18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति कानून की दृष्टि में बच्चा है : सीजेएम भिवानी
जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) डॉ. गगनदीप कौर सिंह के मार्गदर्शन में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए पवन कुमार ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मानहेरु में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने बाल लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 और नशा एक जहर है, विषय पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर को भी संबोधित किया और विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं सुरक्षा प्रावधानों के प्रति जागरूक किया।
सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि बच्चे हमारे देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान हम सभी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शरीर हमारा अपना है। यदि कोई व्यक्ति आपकी इच्छा के विरुद्ध आपको छूने का प्रयास करे, आपको असहज महसूस कराए, गलत बातें करें, गलत तस्वीरें या वीडियो दिखाए, या किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार करे, तो यह गलत है। ऐसी स्थिति में आपको डरना नहीं है और न ही चुप रहना है। 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की दृष्टि में बच्चा है और ऐसे मामलों में नाबालिग की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं होता।