Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
Bjp
National
Police
Bihar
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Jharkhand
Up
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Nitishkumar
Madhya_pradesh
Mp
Nsui
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Actor
Haryana
Uttarpradesh
Cbse
Uttarakhand
No video available

पूर्व सांसद आनंद मोहन, 15 दिनों के पैरोल पर सहरसा जेल से रिहा हुए।

1.1k views | Kahara, Saharsa | Feb 6, 2023

MORE NEWS

सहरसा में मरीज की मौत पर हंगामा, ऑक्सीजन नहीं लगाने का आरोप; अस्पताल छोड़ भागे डॉक्टर और स्टाफ #ABJ #Crime #saharsabihar #saharsa_bihar

सहरसा में मरीज की मौत पर हंगामा, ऑक्सीजन नहीं लगाने का आरोप; अस्पताल छोड़ भागे डॉक्टर और स्टाफ #ABJ #Crime #saharsabihar #saharsa_bihar

Kahara, Saharsa | Jun 3, 2026

◆◆ *जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ एवं अंचलाधिकारियों के साथ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक, प्रतिदिन सुबह 10 बजे होगी समीक्षा*

छपरा, 03 जून 2026
◆  जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने आज जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर विभिन्न विकासात्मक, जनकल्याणकारी एवं आपदा पूर्व तैयारी से संबंधित कार्यों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
◆ बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि अब सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचलाधिकारियों के साथ प्रतिदिन प्रातः 10 बजे संक्षिप्त समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि विभिन्न योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके तथा समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
◆ जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने तथा सरकारी योजनाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों का प्रभावी एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों की सक्रियता एवं नियमित क्षेत्रीय भ्रमण से योजनाओं का लाभ आम जनता तक बेहतर ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
◆ संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारी को लेकर विशेष निर्देश: 
  ●जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी बीडीओ एवं सीओ को अपने-अपने प्रखंडों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ अनिवार्य रूप से बैठक आयोजित करने तथा उनसे प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की स्थानीय जानकारी एवं सुझाव आपदा प्रबंधन की तैयारी को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।
● खराब चापाकलों एवं नल-जल योजनाओं की स्थिति का सत्यापन करें.
बैठक में जानकारी दी गई कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) द्वारा जिले में लगभग 1800 खराब चापाकलों की मरम्मत की गई है। जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ एवं सीओ को निर्देश दिया कि वे जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इस संबंध में फीडबैक लें तथा यदि कहीं अभी भी चापाकल खराब हैं तो उनकी सूची प्राथमिकता के आधार पर प्राप्त कर शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित कराएं।
● उन्होंने नल-जल योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन योजनाओं का संचालन प्रभावित है अथवा जो अक्रियाशील हैं, उनकी अद्यतन जानकारी भी जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय स्तर से प्राप्त कर उपलब्ध कराई जाए, ताकि पीएचईडी विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
●तटबंधों की सुरक्षा एवं कटाव निरोधी कार्यों का भौतिक सत्यापन करें: 
जिलाधिकारी ने बताया कि चिन्हित आक्राम्य स्थलों के समीप आवश्यक बाढ़ एवं कटाव निरोधी सामग्रियों जैसे जिओ बैग, बालू आदि का भंडारण 01 जून से किया जाना है। उन्होंने सभी बीडीओ एवं सीओ को निर्देश दिया कि वे ऐसे स्थलों का संयुक्त रूप से भौतिक सत्यापन करें तथा सामग्री की उपलब्धता एवं तैयारी की स्थिति से संबंधित संयुक्त प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को भेजना सुनिश्चित करें।
● जिलाधिकारी ने आपदा संपूर्ति पोर्टल पर पारिवारिक सूची को 15 जून तक अद्यतन कराने का निदेश सभी अंचलाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत एवं सहायता वितरण की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए अद्यतन पारिवारिक आंकड़ों का उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है।
◆ सहयोग शिविर से प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें: 
जिलाधिकारी ने सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराया जा सके।
◆ बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।
#ReviewMeeting 
#DM
#saran 
#chapra 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

◆◆ *जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ एवं अंचलाधिकारियों के साथ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक, प्रतिदिन सुबह 10 बजे होगी समीक्षा* छपरा, 03 जून 2026 ◆ जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने आज जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर विभिन्न विकासात्मक, जनकल्याणकारी एवं आपदा पूर्व तैयारी से संबंधित कार्यों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ◆ बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि अब सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचलाधिकारियों के साथ प्रतिदिन प्रातः 10 बजे संक्षिप्त समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि विभिन्न योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके तथा समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। ◆ जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने तथा सरकारी योजनाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों का प्रभावी एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों की सक्रियता एवं नियमित क्षेत्रीय भ्रमण से योजनाओं का लाभ आम जनता तक बेहतर ढंग से पहुंचाया जा सकेगा। ◆ संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारी को लेकर विशेष निर्देश: ●जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी बीडीओ एवं सीओ को अपने-अपने प्रखंडों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ अनिवार्य रूप से बैठक आयोजित करने तथा उनसे प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की स्थानीय जानकारी एवं सुझाव आपदा प्रबंधन की तैयारी को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगे। ● खराब चापाकलों एवं नल-जल योजनाओं की स्थिति का सत्यापन करें. बैठक में जानकारी दी गई कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) द्वारा जिले में लगभग 1800 खराब चापाकलों की मरम्मत की गई है। जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ एवं सीओ को निर्देश दिया कि वे जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इस संबंध में फीडबैक लें तथा यदि कहीं अभी भी चापाकल खराब हैं तो उनकी सूची प्राथमिकता के आधार पर प्राप्त कर शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित कराएं। ● उन्होंने नल-जल योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन योजनाओं का संचालन प्रभावित है अथवा जो अक्रियाशील हैं, उनकी अद्यतन जानकारी भी जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय स्तर से प्राप्त कर उपलब्ध कराई जाए, ताकि पीएचईडी विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा सके। ●तटबंधों की सुरक्षा एवं कटाव निरोधी कार्यों का भौतिक सत्यापन करें: जिलाधिकारी ने बताया कि चिन्हित आक्राम्य स्थलों के समीप आवश्यक बाढ़ एवं कटाव निरोधी सामग्रियों जैसे जिओ बैग, बालू आदि का भंडारण 01 जून से किया जाना है। उन्होंने सभी बीडीओ एवं सीओ को निर्देश दिया कि वे ऐसे स्थलों का संयुक्त रूप से भौतिक सत्यापन करें तथा सामग्री की उपलब्धता एवं तैयारी की स्थिति से संबंधित संयुक्त प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को भेजना सुनिश्चित करें। ● जिलाधिकारी ने आपदा संपूर्ति पोर्टल पर पारिवारिक सूची को 15 जून तक अद्यतन कराने का निदेश सभी अंचलाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत एवं सहायता वितरण की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए अद्यतन पारिवारिक आंकड़ों का उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। ◆ सहयोग शिविर से प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी ने सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराया जा सके। ◆ बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े रहे। #ReviewMeeting #DM #saran #chapra Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Saharsa, Bihar | Jun 3, 2026

◆◆ *बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत सारण के डिग्री कॉलेज विहीन सभी प्रखंडों में 01 जुलाई से  डिग्री कॉलेज का होगा संचालन*

 *​जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक*
◆ *​वर्तमान में 11 प्रखंडों में संचालित हैं डिग्री कॉलेज, शेष 9 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज के संचालन को लेकर तैयारी तेज*
◆ *​तात्कालिक व्यवस्था के तहत चिन्हित विद्यालय भवनों में शुरू होगा पठन-पाठन, बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का निर्देश*
◆ *​LAEO और भवन निर्माण विभाग को 2 दिनों में प्राक्कलन (Estimate) तैयार करने तथा 20 जून तक सभी कार्य पूर्ण करने का निदेश*

​छपरा, 03 जून 2026

◆ बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के  महत्वपूर्ण निर्णय के आलोक में सारण जिला के सभी प्रखंडों में उच्च शिक्षा की सुलभता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 01 जुलाई 2026 से जिले के सभी डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में कॉलेजों का सफल संचालन सुनिश्चित करना है।
◆ सारण जिला के कुल 11 प्रखंडों में पहले से ही डिग्री कॉलेजों का संचालन सुचारू रूप से हो रहा है। सात निश्चय-3 के तहत, शेष बचे सभी 9 प्रखंडों में आगामी 01 जुलाई 2026 से डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन सभी 9 प्रखंडों-​तरैया,​मकेर,​एकमा,दरियापुर,​मढ़ौरा,मशरख,​लहलादपुर,​पानापुर एवं ​इसुआपुर में
 शैक्षणिक सत्र को समय पर शुरू करने के लिए तात्कालिक व्यवस्था की गई है। इसके तहत उपयुक्त विद्यालय भवनों के कमरों को चिन्हित किया जा चुका है, जहाँ अस्थाई रूप से कॉलेजों का संचालन शुरू किया जाएगा।
​◆ ​चिन्हित किए गए विद्यालय भवनों में छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) और भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को दो दिनों के भीतर चिन्हित भवनों में आवश्यक कार्यों के आधार पर प्राक्कलन तैयार कर उच्च प्राथमिकता के साथ कार्रवाई शुरू करने का स्पष्ट निदेश दिया है।
◆ ​बुनियादी सुविधाएं: भवनों की आवश्यकतानुसार मरम्मत, रंग-रोगन, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, शुद्ध पेयजल और आवश्यकतानुसार बिजली वायरिंग की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए।
​◆ जिलाधिकारी ने स्पष्ट हिदायत दी है कि 20 जून 2026 तक बुनियादी ढांचे से जुड़े सभी आवश्यक कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण हो जाने चाहिए।
​◆  इस पूरे अभियान की सफलता के लिए संबंधित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और प्रखंडों के वरीय प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यों की प्रतिदिन  मॉनिटरिंग करेंगे और प्रगति रिपोर्ट सुनिश्चित करेंगे।
​◆ बैठक में उप विकास आयुक्त , अपर समाहर्ता , जिला शिक्षा पदाधिकारी , जिला पंचायत राज पदाधिकारी , निदेशक एनईपी  सहित संबंधित प्रखंडों के वरीय प्रभारी अधिकारी, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता LAEO  भौतिक रूप से उपस्थित थे। इसके साथ ही, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग  के माध्यम से सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी  और अंचलाधिकारी भी बैठक से सीधे जुड़े रहे।
​#सातनिश्चय3
#degreecollege 
#blocklevel 
#ReviewMeeting 
#DM 
#saran 
#chapra 
Bihar Education Department 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

◆◆ *बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत सारण के डिग्री कॉलेज विहीन सभी प्रखंडों में 01 जुलाई से डिग्री कॉलेज का होगा संचालन* *​जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक* ◆ *​वर्तमान में 11 प्रखंडों में संचालित हैं डिग्री कॉलेज, शेष 9 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज के संचालन को लेकर तैयारी तेज* ◆ *​तात्कालिक व्यवस्था के तहत चिन्हित विद्यालय भवनों में शुरू होगा पठन-पाठन, बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का निर्देश* ◆ *​LAEO और भवन निर्माण विभाग को 2 दिनों में प्राक्कलन (Estimate) तैयार करने तथा 20 जून तक सभी कार्य पूर्ण करने का निदेश* ​छपरा, 03 जून 2026 ◆ बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के महत्वपूर्ण निर्णय के आलोक में सारण जिला के सभी प्रखंडों में उच्च शिक्षा की सुलभता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 01 जुलाई 2026 से जिले के सभी डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में कॉलेजों का सफल संचालन सुनिश्चित करना है। ◆ सारण जिला के कुल 11 प्रखंडों में पहले से ही डिग्री कॉलेजों का संचालन सुचारू रूप से हो रहा है। सात निश्चय-3 के तहत, शेष बचे सभी 9 प्रखंडों में आगामी 01 जुलाई 2026 से डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन सभी 9 प्रखंडों-​तरैया,​मकेर,​एकमा,दरियापुर,​मढ़ौरा,मशरख,​लहलादपुर,​पानापुर एवं ​इसुआपुर में शैक्षणिक सत्र को समय पर शुरू करने के लिए तात्कालिक व्यवस्था की गई है। इसके तहत उपयुक्त विद्यालय भवनों के कमरों को चिन्हित किया जा चुका है, जहाँ अस्थाई रूप से कॉलेजों का संचालन शुरू किया जाएगा। ​◆ ​चिन्हित किए गए विद्यालय भवनों में छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) और भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को दो दिनों के भीतर चिन्हित भवनों में आवश्यक कार्यों के आधार पर प्राक्कलन तैयार कर उच्च प्राथमिकता के साथ कार्रवाई शुरू करने का स्पष्ट निदेश दिया है। ◆ ​बुनियादी सुविधाएं: भवनों की आवश्यकतानुसार मरम्मत, रंग-रोगन, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, शुद्ध पेयजल और आवश्यकतानुसार बिजली वायरिंग की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए। ​◆ जिलाधिकारी ने स्पष्ट हिदायत दी है कि 20 जून 2026 तक बुनियादी ढांचे से जुड़े सभी आवश्यक कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण हो जाने चाहिए। ​◆ इस पूरे अभियान की सफलता के लिए संबंधित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और प्रखंडों के वरीय प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करेंगे और प्रगति रिपोर्ट सुनिश्चित करेंगे। ​◆ बैठक में उप विकास आयुक्त , अपर समाहर्ता , जिला शिक्षा पदाधिकारी , जिला पंचायत राज पदाधिकारी , निदेशक एनईपी सहित संबंधित प्रखंडों के वरीय प्रभारी अधिकारी, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता LAEO भौतिक रूप से उपस्थित थे। इसके साथ ही, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी भी बैठक से सीधे जुड़े रहे। ​#सातनिश्चय3 #degreecollege #blocklevel #ReviewMeeting #DM #saran #chapra Bihar Education Department Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Saharsa, Bihar | Jun 3, 2026

◆◆ *सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें : प्रभारी सचिव*

◆◆ *पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही अधिकांश समस्याओं का करें समाधान, लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी*

छपरा, 02 जून 2026

◆ सारण जिले में बिहार सरकार की अभिनव पहल "सहयोग शिविर" के प्रभावी संचालन एवं प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा को लेकर आज प्रभारी सचिव, सारण सह प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार श्री पंकज कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
◆ समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक सहयोग शिविर के तहत कुल 8,430 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 7,342 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं 391 आवेदन विभिन्न कारणों से अस्वीकृत किए गए हैं तथा 697 आवेदन लंबित हैं, जिनके शीघ्र निष्पादन की कार्रवाई जारी है।
◆ प्राप्त आवेदनों में अधिकांश मामले भूमि एवं राजस्व विभाग, राशन कार्ड, शौचालय सहायता राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं से संबंधित हैं। प्रभारी सचिव ने इन मामलों के निष्पादन की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए लंबित आवेदनों के त्वरित निपटारे का निर्देश दिया।
◆ उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण जनोन्मुखी पहल है, जिसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घर के निकट ही उपलब्ध कराना है। ऐसे में सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय या अन्य कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े तथा अधिकतम मामलों का निष्पादन पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही किया जाए।
◆ प्रभारी सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभागों से संबंधित सेवाओं का सतत एवं प्रभावी निष्पादन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकांश समस्याओं का समाधान पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही संभव है। यदि किसी स्तर पर शिथिलता, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब पाया जाता है तो संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
◆ उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर हो। इसलिए सभी विभाग लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र आवेदक को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई न हो।
◆ बैठक में विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि जमीनी स्तर पर सेवाओं के निष्पादन में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। प्रभारी सचिव ने कहा कि जहां कहीं भी कार्य निष्पादन में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया जाएगा, वहां संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
◆ उन्होंने सभी वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से अपने आवंटित प्रखंडों एवं पंचायतों का भ्रमण कर सहयोग शिविरों के संचालन, प्राप्त आवेदनों के निष्पादन तथा लाभार्थियों को सेवाओं की उपलब्धता की निगरानी करें। साथ ही विभागीय पदाधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि वे समन्वित रूप से कार्य करते हुए शिकायतों एवं आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
◆ बैठक में जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता (विधि-व्यवस्था), अपर समाहर्त्ता (विभागीय जांच), सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
◆ बैठक के अंत में प्रभारी सचिव ने कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से सरकार आम लोगों तक सीधे पहुंच रही है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था के तहत प्राप्त हो।
#सहयोग #शिविर
#ReviewMeeting 
#secretaryincharge 
#saran 
#chapra 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

◆◆ *सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें : प्रभारी सचिव* ◆◆ *पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही अधिकांश समस्याओं का करें समाधान, लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी* छपरा, 02 जून 2026 ◆ सारण जिले में बिहार सरकार की अभिनव पहल "सहयोग शिविर" के प्रभावी संचालन एवं प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा को लेकर आज प्रभारी सचिव, सारण सह प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार श्री पंकज कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ◆ समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक सहयोग शिविर के तहत कुल 8,430 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 7,342 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं 391 आवेदन विभिन्न कारणों से अस्वीकृत किए गए हैं तथा 697 आवेदन लंबित हैं, जिनके शीघ्र निष्पादन की कार्रवाई जारी है। ◆ प्राप्त आवेदनों में अधिकांश मामले भूमि एवं राजस्व विभाग, राशन कार्ड, शौचालय सहायता राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं से संबंधित हैं। प्रभारी सचिव ने इन मामलों के निष्पादन की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए लंबित आवेदनों के त्वरित निपटारे का निर्देश दिया। ◆ उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण जनोन्मुखी पहल है, जिसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घर के निकट ही उपलब्ध कराना है। ऐसे में सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय या अन्य कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े तथा अधिकतम मामलों का निष्पादन पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही किया जाए। ◆ प्रभारी सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभागों से संबंधित सेवाओं का सतत एवं प्रभावी निष्पादन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकांश समस्याओं का समाधान पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही संभव है। यदि किसी स्तर पर शिथिलता, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब पाया जाता है तो संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ◆ उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर हो। इसलिए सभी विभाग लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र आवेदक को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई न हो। ◆ बैठक में विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि जमीनी स्तर पर सेवाओं के निष्पादन में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। प्रभारी सचिव ने कहा कि जहां कहीं भी कार्य निष्पादन में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया जाएगा, वहां संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ◆ उन्होंने सभी वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से अपने आवंटित प्रखंडों एवं पंचायतों का भ्रमण कर सहयोग शिविरों के संचालन, प्राप्त आवेदनों के निष्पादन तथा लाभार्थियों को सेवाओं की उपलब्धता की निगरानी करें। साथ ही विभागीय पदाधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि वे समन्वित रूप से कार्य करते हुए शिकायतों एवं आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। ◆ बैठक में जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता (विधि-व्यवस्था), अपर समाहर्त्ता (विभागीय जांच), सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। ◆ बैठक के अंत में प्रभारी सचिव ने कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से सरकार आम लोगों तक सीधे पहुंच रही है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था के तहत प्राप्त हो। #सहयोग #शिविर #ReviewMeeting #secretaryincharge #saran #chapra Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Saharsa, Bihar | Jun 2, 2026

◆◆ *​संभावित बाढ़ / सुखाड़ से संबंधित पूर्व तैयारियों को लेकर प्रभारी सचिव की अध्यक्षता में  समीक्षा बैठक*

​छपरा, 02 जून 2026

◆ संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई पूर्व तैयारियों एवं कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा हेतु समाहरणालय सभाकक्ष में प्रभारी सचिव सह प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग की अध्यक्षता में  महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। 
◆जिलाधिकारी ने पावर पॉइंट के माध्यम से तैयारियों के संबंध में एक एक कर जानकारी दी।
◆  विगत 5 वर्षों के वर्षापात के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन की व्यापक योजना तैयार की गई है। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार बाढ़ आपदा मानव संसाधन एवं क्रियान्वयन के तहत सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
​◆ जिला स्तर पर सभी आवश्यक संसाधनों की विस्तृत मैपिंग की गई।
● जिला में 31,881 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध है तथा प्रमंडल का नोडल जिला होने के नाते आवश्यकतानुसार अन्य जिलों को पॉलिथीन शीट की आपूर्ति करने के लिए निविदा के माध्यम से दर एवं अपूर्त्तिकर्त्ता का निर्धारण किया गया है। इसके साथ ही लाइफ जैकेट्स तथा महाजाल की आपूर्ति हेतु भी निविदा के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इन सामग्रियों की ससमय आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु निविदा के माध्यम से आदेश निर्गत किये गये हैं।
◆ ​नावों का परिचालन: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित आवागमन एवं बचाव कार्यों के लिए 203 निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा कर तैयार स्थिति में रखा गया है।
◆ ​खाद्यान्न एवं ड्राई राशन पैकेट: आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों के लिए ड्राई राशन पैकेट तथा फूड पैकेट्स  तैयार करने हेतु पैकेटिंग के लिए स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं।
◆ ​राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई: बाढ़ पीड़ितों के आश्रय हेतु कुल 199 बाढ़ राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही, शुद्ध व गर्म भोजन की व्यवस्था के लिए 178 सामुदायिक रसोई स्थल भी चिन्हित किये गये हैं।
◆ ​अनुग्रहिक अनुदान (GR): बाढ़ प्रभावित पात्र परिवारों को आपदा संपूर्ति पोर्टल के माध्यम से सीधे बैंक खाते में 7000 रुपये प्रति परिवार की दर से अनुग्रहिक अनुदान राशि अंतरित करने हेतु परिवारों के सत्यापन की प्रक्रिया को अग्रिम रूप से अद्यतन किया जा रहा है।
​◆  तटबंधों की सुरक्षा 
​तटबंधों की स्थिति : बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कुल चिन्हित मुख्य स्थलों में से 10 में से 5 स्थलों पर कार्य पूर्ण कर लिया गया है, तथा शेष 5 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है, जिसे 15 जून तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। मकेर के हैज़लपुर (गंडक नदी) में तथा सोनपुर के सबलपुर पश्चिमी (गंगा नदी) में जारी बाढ़ सुरक्षा कार्यों में अतिरिक्त संसाधन लगाकर काम को तेजी से पूरा करने का निदेश दिया गया।
◆ ​नल-जल एवं पेयजल आपूर्ति: जिले की कुल 4,298 नल-जल योजनाओं में से लगभग 500 योजनाओं में कुछ दिक्कत की जानकारी दी गई थी जिन्हें आवश्यक मरम्मती के उपरांत क्रियाशील किया गया है।​
● पेयजल  हेल्पलाइन: पेयजल से संबंधित नल जल या चापाकलों की त्वरित मरम्मत हेतु विशेष हेल्पलाइन नंबर 06152-244791 जारी किया गया है, जो सुबह 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक क्रियाशील रहकर शिकायतों का निवारण कर रहा है।
◆ चिकित्सा एवं पशु स्वास्थ्य प्रबंधन: 
●स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 162 स्टेटिक मेडिकल टीमें (Static Teams) तथा 52 मोबाइल मेडिकल टीमें (Mobile Teams) गठित की गई हैं, जो आवश्यक दवाइयों के पर्याप्त स्टॉक के साथ मुस्तैद रहेंगी।
● ​पशु राहत शिविर: बाढ़ के दौरान मवेशियों के चारे और चिकित्सा के लिए जिले में कुल 32 पशु राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं।
◆ ​जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (नियंत्रण कक्ष): किसी भी आपातकालीन सूचना अथवा सहायता के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित है, जिसका दूरभाष संख्या 06152-245023 है। यह नियंत्रण कक्ष 24X7 (चौबीसों घंटे) कार्यरत है।
◆ ​कृषि एवं सुखाड़ की तैयारी: सुखाड़ की संभावना को देखते हुए किसानों की सहायता के लिए डीजल अनुदान (Diesel Subsidy) तथा आकस्मिक फसल योजना के तहत वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तैयारी मुकम्मल कर ली गई है। 
◆ राजकीय नलकूपों के संदर्भ में बताया गया कि जिला में 159 नलकूप चालू अवस्था में हैं तथा 171 नलकूप विभिन्न कारणों से बंद हैं। सभी बंद नलकूपों की प्राथमिकता से मरम्मती कराकर क्रियाशील करने का निदेश दिया गया।
◆ बैठक में जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव, वरीय पुलिस अधीक्षक,  उप विकास आयुक्त श्री लक्ष्मण तिवारी, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था श्री प्रमोद कुमार पांडे, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा भूमि सुधार उपसमाहर्ता उपस्थित थे।
#DisasterManagement 
#floodanddrought 
#ReviewMeeting 
#secretaryincharge 
#saran 
#chapra
Disaster Management Department Govt. of Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

◆◆ *​संभावित बाढ़ / सुखाड़ से संबंधित पूर्व तैयारियों को लेकर प्रभारी सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक* ​छपरा, 02 जून 2026 ◆ संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई पूर्व तैयारियों एवं कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा हेतु समाहरणालय सभाकक्ष में प्रभारी सचिव सह प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। ◆जिलाधिकारी ने पावर पॉइंट के माध्यम से तैयारियों के संबंध में एक एक कर जानकारी दी। ◆ विगत 5 वर्षों के वर्षापात के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन की व्यापक योजना तैयार की गई है। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार बाढ़ आपदा मानव संसाधन एवं क्रियान्वयन के तहत सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ​◆ जिला स्तर पर सभी आवश्यक संसाधनों की विस्तृत मैपिंग की गई। ● जिला में 31,881 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध है तथा प्रमंडल का नोडल जिला होने के नाते आवश्यकतानुसार अन्य जिलों को पॉलिथीन शीट की आपूर्ति करने के लिए निविदा के माध्यम से दर एवं अपूर्त्तिकर्त्ता का निर्धारण किया गया है। इसके साथ ही लाइफ जैकेट्स तथा महाजाल की आपूर्ति हेतु भी निविदा के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इन सामग्रियों की ससमय आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु निविदा के माध्यम से आदेश निर्गत किये गये हैं। ◆ ​नावों का परिचालन: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित आवागमन एवं बचाव कार्यों के लिए 203 निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा कर तैयार स्थिति में रखा गया है। ◆ ​खाद्यान्न एवं ड्राई राशन पैकेट: आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों के लिए ड्राई राशन पैकेट तथा फूड पैकेट्स तैयार करने हेतु पैकेटिंग के लिए स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं। ◆ ​राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई: बाढ़ पीड़ितों के आश्रय हेतु कुल 199 बाढ़ राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही, शुद्ध व गर्म भोजन की व्यवस्था के लिए 178 सामुदायिक रसोई स्थल भी चिन्हित किये गये हैं। ◆ ​अनुग्रहिक अनुदान (GR): बाढ़ प्रभावित पात्र परिवारों को आपदा संपूर्ति पोर्टल के माध्यम से सीधे बैंक खाते में 7000 रुपये प्रति परिवार की दर से अनुग्रहिक अनुदान राशि अंतरित करने हेतु परिवारों के सत्यापन की प्रक्रिया को अग्रिम रूप से अद्यतन किया जा रहा है। ​◆ तटबंधों की सुरक्षा ​तटबंधों की स्थिति : बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कुल चिन्हित मुख्य स्थलों में से 10 में से 5 स्थलों पर कार्य पूर्ण कर लिया गया है, तथा शेष 5 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है, जिसे 15 जून तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। मकेर के हैज़लपुर (गंडक नदी) में तथा सोनपुर के सबलपुर पश्चिमी (गंगा नदी) में जारी बाढ़ सुरक्षा कार्यों में अतिरिक्त संसाधन लगाकर काम को तेजी से पूरा करने का निदेश दिया गया। ◆ ​नल-जल एवं पेयजल आपूर्ति: जिले की कुल 4,298 नल-जल योजनाओं में से लगभग 500 योजनाओं में कुछ दिक्कत की जानकारी दी गई थी जिन्हें आवश्यक मरम्मती के उपरांत क्रियाशील किया गया है।​ ● पेयजल हेल्पलाइन: पेयजल से संबंधित नल जल या चापाकलों की त्वरित मरम्मत हेतु विशेष हेल्पलाइन नंबर 06152-244791 जारी किया गया है, जो सुबह 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक क्रियाशील रहकर शिकायतों का निवारण कर रहा है। ◆ चिकित्सा एवं पशु स्वास्थ्य प्रबंधन: ●स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 162 स्टेटिक मेडिकल टीमें (Static Teams) तथा 52 मोबाइल मेडिकल टीमें (Mobile Teams) गठित की गई हैं, जो आवश्यक दवाइयों के पर्याप्त स्टॉक के साथ मुस्तैद रहेंगी। ● ​पशु राहत शिविर: बाढ़ के दौरान मवेशियों के चारे और चिकित्सा के लिए जिले में कुल 32 पशु राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं। ◆ ​जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (नियंत्रण कक्ष): किसी भी आपातकालीन सूचना अथवा सहायता के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित है, जिसका दूरभाष संख्या 06152-245023 है। यह नियंत्रण कक्ष 24X7 (चौबीसों घंटे) कार्यरत है। ◆ ​कृषि एवं सुखाड़ की तैयारी: सुखाड़ की संभावना को देखते हुए किसानों की सहायता के लिए डीजल अनुदान (Diesel Subsidy) तथा आकस्मिक फसल योजना के तहत वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तैयारी मुकम्मल कर ली गई है। ◆ राजकीय नलकूपों के संदर्भ में बताया गया कि जिला में 159 नलकूप चालू अवस्था में हैं तथा 171 नलकूप विभिन्न कारणों से बंद हैं। सभी बंद नलकूपों की प्राथमिकता से मरम्मती कराकर क्रियाशील करने का निदेश दिया गया। ◆ बैठक में जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव, वरीय पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त श्री लक्ष्मण तिवारी, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था श्री प्रमोद कुमार पांडे, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा भूमि सुधार उपसमाहर्ता उपस्थित थे। #DisasterManagement #floodanddrought #ReviewMeeting #secretaryincharge #saran #chapra Disaster Management Department Govt. of Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Saharsa, Bihar | Jun 2, 2026