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मुशहरी: शूटर गोविंद हत्याकांड: अपार्टमेंट के गार्ड ने किया बड़ा खुलासा

Musahri, Muzaffarpur | Jun 1, 2026

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एनएच पर चला प्रशासन का बुलडोजर, चांदनी चौक से दामोदरपुर तक अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई 🚨

मुजफ्फरपुर में जिला प्रशासन ने चांदनी चौक से दामोदरपुर तक एनएच किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाया। जेसीबी की मदद से आधा दर्जन घरों की चहारदीवारी और कई अस्थायी दुकानों के शेड हटाए गए। अभियान के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कुछ स्थानों पर विरोध भी देखने को मिला, लेकिन प्रशासन ने संयम और समझदारी से स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 76 वाहनों से कुल 1.86 लाख रुपये से अधिक जुर्माना वसूला। प्रशासन का कहना है कि एनएच को अतिक्रमण मुक्त बनाकर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

#Muzaffarpur #EncroachmentDrive #NHAction #TrafficManagement #NishaNews #BiharNews #MuzaffarpurUpdate #BreakingNews

एनएच पर चला प्रशासन का बुलडोजर, चांदनी चौक से दामोदरपुर तक अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई 🚨 मुजफ्फरपुर में जिला प्रशासन ने चांदनी चौक से दामोदरपुर तक एनएच किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाया। जेसीबी की मदद से आधा दर्जन घरों की चहारदीवारी और कई अस्थायी दुकानों के शेड हटाए गए। अभियान के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कुछ स्थानों पर विरोध भी देखने को मिला, लेकिन प्रशासन ने संयम और समझदारी से स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 76 वाहनों से कुल 1.86 लाख रुपये से अधिक जुर्माना वसूला। प्रशासन का कहना है कि एनएच को अतिक्रमण मुक्त बनाकर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। #Muzaffarpur #EncroachmentDrive #NHAction #TrafficManagement #NishaNews #BiharNews #MuzaffarpurUpdate #BreakingNews

Musahri, Muzaffarpur | Jun 11, 2026

वर्षों बाद हुए पाताल बाबा के दर्शन, दुमका के बासुकिनाथ शिवगंगा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

ज्येष्ठ माह के अधिकमास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर बासुकिनाथ स्थित शिवगंगा कुंड में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. शिवगंगा की सफाई के दौरान कुंड की तलहटी में विराजमान स्वयंभू पाताल महादेव (पाताल बाबा) के प्रकट होते ही दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बुधवार को सुदूर ग्रामीण इलाकों से पहुंचे हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान पाताल महादेव के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की.

वैदिक मंत्रोच्चार और षोडशोपचार विधि से हुआ पूजन -----
लंबी प्रतीक्षा के बाद पाताल महादेव के साक्षात दर्शन होने से शिव भक्तों में भारी उत्साह देखा गया. मंदिर के पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोडशोपचार विधि से भगवान का विशेष पूजन और भव्य श्रृंगार कराया गया. सुरक्षा बलों की सख्त मौजूदगी में श्रद्धालुओं ने बेहद सुगमतापूर्वक कुंड में उतरकर जलार्पण किया. श्रद्धालुओं का कहना था कि शिवगंगा में पुनः जल भर जाने के बाद पता नहीं कब उन्हें फिर से पाताल महादेव के दर्शन और कुंड में संकीर्तन का यह दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा.

300 वर्ष पुराना है पाताल बाबा का इतिहास ------
बासुकिनाथ शिवगंगा की तलहटी में स्थित यह प्राचीन कुंड करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है. इतिहास की मान्यताओं के अनुसार, लगभग 300 वर्ष पूर्व यहां यह स्वयंभू शिवलिंग प्रकट हुआ था, जिन्हें स्थानीय लोग ‘पाताल बाबा’ कहते हैं. ये अमूमन हमेशा जलमग्न रहते हैं और वर्षों बाद शिवगंगा की सफाई के समय ही इनके दर्शन होते हैं. स्थानीय लोगों और भक्तों के बीच यह अटूट मान्यता है कि वर्षों तक पानी के अंदर डूबे रहने के बावजूद बाबा पर चढ़ाई गई पुरानी पूजन सामग्री (बिल्वपत्र, पुष्प, अबीर) सड़ती-गलती नहीं है और पूरी तरह सुरक्षित रहती है. कुंड का पानी सूखने पर जब बाबा दिखते हैं, तो ऐसा लगता है मानो आज ही उनका श्रृंगार किया गया हो. श्रद्धालु इसे भगवान की दिव्य महिमा मानते हैं.

वर्षों बाद हुए पाताल बाबा के दर्शन, दुमका के बासुकिनाथ शिवगंगा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब ज्येष्ठ माह के अधिकमास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर बासुकिनाथ स्थित शिवगंगा कुंड में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. शिवगंगा की सफाई के दौरान कुंड की तलहटी में विराजमान स्वयंभू पाताल महादेव (पाताल बाबा) के प्रकट होते ही दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बुधवार को सुदूर ग्रामीण इलाकों से पहुंचे हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान पाताल महादेव के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की. वैदिक मंत्रोच्चार और षोडशोपचार विधि से हुआ पूजन ----- लंबी प्रतीक्षा के बाद पाताल महादेव के साक्षात दर्शन होने से शिव भक्तों में भारी उत्साह देखा गया. मंदिर के पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोडशोपचार विधि से भगवान का विशेष पूजन और भव्य श्रृंगार कराया गया. सुरक्षा बलों की सख्त मौजूदगी में श्रद्धालुओं ने बेहद सुगमतापूर्वक कुंड में उतरकर जलार्पण किया. श्रद्धालुओं का कहना था कि शिवगंगा में पुनः जल भर जाने के बाद पता नहीं कब उन्हें फिर से पाताल महादेव के दर्शन और कुंड में संकीर्तन का यह दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा. 300 वर्ष पुराना है पाताल बाबा का इतिहास ------ बासुकिनाथ शिवगंगा की तलहटी में स्थित यह प्राचीन कुंड करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है. इतिहास की मान्यताओं के अनुसार, लगभग 300 वर्ष पूर्व यहां यह स्वयंभू शिवलिंग प्रकट हुआ था, जिन्हें स्थानीय लोग ‘पाताल बाबा’ कहते हैं. ये अमूमन हमेशा जलमग्न रहते हैं और वर्षों बाद शिवगंगा की सफाई के समय ही इनके दर्शन होते हैं. स्थानीय लोगों और भक्तों के बीच यह अटूट मान्यता है कि वर्षों तक पानी के अंदर डूबे रहने के बावजूद बाबा पर चढ़ाई गई पुरानी पूजन सामग्री (बिल्वपत्र, पुष्प, अबीर) सड़ती-गलती नहीं है और पूरी तरह सुरक्षित रहती है. कुंड का पानी सूखने पर जब बाबा दिखते हैं, तो ऐसा लगता है मानो आज ही उनका श्रृंगार किया गया हो. श्रद्धालु इसे भगवान की दिव्य महिमा मानते हैं.

Musahri, Muzaffarpur | Jun 11, 2026