Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
Gujarat
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
मारपीट
Jharkhand
Up
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
कानपुर
Uttarpradesh
Haryana
मंत्री

समस्तीपुर: सदर अस्पताल में बुधवार से MCH भवन का आम मरीजों के लिये कर दिया जाएगा शुभारंभ, सिविल सर्जन ने की घोषणा #Samast

समस्तीपुर सदर अस्पताल में बुधवार से MCH भवन का आम मरीजों के लिये कर दिया जाएगा शुभारंभ, सिविल सर्जन ने की घोषणा #Samastipur #SadarHospital #HealthDepatment

MORE NEWS

विभाजन विभीषिका दिवस के  अवसर पर केंडल मार्च का आयोजन किया गया

विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर केंडल मार्च का आयोजन किया गया

Samastipur, Bihar | Aug 15, 2026

समस्तीपुर के बाज़ार  समिति में हल्दी में सीसा (लेड) की मिलावट रोकने हेतु जागरूकता अभियान आयोजित किया गया 

स्वास्थ्य विभाग, बिहार के खाद्य संरक्षा प्रकोष्ठ के सहयोग से तथा प्योर अर्थ इंडिया (Pure Earth India) एवं उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड द्वारा समस्तीपुर के बाज़ार समिति में हल्दी में सीसा (लेड) की मिलावट के प्रति व्यापारियों एवं विक्रेताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से "फूड सेफ्टी हेल्थ चेक" अभियान का आयोजन किया गया।
इस अभियान में खाद्य संरक्षा विभाग के अभिहित पदाधिकारी श्री अशोक कुमार सिन्हा के निर्देशन में समस्तीपुर के खाद्य संरक्षा  पदाधिकारी श्री रामा स्वामी वें.कट रमण शर्मा , प्योर अर्थ इंडिया के प्रोग्राम मैनेजर श्री पोंशियन केरकेट्टा, उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड के निदेशक श्री सौरभ समदर्शी तथा अन्य टीम सदस्यों ने भाग लिया।

अभियान के दौरान विक्रेताओं को हल्दी में सीसा (लेड) की मिलावट से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें बताया गया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित मानकों के अनुसार हल्दी में लेड की अधिकतम स्वीकार्य मात्रा 10 माइक्रोग्राम प्रति ग्राम (µg/g) है। इससे अधिक मात्रा मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न कर सकती है।

स्थल पर पोर्टेबल एक्स-रे फ्लोरेसेंस (pXRF) मशीन से हल्दी के नमूनों की जांच की गई। जांच के दौरान कुछ नमूनों में लीड (सीसा) मानक से अधिक पाये गये, जो निर्धारित मानक से कई गुना अधिक तथा अत्यंत चिंताजनक है।

जांच के दौरान यह भी देखा गया कि 50%  हल्दी की गांठों में अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में लेड पाया गया, जबकि 50% हल्दी की गांठें सुरक्षित पाई गई। इस आधार पर व्यापारियों को केवल विश्वसनीय एवं सुरक्षित स्रोतों से हल्दी की खरीद एवं बिक्री करने की सलाह दी गई।

खाद्य संरक्षा पदाधिकारी ने विक्रेताओं को यह भी अवगत कराया कि भविष्य में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक कानूनी कार्रवाई एवं दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

अभियान के अंत में सभी विक्रेताओं ने आश्वासन दिया कि वे भविष्य में सीसा (लेड) युक्त अथवा संदिग्ध गुणवत्ता वाली हल्दी एवं अन्य खाद्य उत्पादों का क्रय-विक्रय नहीं करेंगे तथा सुरक्षित एवं मानक अनुरूप खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में पूर्ण सहयोग देंगे।

समस्तीपुर के बाज़ार समिति में हल्दी में सीसा (लेड) की मिलावट रोकने हेतु जागरूकता अभियान आयोजित किया गया स्वास्थ्य विभाग, बिहार के खाद्य संरक्षा प्रकोष्ठ के सहयोग से तथा प्योर अर्थ इंडिया (Pure Earth India) एवं उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड द्वारा समस्तीपुर के बाज़ार समिति में हल्दी में सीसा (लेड) की मिलावट के प्रति व्यापारियों एवं विक्रेताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से "फूड सेफ्टी हेल्थ चेक" अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में खाद्य संरक्षा विभाग के अभिहित पदाधिकारी श्री अशोक कुमार सिन्हा के निर्देशन में समस्तीपुर के खाद्य संरक्षा पदाधिकारी श्री रामा स्वामी वें.कट रमण शर्मा , प्योर अर्थ इंडिया के प्रोग्राम मैनेजर श्री पोंशियन केरकेट्टा, उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड के निदेशक श्री सौरभ समदर्शी तथा अन्य टीम सदस्यों ने भाग लिया। अभियान के दौरान विक्रेताओं को हल्दी में सीसा (लेड) की मिलावट से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें बताया गया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित मानकों के अनुसार हल्दी में लेड की अधिकतम स्वीकार्य मात्रा 10 माइक्रोग्राम प्रति ग्राम (µg/g) है। इससे अधिक मात्रा मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न कर सकती है। स्थल पर पोर्टेबल एक्स-रे फ्लोरेसेंस (pXRF) मशीन से हल्दी के नमूनों की जांच की गई। जांच के दौरान कुछ नमूनों में लीड (सीसा) मानक से अधिक पाये गये, जो निर्धारित मानक से कई गुना अधिक तथा अत्यंत चिंताजनक है। जांच के दौरान यह भी देखा गया कि 50% हल्दी की गांठों में अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में लेड पाया गया, जबकि 50% हल्दी की गांठें सुरक्षित पाई गई। इस आधार पर व्यापारियों को केवल विश्वसनीय एवं सुरक्षित स्रोतों से हल्दी की खरीद एवं बिक्री करने की सलाह दी गई। खाद्य संरक्षा पदाधिकारी ने विक्रेताओं को यह भी अवगत कराया कि भविष्य में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक कानूनी कार्रवाई एवं दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। अभियान के अंत में सभी विक्रेताओं ने आश्वासन दिया कि वे भविष्य में सीसा (लेड) युक्त अथवा संदिग्ध गुणवत्ता वाली हल्दी एवं अन्य खाद्य उत्पादों का क्रय-विक्रय नहीं करेंगे तथा सुरक्षित एवं मानक अनुरूप खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में पूर्ण सहयोग देंगे।

Samastipur, Samastipur | Aug 14, 2026

समस्तीपुर: सदर अस्पताल में बुधवार से MCH भवन का आम मरीजों के लिये कर दिया जाएगा शुभारंभ, सिविल सर्जन ने की घोषणा #Samast - Samastipur News