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इटावा के सारंगपुर में दिनदहाड़े अवैध खनन का आरोप, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।

Hardoi, Hardoi | Jun 10, 2026

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फेसबुक पर हुआ प्यार, मंदिर में की शादी; अब मारपीट कर घर से निकाला, दूसरी शादी की तैयारी का आरोप

मुरैना। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट की रहने वाली एक महिला ने मुरैना न्यू कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने उत्तमपुरा निवासी एक युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, मंदिर में विवाह करने के बाद प्रताड़ित कर घर से निकालने तथा दूसरी शादी की तैयारी करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उसकी मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से उत्तमपुरा निवासी सचिन से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। महिला का आरोप है कि युवक ने शादी का वादा किया और चित्रकूट में पहली मुलाकात के दौरान होटल में उससे शारीरिक संबंध बनाए।
महिला के अनुसार, बाद में उसके दबाव पर युवक ने मंदिर में विवाह कर लिया और उसे अपने घर मुरैना के उत्तमपुरा क्षेत्र में ले आया। कुछ महीनों तक दोनों साथ रहे, लेकिन इसके बाद युवक और उसके परिजनों का व्यवहार बदल गया। महिला का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसे घर से निकाल दिया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उससे दहेज की मांग की जा रही थी। महिला का कहना है कि अब युवक दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहा है। इसी को लेकर उसने न्यू कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से न्याय दिलाने, दूसरी शादी रुकवाने तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल महिला द्वारा प्रशासन को आवेदन सौंप दिया गया है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। युवक और उसके परिजनों का पक्ष सामने आना बाकी है।

फेसबुक पर हुआ प्यार, मंदिर में की शादी; अब मारपीट कर घर से निकाला, दूसरी शादी की तैयारी का आरोप मुरैना। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट की रहने वाली एक महिला ने मुरैना न्यू कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने उत्तमपुरा निवासी एक युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, मंदिर में विवाह करने के बाद प्रताड़ित कर घर से निकालने तथा दूसरी शादी की तैयारी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उसकी मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से उत्तमपुरा निवासी सचिन से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। महिला का आरोप है कि युवक ने शादी का वादा किया और चित्रकूट में पहली मुलाकात के दौरान होटल में उससे शारीरिक संबंध बनाए। महिला के अनुसार, बाद में उसके दबाव पर युवक ने मंदिर में विवाह कर लिया और उसे अपने घर मुरैना के उत्तमपुरा क्षेत्र में ले आया। कुछ महीनों तक दोनों साथ रहे, लेकिन इसके बाद युवक और उसके परिजनों का व्यवहार बदल गया। महिला का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसे घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उससे दहेज की मांग की जा रही थी। महिला का कहना है कि अब युवक दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहा है। इसी को लेकर उसने न्यू कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से न्याय दिलाने, दूसरी शादी रुकवाने तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल महिला द्वारा प्रशासन को आवेदन सौंप दिया गया है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। युवक और उसके परिजनों का पक्ष सामने आना बाकी है।

Hardoi, Hardoi | Jun 10, 2026

यूपी के बदायूं में जमीन के लिए दो पक्षों में हुआ ख़ूनी संघर्ष, पुलिस के सामने जमकर चले ईंट पत्थर और लाठियाँ :- मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वॉयरल

यूपी के बदायूं में जमीन के लिए दो पक्षों में हुआ ख़ूनी संघर्ष, पुलिस के सामने जमकर चले ईंट पत्थर और लाठियाँ :- मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वॉयरल

Hardoi, Hardoi | Jun 10, 2026

शाहाबाद में एसडीएम पर हुए हमले के बाद 8 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत, पिता ने पुलिस पर लगाया आरोप, 

हरदोई के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव में सोमवार देर रात एक 8 साल की बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस कार्रवाई के सदमे से उसकी बेटी की जान गई, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बालिका 18 दिन से बीमार थी। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया।

मृतका के पिता राम मोहन ने बताया कि मंगलवार शाम एसडीएम से जुड़े एक विवाद के दौरान पुलिस ने उन्हें उनके मकान के सामने ही हिरासत में ले लिया था। राम मोहन का दावा है कि इस दौरान उनकी 8 साल की रूबी मौके पर मौजूद थी। पुलिस कार्रवाई देखकर वह सदमे में आ गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और देर रात उसकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, राम मोहन को हिरासत में नहीं लिया गया था। एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह ने बताया कि बालिका पिछले 18 दिनों से बीमार थी। मंगलवार को बालिका के बीमार होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने परिजनों के साथ उसे अस्पताल पहुंचाया था। इस मामले में पुलिस की कोई संलिप्तता नहीं है।

दरअसल, मंगलवार शाम शाहाबाद एसडीएम एसके मिश्रा परियल गांव में अन्नपूर्णा भवन के संबंध में प्रधान पुत्र उदयवीर से जानकारी ले रहे थे। एसडीएम ने आरोप लगाया कि प्रधान पुत्र ने उनके साथ अभद्रता की, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई।

भीड़ में से किसी ने उन पर ईंट फेंकी, जिससे वे घायल हो गए। कुछ ही देर में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने दावा किया कि पुलिस ने गांव के कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था।

राम मोहन ने दावा किया कि पुत्री की मौत की सूचना देने के लिए उनके परिजन कोतवाली पहुंचे, जिसके बाद देर रात करीब 1 बजे उन्हें छोड़ दिया गया। एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह ने पुष्टि की कि बालिका 18 दिन से बीमार थी और राम मोहन को हिरासत में नहीं लिया गया था। उन्होंने दोहराया कि इस घटना में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।।

शाहाबाद में एसडीएम पर हुए हमले के बाद 8 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत, पिता ने पुलिस पर लगाया आरोप, हरदोई के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव में सोमवार देर रात एक 8 साल की बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस कार्रवाई के सदमे से उसकी बेटी की जान गई, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बालिका 18 दिन से बीमार थी। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया। मृतका के पिता राम मोहन ने बताया कि मंगलवार शाम एसडीएम से जुड़े एक विवाद के दौरान पुलिस ने उन्हें उनके मकान के सामने ही हिरासत में ले लिया था। राम मोहन का दावा है कि इस दौरान उनकी 8 साल की रूबी मौके पर मौजूद थी। पुलिस कार्रवाई देखकर वह सदमे में आ गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और देर रात उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, राम मोहन को हिरासत में नहीं लिया गया था। एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह ने बताया कि बालिका पिछले 18 दिनों से बीमार थी। मंगलवार को बालिका के बीमार होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने परिजनों के साथ उसे अस्पताल पहुंचाया था। इस मामले में पुलिस की कोई संलिप्तता नहीं है। दरअसल, मंगलवार शाम शाहाबाद एसडीएम एसके मिश्रा परियल गांव में अन्नपूर्णा भवन के संबंध में प्रधान पुत्र उदयवीर से जानकारी ले रहे थे। एसडीएम ने आरोप लगाया कि प्रधान पुत्र ने उनके साथ अभद्रता की, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। भीड़ में से किसी ने उन पर ईंट फेंकी, जिससे वे घायल हो गए। कुछ ही देर में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने दावा किया कि पुलिस ने गांव के कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था। राम मोहन ने दावा किया कि पुत्री की मौत की सूचना देने के लिए उनके परिजन कोतवाली पहुंचे, जिसके बाद देर रात करीब 1 बजे उन्हें छोड़ दिया गया। एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह ने पुष्टि की कि बालिका 18 दिन से बीमार थी और राम मोहन को हिरासत में नहीं लिया गया था। उन्होंने दोहराया कि इस घटना में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।।

Hardoi, Hardoi | Jun 10, 2026

दिल को छू लेने वाली खबर दिल्ली से एक भावुक कहानी सामने आई है।  
एक पिता, माँ और भाई का सहारा छोड़कर, समाज और गाँव की परवाह किए बिना, एक लड़की ने ऐसा कदम उठाया जिसने उसके पूरे भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया।  
लोग कहते हैं—  
- "पिता का सहारा खोना, जैसे जीवन की नींव हिल जाना…"  
- "माँ की ममता से दूर होना, जैसे आत्मा का एक हिस्सा टूट जाना…"  
- "भाई का साथ छोड़ना, जैसे बचपन की यादें बिखर जाना…"  
- "गाँव और समाज से कट जाना, जैसे जड़ों से अलग हो जाना…"  
समाज में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।  
कई लोग इसे एक बेवकूफी भरा कदम मानते हैं, तो कुछ इसे समाज की उदासीनता का परिणाम बताते हैं।  
आँखों में सपने थे, पर हालात ने उन्हें रेत की तरह फिसला दिया।  
यह कहानी सिर्फ एक लड़की की नहीं, बल्कि उन तमाम युवाओं की है जो भावनाओं और दबाव के बीच अपना रास्ता खो देते हैं।  
समाज को सोचने की ज़रूरत है—क्या हम अपने बच्चों को समझने और संभालने में कहीं पीछे रह
 गए हैं?

दिल को छू लेने वाली खबर दिल्ली से एक भावुक कहानी सामने आई है। एक पिता, माँ और भाई का सहारा छोड़कर, समाज और गाँव की परवाह किए बिना, एक लड़की ने ऐसा कदम उठाया जिसने उसके पूरे भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया। लोग कहते हैं— - "पिता का सहारा खोना, जैसे जीवन की नींव हिल जाना…" - "माँ की ममता से दूर होना, जैसे आत्मा का एक हिस्सा टूट जाना…" - "भाई का साथ छोड़ना, जैसे बचपन की यादें बिखर जाना…" - "गाँव और समाज से कट जाना, जैसे जड़ों से अलग हो जाना…" समाज में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। कई लोग इसे एक बेवकूफी भरा कदम मानते हैं, तो कुछ इसे समाज की उदासीनता का परिणाम बताते हैं। आँखों में सपने थे, पर हालात ने उन्हें रेत की तरह फिसला दिया। यह कहानी सिर्फ एक लड़की की नहीं, बल्कि उन तमाम युवाओं की है जो भावनाओं और दबाव के बीच अपना रास्ता खो देते हैं। समाज को सोचने की ज़रूरत है—क्या हम अपने बच्चों को समझने और संभालने में कहीं पीछे रह गए हैं?

Hardoi, Hardoi | Jun 10, 2026