थरथरी: भतहर में आयुर्वेदिक अस्पताल का अस्तित्व समाप्त, ग्रामीणों ने बनाया मवेशियों का अड्डा <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamasya nis:value=jansamasya nis:enabled=true nis:link/>
आजादी के मात्र नौ साल बाद ही यानी 1956 ई0 में थरथरी प्रखंड के भतहर गाँव में लोगों को स्वस्थ सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए आयुर्वेद अस्पताल की स्थापना की। यह अस्पताल कुल 30 डिसमिल में चार कमरा में चल रहा था। उस समय क्षेत्र के 30 से अधिक गांव के लोगों इस अस्पताल से पुरा लाभ मिला करता था। उस समय डाक्टर के साथ साथ अस्पताल के भवन का रख रखाव अच्छा था।