*निकायों की वित्तीय मजबूती के लिए स्थानीय स्तर पर राजस्व के नए स्रोत तलाशने की जरूरत : श्री जयभान सिंह पवैया*
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*छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री पवैया ने इंदौर में जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक*
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*वित्तीय सुदृढ़ता, राजस्व के नए स्रोत और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर हुई चर्चा*
इंदौर, 09 सितंबर 2026
छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री जयभान सिंह पवैया ने बुधवार को इंदौर के रेसीडेंसी कोठी में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति, राजस्व के नए स्रोत, विकास कार्यों की गुणवत्ता तथा स्थानीय निकायों की आवश्यकताओं के संबंध में सुझाव प्राप्त किए।
बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री मधु वर्मा एवं श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार, छठवें राज्य वित्त आयोग के सदस्य श्री के.के. सिंह एवं सदस्य सचिव श्री वीरेन्द्र कुमार आदि उपस्थित थे।
श्री पवैया ने कहा कि छठवें राज्य वित्त आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न संभागों का भ्रमण कर स्थानीय निकायों की धरातलीय स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। इंदौर में आज दो स्तरों पर बैठकें आयोजित की गई। प्रथम बैठक जनप्रतिनिधियों के साथ हुई, जिसमें मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर एवं जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय निकायों से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। दूसरी बैठक अधिकारियों के साथ हुई। श्री पवैया ने कहा कि आयोग के समक्ष प्रमुख विषय पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए प्रभावी उपाय तलाशना है। केंद्रीय वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर निकायों को राशि प्राप्त होती है, लेकिन स्थानीय निकाय अपने स्तर पर राजस्व के नए स्रोत विकसित कर अपनी वित्तीय स्थिति किस प्रकार मजबूत कर सकते हैं, इस पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। श्री पवैया ने कहा कि विकास सीधे तौर पर वित्तीय संसाधनों से जुड़ा हुआ है। इसलिए केवल राज्य अथवा केंद्र से मिलने वाले अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय पंचायतों और नगरीय निकायों को अपने स्तर पर भी राजस्व बढ़ाने के प्रयास करने होंगे। स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने की क्षमता बढ़ाना वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
*विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्वालिटी कंट्रोल पर भी चर्चा*
बैठक में स्थानीय निकायों द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता तथा क्वालिटी कंट्रोल को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। श्री पवैया ने कहा कि यह केवल महत्वपूर्ण नहीं है कि किसी निकाय को कितना फंड मिल रहा है, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि उपलब्ध राशि से कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता कैसी है। गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर भी आयोग विचार कर रहा है।
*इंदौर के नवाचारों की सराहना*
छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री जयभान सिंह पवैया ने इंदौर नगर निगम क्षेत्र में किए गए विभिन्न नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कचरा निष्पादन के क्षेत्र में इंदौर ने अभिनव प्रयोग किए हैं। इसके अलावा जलकर और संपत्ति कर की वसूली को लेकर भी प्रभावी प्रयास किए गए हैं, जिनसे शहर के विकास में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य स्थानीय निकायों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर महामहिम राज्यपाल को प्रतिवेदन के माध्यम से सिफारिशें प्रस्तुत करना है। आयोग यह अध्ययन कर रहा है कि ग्रामीण एवं शहरी निकायों की वर्तमान आवश्यकताएं क्या हैं तथा उनकी वित्तीय एवं प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार किस प्रकार अतिरिक्त सहयोग कर सकती है। श्री पवैया ने कहा कि नगरीय निकायों में पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण कई स्थानों पर विकास कार्य प्रभावित होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अलग-अलग प्रकार की चुनौतियां हैं। आयोग इन सभी परिस्थितियों का अध्ययन कर ऐसी सिफारिशें तैयार करेगा, जिनसे स्थानीय निकाय अधिक सक्षम और वित्तीय रूप से मजबूत बन सकें। उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष यह भी महत्वपूर्ण विषय है कि राज्य सरकार के कोष से पंचायत एवं नगरीय निकायों को किस अनुपात में राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इस संबंध में भी आयोग अपनी अनुशंसा तैयार करेगा।
*जनप्रतिनिधियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव*
बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने ग्राम पंचायतों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित विभिन्न सुझाव दिए। उन्होंने शासन से मिलने वाले अनुदान का निर्धारण वर्तमान जनसंख्या के आधार पर किए जाने का आग्रह किया।
सांसद श्री शंकर लालवानी ने इंदौर नगर निगम की बढ़ती आर्थिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियों को देखते हुए नगर निगम के वर्तमान वित्तीय हिस्से में पांच गुना बढ़ोतरी करने का सुझाव दिया। उन्होंने बेंगलुरु की तर्ज पर इंदौर के लिए एक प्रतिशत विशेष अनुदान दिए जाने की मांग भी रखी।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम को मिलने वाले आवंटन में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि करने, प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर लगने वाले उपकर का पूरा लाभ नगर निगम को दिए जाने तथा कॉलोनी विकास के लिए एक समान नियम बनाए जाने सहित विभिन्न सुझाव दिए।
विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ ने कमर्शियल एवं आवासीय संपत्तियों को अलग-अलग करने का सुझाव दिया। विधायक श्री मधु वर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति कर की वर्तमान व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए इसमें सुधार की आवश्यकता बताई।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय ने जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी की मांग रखी। संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार ने विभिन्न निधियों को संकलित कर उनके प्रभावी उपयोग के लिए आवश्यक नियम बनाए जाने का सुझाव दिया।
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Indore, Madhya Pradesh | Sep 9, 2026