*इंदौर में आयोजित ISFMG-2026 सुरक्षित एवं टिकाऊ आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में बनेगी मील का पत्थर : मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट*
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*इंदौर में 12वीं अंतरराष्ट्रीय फील्ड मॉनिटरिंग इन जियोमैकेनिक्स संगोष्ठी का शुभारंभ*
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*30 से अधिक देशों के विशेषज्ञ कर रहे सहभागिता, सुरक्षित एवं टिकाऊ आधारभूत संरचना पर होगा मंथन*
इंदौर, 06 अगस्त 2026
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को इंदौर के होटल रेडिसन में आयोजित 12वीं अंतरराष्ट्रीय फील्ड मॉनिटरिंग इन जियोमैकेनिक्स संगोष्ठी (ISFMG-2026) का शुभारंभ किया। यह संगोष्ठी 10 अगस्त तक आयोजित होगी। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 30 से अधिक देशों के लगभग 250 वैज्ञानिक, शोधकर्ता, अभियंता, सरकारी अधिकारी तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
अपने उद्बोधन में मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने देश-विदेश से आए सभी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन जल संसाधनों और आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा एवं सतत विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बांध, जलाशय, नहरें, पुल, सुरंगें तथा अन्य सार्वजनिक संरचनाएं किसी भी राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला होती हैं। इनकी नियमित निगरानी और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर जन-सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है तथा रखरखाव की लागत भी कम की जा सकती है।
श्री सिलावट ने कहा कि मध्यप्रदेश में नदियों, बांधों और सिंचाई परियोजनाओं का व्यापक नेटवर्क है। ऐसे में इस संगोष्ठी में साझा किए जाने वाले वैश्विक अनुभव, अनुसंधान और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां प्रदेश के जल प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था, बाढ़ नियंत्रण तथा आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने इस प्रतिष्ठित सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आईआईटी इंदौर की प्रो. नीलिमा सत्यम एवं उनकी पूरी टीम, इंडियन जियोटेक्निकल सोसायटी तथा सहयोगी संस्थाओं को बधाई दी। साथ ही सभी प्रतिभागियों से इंदौर एवं मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, विरासत और आतिथ्य का अनुभव करने का आग्रह करते हुए सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि 12वीं अंतरराष्ट्रीय फील्ड मॉनिटरिंग इन जियोमैकेनिक्स संगोष्ठी (ISFMG-2026) का इंदौर में आयोजन मध्यप्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। यह पहली बार है जब इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भारत में हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संगोष्ठी से प्राप्त ज्ञान, नवीन तकनीकों और वैश्विक अनुभवों का लाभ देश और प्रदेश में सुरक्षित, सुदृढ़ एवं टिकाऊ आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "हर घर जल" संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में जल संरचनाओं के संरक्षण और सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। आधुनिक फील्ड मॉनिटरिंग तकनीकों की मदद से आधारभूत संरचनाओं में संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर बांध सुरक्षा, सिंचाई प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
श्री सिलावट ने कहा कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण की समृद्ध परंपरा वाला प्रदेश है। यहां 47 हजार से अधिक तालाबों और 5,839 अमृत सरोवरों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का कार्य योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। नर्मदा, ताप्ती और चंबल सहित 207 नदियों से समृद्ध मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, उद्योग जगत और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच मजबूत समन्वय से ही सुरक्षित और टिकाऊ आधारभूत संरचनाओं का निर्माण संभव है। आईआईटी इंदौर जैसे संस्थानों में हो रहे शोध और नवाचार को आमजन, किसानों और विकास परियोजनाओं तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
मंत्री श्री सिलावट ने विश्वास व्यक्त किया कि ISFMG-2026 संगोष्ठी नए विचारों, अत्याधुनिक तकनीकों और वैश्विक अनुभवों के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच सिद्ध होगी। उन्होंने सभी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, वक्ताओं और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए देश-विदेश से आए अतिथियों से इंदौर और मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, विरासत और आत्मीय आतिथ्य का अनुभव करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर डॉ. मारवान, डॉ. एन्ड्रु रिडली, डॉ. पॉल बारटन, डॉ. अनिल जोसफ, प्रो. निलिमा तथा डॉ. ए.पी. सिंह उपस्थित थे।
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CM Madhya Pradesh
Tulsi Silawat
Jansampark Madhya Pradesh