्वत मांगना पूरी तरह आपराधिक कृत्य है, जिसका आधिकारिक दायित्व से कोई लेना-देना नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में वर्ष 2018 में जोड़ी गई धारा 17ए लोक सेवक के दायित्वों के निर्वहन से जुड़े कृत्यों की जांच या पूछताछ शुरू करने के संबंध में है, जिसमें जांच या पूछताछ शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारी की मंजूरी आवश्यक होती है। इस प्रावधान को हर आपराधिक मामले में लागू नहीं किया जा सकता। रिश्वत मांगना विशुद्ध रूप से एक अपराध होने के कारण कांस्टेबल के खिलाफ दर्ज यह मामला धारा 17ए के कानूनी संरक्षण के दायरे में नहीं आता।
इन अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति लंबित
क्र.सं. अधिकारी का नाम पद एवं विभाग अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव भेजने की तारीख
1 रामेश्वर सिंह अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग 29 दिसंबर 2023
2 सुरेश कुमार जिला आबकारी अधिकारी, अलवर 20 अगस्त 2024
3 अजय सिंह अधिशाषी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग 25 जून 2025
4 मंगतारा खन्ना तत्कालीन रजिस्ट्रार, सहकारी समिति, बीकानेर 11 नवंबर 2025
5 डॉ. दिव्यम जाजोरिया पशु चिकित्सा अधिकारी, राजकीय पशु चिकित्सालय, कुंभलगढ़, राजसमंद 12 दिसंबर 2025
6 श्रीकृष्ण अवतार गुप्त अधिशाषी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग 7 जुलाई 2026
अभियोजन स्वीकृति के लंबित में सर्वाधिक सार्वजनिक निर्माण विभाग से
अभियोजन स्वीकृति के लंबित में सर्वाधिक सार्वजनिक निर्माण विभाग से हैं। अधीक्षण अभियंता रामेश्वर सिंह के लिए 29 दिसंबर 2023, अधिशाषी अभियंता अजय सिंह के लिए 25 जून 2025 और अधिशाषी अभियंता श्रीकृष्ण अवतार गुप्त के लिए 7 जुलाई 2026, तत्कालीन
रजिस्ट्रार सहकारी समिति, बीकानेर मंगतारा खन्ना, 11 नवंबर 2025; पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्यम जाजोरिया (राजकीय पशु चिकित्सालय, कुंभलगढ़), 12 दिसंबर 2025 व जिला आबकारी अधिकारी सुरेश कुमार (अलवर), 20 अगस्त 2024 से लंबित हैं।
संगरिया की आवाज़
Hanumangarh Police संगरिया पुलिस DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan Government of Rajasthan