"उत्तराखंड में जब काबीना मंत्री और महिला जज ही सुरक्षित नहीं, तो आम महिलाएं कैसे रहें महफूज?" — गरिमा दसौनी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तावित 'लोकतंत्र बचाओ यात्रा' और उसमें सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के ऐलान पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने तीखा पलटवार किया है।
गरिमा दसौनी ने राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 9 हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड महिला अपराधों में शीर्ष पर पहुंच चुका है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा जान के खतरे की बात सोशल मीडिया पर साझा करने, सचिवालय में महिला कर्मी से अभद्रता, और हाल ही में एक महिला जज को रैपिडो चालक द्वारा धमकाए जाने के मामलों को लेकर उन्होंने सरकार की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा किया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सरकारी व निजी दफ्तरों में POSH (प्रिवेंशन ऑफ सेक्शुअल हैरेसमेंट) कमेटियों के न होने पर भी सवाल दागे।
पूरी बहस और बयान देखने के लिए वीडियो को अंत तक देखें। अपनी राय कमेंट बॉक्स में ज़रूर साझा करें।
#UttarakhandNews #GarimaDasauni #PushkarSinghDhami #WomensSafety #UttarakhandPolitics
डिस्क्लेमर : इस वीडियो में व्यक्त किए गए विचार एवं आरोप पूर्णतः संबंधित राजनीतिक दल के प्रवक्ता (गरिमा दसौनी) के निजी एवं आधिकारिक बयान हैं। Doon Horizon इन दावों और आरोपों की सत्यता की पुष्टि या समर्थन नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल राजनीतिक घटनाक्रमों एवं सभी पक्षों के विचारों को निष्पक्ष रूप से जनता तक पहुंचाना है।