स्व. विष्णुदत्त ओझा की 15वीं पुण्यतिथि पर 25 जुलाई को पूर्वांचल का विराट रक्तदान शिविर, संगोष्ठी व सहभोज का होगा आयोजन
बस्ती। राष्ट्रवाद के अजेय योद्धा, हिन्दुत्व के पुरोधा तथा हिन्दू युवा वाहिनी के संस्थापक प्रदेश संयोजक रहे स्वर्गीय विष्णुदत्त ओझा की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 25 जुलाई को पूर्वांचल के विराट एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन स्व. विष्णुदत्त ओझा रक्तदान एवं जनसेवा समिति के तत्वावधान में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल पुस्तकालय, टाउन क्लब, गांधी नगर परिसर में पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगा।
समिति के संयोजक नन्दीश्वर दत्त ओझा ने बताया कि विगत 15 वर्षों से लगातार आयोजित किए जा रहे इस रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि स्व. विष्णुदत्त ओझा के विचारों और सेवा भाव से प्रेरित होकर हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन इस अभियान से जुड़ते हैं तथा स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव जीवन बचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि रक्तदान शिविर के साथ-साथ ‘मानव जीवन रक्षा में रक्तदान की सामाजिक जिम्मेदारी’ विषय पर एक विचार संगोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा। संगोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों के बुद्धिजीवी, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि रक्तदान के महत्व, इसके सामाजिक दायित्व और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना है।
आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम के समापन पर सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द का संदेश देने के लिए सहभोज का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें सभी वर्गों के लोग एक साथ शामिल होंगे। समिति का मानना है कि रक्तदान केवल एक सेवा कार्य नहीं, बल्कि मानवता के प्रति सबसे बड़ा दायित्व और जीवन बचाने का श्रेष्ठ माध्यम है।
समिति के संयोजक नन्दीश्वर दत्त ओझा ने जनपद के युवाओं, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर रक्तदान करने और संगोष्ठी में सहभागिता निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्व. विष्णुदत्त ओझा के सेवा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समर्पण के आदर्शों को आगे बढ़ाने का सबसे बेहतर माध्यम जनसेवा है। ऐसे आयोजन समाज में सेवा, समरसता और मानवता की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होते हैं।
Basti, Basti | Jul 23, 2026