अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट की मौत पर बवाल! परिजनों ने कहा- ‘यह आत्महत्या नहीं, हत्या है’, शव लेने से किया इंकार
50 लाख मुआवजा और आश्रित को नौकरी की मांग, सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा प्रभावित; पुलिस CCTV और सुसाइड नोट की जांच में जुटी
बोकारो। बोकारो सदर अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट बीरेंद्र महतो की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जहां शुरुआती जानकारी में इसे आत्महत्या बताया गया था, वहीं परिजनों ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे हत्या करार दिया है। विरोधस्वरूप परिजनों ने शव लेने और पोस्टमार्टम कराने से भी इंकार कर दिया, जिसके चलते अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
मृतक की पत्नी उर्मिला देवी का आरोप है कि उनके पति ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उनकी हत्या कर शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, आश्रित को नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
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