मझगवां: गरीबी की भेंट चढ़ रही मासूम ज्योति, मजबूर पिता लगा रहा जिंदगी बचाने की गुहार
मझगवां - साहब.. मेरी बिटिया को बचा लीजिए, वह दर्द से तड़पती है तो मेरा कलेजा फट जाता है, पर मेरी गरीबी मुझे कुछ करने नहीं देती। यह करुण पुकार है मझगवां ब्लॉक अंतर्गत केल्हौरा गांव के रहने वाले विनोद यादव की जिसकी डेढ़ साल की मासूम बेटी ज्योति आज अस्पताल की चौखटों से दुत्कारे जाने के बाद घर के बिस्तर पर बोझिल सांसे ले रही है। 18 महीने की ज्योति का वजन मात्र 4