शिक्षक द्वारा शासकीय राशि के दुरुपयोग या वित्तीय अनियमितता के मामलों में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बीआरसी को जाँच को दी गई थी जांच जो आज सवालों के घेरे में है
*फर्जी बिल बाउचर लगाने वाले शिक्षक की जाँच और जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों की अवहेलना तय सीमा में जांच रिपोर्ट नहीं की प्रस्तुत*
*लवकुश नगर* विकास खंड अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला पंचमपुर में पदस्थ शिक्षक जगदीश प्रजापति द्वारा विगत 3 वर्ष से प्रभारी प्रधानाध्यापक के तौर पर कार्य कर रहे हैं जिनके द्वारा शासन से प्राप्त राशि रूपये 72000 शाला प्रबंधन हेतु आती है प्रभारी द्वारा सत्र 2023, 2024, एवं 2025-26 तीन वर्षों की राशि अपने निजी खाते में डालकर निकाल ली गई, विभाग को गुमराह करते हुए फर्जी बिल बाउचर लगाए गए, विगत 03 वर्ष से शाला में कोई भी कार्य नहीं कराया गया न ही कोई स्थाई सामग्री क्रय की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी कौशल सिंह ने बीआरसी लवकुश नगर को पत्र क्रमांक /3325- 22/04/2026 को जारी किया था जिसमें संबंधित शिक्षक की जांच कर 7 दिवस के अंदर कार्यालय में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का लेख किया गया था लेकिन 1 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आज दिनांक तक बीआरसी द्वारा संबंधित प्रधानाध्यापक की जांच कार्यालय में प्रस्तुत नहीं की गई है। जिसमें उल्लेख का था कि प्रधानाध्यापक कार्यवाही पूर्ण होने तक जगदीश प्रजापति प्राथमिक शिक्षक को संस्था के वित्तीय एवं प्रशासकीय प्रभार से मुक्त कर संस्था में पदस्थ अन्य शिक्षक को संस्था का समस्त प्रभार सौंपते हुए संलग्न शिकायती पत्र की जांच कर गुण - दोष के आधार पर सुसंगत दस्तावेज एवं अपने अभिमत सहित जाँच प्रतिवेदन 7 दिवस में जिला शिक्षा अधिकारी के समकक्ष जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना था, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है की मामला तो तब पेचीदा हो जाता है जब जाँच अधिकारी ही मामले को गुमराह कर मामले को निपटाने जैसे गंभीर आरोप लग जाए तो उच्च अधिकारीयों तक जाँच यथा स्थिति कैसे पहुंच पाएगी।
ज्ञात हो कि पूर्व में जिले के नौगांव में भी बीआरसी रहे हैं जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते बीआरसी पद से हटाया गया था।
*इनका कहना है* मामले की दुबारा से जांच करवाते है जो भी दोषी होगा कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। *जिला शिक्षा अधिकारी कौशल सिंह*