शाहाबाद में एसडीएम पर हुए हमले के बाद 8 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत, पिता ने पुलिस पर लगाया आरोप,
हरदोई के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव में सोमवार देर रात एक 8 साल की बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस कार्रवाई के सदमे से उसकी बेटी की जान गई, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बालिका 18 दिन से बीमार थी। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया।
मृतका के पिता राम मोहन ने बताया कि मंगलवार शाम एसडीएम से जुड़े एक विवाद के दौरान पुलिस ने उन्हें उनके मकान के सामने ही हिरासत में ले लिया था। राम मोहन का दावा है कि इस दौरान उनकी 8 साल की रूबी मौके पर मौजूद थी। पुलिस कार्रवाई देखकर वह सदमे में आ गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और देर रात उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, राम मोहन को हिरासत में नहीं लिया गया था। एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह ने बताया कि बालिका पिछले 18 दिनों से बीमार थी। मंगलवार को बालिका के बीमार होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने परिजनों के साथ उसे अस्पताल पहुंचाया था। इस मामले में पुलिस की कोई संलिप्तता नहीं है।
दरअसल, मंगलवार शाम शाहाबाद एसडीएम एसके मिश्रा परियल गांव में अन्नपूर्णा भवन के संबंध में प्रधान पुत्र उदयवीर से जानकारी ले रहे थे। एसडीएम ने आरोप लगाया कि प्रधान पुत्र ने उनके साथ अभद्रता की, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई।
भीड़ में से किसी ने उन पर ईंट फेंकी, जिससे वे घायल हो गए। कुछ ही देर में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने दावा किया कि पुलिस ने गांव के कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था।
राम मोहन ने दावा किया कि पुत्री की मौत की सूचना देने के लिए उनके परिजन कोतवाली पहुंचे, जिसके बाद देर रात करीब 1 बजे उन्हें छोड़ दिया गया। एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह ने पुष्टि की कि बालिका 18 दिन से बीमार थी और राम मोहन को हिरासत में नहीं लिया गया था। उन्होंने दोहराया कि इस घटना में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।।
Hardoi, Hardoi | Jun 10, 2026