Public App Logo
Jansamasya
News
Bjp
National
Police
Bihar
बिहार
India
कांग्रेस
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Jharkhand
Rajasthan
Bollywood
Patna
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Cm
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh
Haryana
Uttarakhand
Crimenews
Aap

रणथंभौर में मगरमच्छ से गाय को छुड़ाने शाहिद ने दिखाई हिम्मत.... रणथंभौर में होटल के पास स्थित तालाब में पानी पीने गई एक गाय को मगरमच्छ ने पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोग सहम गए, लेकिन होटल में कार्यरत शाहिद ने अपनी जान की परवाह किए बिना साहस दिखाया और कड़ी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। शाहिद की बहादुरी और इंसानियत को सलाम।" 🐄

Bhiwani, Bhiwani | Jun 19, 2026

MORE NEWS

कानून ने पत्नी माना, इसलिए ₹21 लाख का चेक मिल गया .. अब चर्चा इस बात की है कि पत्नी का अधिकार मिला तो क्या पत्नी का फर्ज भी निभाया गया ..?

असम के जोरहाट में पिछले दिनों भारतीय वायुसेना का विमान क्रैश हुआ .. पांच जवान शहीद हुए, इनमें फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार भी थे .. बिहार सरकार की तरफ से 21 लाख रुपए का चेक श्रेया राय को सौंपा गया .. श्रेया श्राद्धकर्म से पहले ही चेक लेकर अपने घर चली गई ..

दरअसल, शुभम और श्रेया की अगले साल शादी होनी थी .. लेकिन दोनों अपने-अपने घर वालों से छुपा कर कोर्ट मैरिज कर चुके थे, यह जानकारी शुभम की फैमिली को नहीं थी .. इसलिए कानूनन तौर पर सरकार ने श्रेया को शुभम की पत्नी मानकर सहायता दी ..

शुभम के पिता अमरेंद्र शर्मा कहते हैं, "अगर मेरे बेटे ने सच में श्रेया से शादी की थी तो वह मेरी बहू है और चेक पाने की हकदार भी, लेकिन पत्नी का फर्ज निभाना भी तो चाहिए था .. पति के श्राद्धकर्म से पहले ही वो चेक लेकर अपने घर चली गई .."

चेक देने से पहले श्रेया के डॉक्यूमेंट देखे थे जिसमें पति का नाम हो।

जिन माता पिता ने पाला पोसा जिनके घर का चिराग चला गया  उनको क्या मिला ।

कानून ने पत्नी माना, इसलिए ₹21 लाख का चेक मिल गया .. अब चर्चा इस बात की है कि पत्नी का अधिकार मिला तो क्या पत्नी का फर्ज भी निभाया गया ..? असम के जोरहाट में पिछले दिनों भारतीय वायुसेना का विमान क्रैश हुआ .. पांच जवान शहीद हुए, इनमें फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार भी थे .. बिहार सरकार की तरफ से 21 लाख रुपए का चेक श्रेया राय को सौंपा गया .. श्रेया श्राद्धकर्म से पहले ही चेक लेकर अपने घर चली गई .. दरअसल, शुभम और श्रेया की अगले साल शादी होनी थी .. लेकिन दोनों अपने-अपने घर वालों से छुपा कर कोर्ट मैरिज कर चुके थे, यह जानकारी शुभम की फैमिली को नहीं थी .. इसलिए कानूनन तौर पर सरकार ने श्रेया को शुभम की पत्नी मानकर सहायता दी .. शुभम के पिता अमरेंद्र शर्मा कहते हैं, "अगर मेरे बेटे ने सच में श्रेया से शादी की थी तो वह मेरी बहू है और चेक पाने की हकदार भी, लेकिन पत्नी का फर्ज निभाना भी तो चाहिए था .. पति के श्राद्धकर्म से पहले ही वो चेक लेकर अपने घर चली गई .." चेक देने से पहले श्रेया के डॉक्यूमेंट देखे थे जिसमें पति का नाम हो। जिन माता पिता ने पाला पोसा जिनके घर का चिराग चला गया उनको क्या मिला ।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 19, 2026