गिरल आंदोलन में मजदूर की मौत के बाद बनी सहमति, परिजनों को 27 लाख मुआवजा, नौकरी और मकान मिलेगा
बाड़मेर। बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान एक मजदूर की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद शुक्रवार शाम महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया। धरने पर बैठे मजदूर जैसाराम की तबीयत बिगड़ने से गुरुवार को मौत हो गई थी। इसके बाद शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए और सरकार व प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि जब तक मृतक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा और उनकी मांगों पर निर्णय नहीं होगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
शुक्रवार शाम कैबिनेट मंत्री के.के. विश्नोई और चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल की मध्यस्थता में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और परिजनों के बीच वार्ता हुई। लंबी बातचीत के बाद मृतक जैसाराम के परिवार को 27 लाख रुपए का मुआवजा, उनकी पत्नी और दोनों बेटों को नौकरी तथा परिवार के लिए मकान बनवाने पर सहम�