जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक वॉयलेशन और पेंडिंग जुर्माने की वसूली से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी. कोर्ट को यह जानकारी दी गई कि देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 45,000 करोड़ रुपये के ई-चालान बकाया हैं, जिसमें से केवल 25,000 करोड़ रुपये ही वसूल हो पाए हैं. भारी-भरकम रकम के इस बैकलॉग को खत्म करने और लोगों में ट्रैफिक नियमों का डर पैदा करने के लिए ही कोर्ट ने ये कड़े सुझाव दिए हैं.
सुनवाई के दौरान जस्टिस पारदीवाला ने सुझाव दिया कि यदि कोई लंबे समय तक ट्रैफिक चालान नहीं चुकाता है, तो अधिकारियों को बिजली कनेक्शन काटने जैसे सख्त कदम उठाने पर विचार करना चाहिए. इसके अलावा बेंच ने रैंडम व्हीकल चेकिंग और उन गाड़ियों को जब्त करने की भी बात कही जिन पर पुराने चालान बकाया हैं. सुप्रीमकोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि जब तक बकाया जुर्माना नहीं भरा जाता, तब तक ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने, रजि