ग्रिज़ली विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता सप्ताह के तहत विविध प्रतियोगिताएँ, विद्यार्थियों ने लिया तंबाकू मुक्त समाज का संकल्प
तिलैया डैम स्थित ग्रिज़ली विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विद्यार्थियों के बीच नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यालय के सीसीए विभाग की समन्वयक प्रीति जगनानी के नेतृत्व में शालिनी सिन्हा, फारिया सबा, आर.डी. पाण्डेय तथा संजय कुमार राय के सहयोग से आयोजित इन कार्यक्रमों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता का विषय "नशामुक्त जीवन एवं सकारात्मक जीवन-मूल्य" रखा गया। प्रतियोगिता के प्रभारी संजय कुमार राय थे। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता में उजेशा मंडल ने प्रथम, नंदिनी कुमारी ने द्वितीय तथा साक्षी प्रसाद ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इसी क्रम में हिंदी विभागाध्यक्ष आर.डी. पाण्डेय द्वारा "मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, उनकी रोकथाम एवं युवाओं की भूमिका" विषय पर हिंदी निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने विषय की गंभीरता को समझते हुए विचारोत्तेजक एवं जागरूकतापरक लेख प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में श्रेया विजय जायसवाल ने प्रथम, वत्सल सिन्हा ने द्वितीय तथा निशांत राज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं शालिनी सिन्हा के मार्गदर्शन में "मादक पदार्थों का दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी" विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नशीले पदार्थों से संबंधित तथ्यों एवं जागरूकता का विकास करना था। इस प्रतियोगिता में सुहाना कुमारी ने प्रथम, रंजन कुमार ने द्वितीय तथा रिद्धि कौशिक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विद्यालय के सीईओ प्रकाश गुप्ता ने कहा कि युवा वर्ग देश की सबसे बड़ी शक्ति है और उन्हें किसी भी प्रकार के नशे एवं तंबाकू से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास को सामाजिक बुराइयों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
विद्यालय की प्राचार्या अंजना कुमारी ने अपने संदेश में कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर अनुशासित, स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जागरूकता ही नशामुक्त समाज के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने तथा विद्यालय परिसर को तंबाकू मुक्त बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को विद्यालय सभा में पुरस्कृत कर उनके प्रयासों की सराहना की गई।
कार्यक्रम का समापन नशामुक्त समाज के निर्माण, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा जन-जागरूकता फैलाने के सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं नशा मुक्त भारत के निर्माण के संदेश को सशक्त रूप से प्रसारित करने में सफल रहा।