नाथूसरी चौपटा में रात एक सड़क हादशा हो गया था...घटना रोज होती है पर रात वाली ने झकोर कर रख दिया...एक महिला तड़फ तड़फ कर हमारे सामने मर गई वही एक आदमी काफी देर तड़फ ता रहा जब तक राहगीरों की मदद मिली...फोन करते रहे करते रहे पर एम्बुलेंस का नही मिला पता नही एम्बुलेंस वाले में रेंज नही होगी...या फिर पंचकूला पहुँचते पहुँचते रास्ते मे रुक गई होगी...
कम से कम 20 मिंट ये वाक्या चला और ना मोके पर कोई गाड़ी ओर मिली...अब घायल को तो हस्पताल पहुँचाना जरूरी था....उसके बाद सभी साथियों की मदद से ई_रिक्शा में लेकर हम हस्पताल पहुचे....
ओर अब मोत मरीज की निश्चिंत ही तय हो गई क्योकि डॉक्टर नाथूसरी चौपटा हस्पताल में एमरजेंसी ड्यूटी के लिए पिछले 7 महीने से नही है...
नाथूसरी चौपटा में 1 लाख से ज्यादा लोग रहते है...एम्बुलेंस नही है डॉक्टर नही है दवाइयां नही है...
कौन जिम्मेदार है इन सब का....इस मामले पर विस्तार से बातचीत करेंगे...
बाकी थाना प्रभारी नाथूसरी चौपटा प्रदीप कुमार,हेड कांस्टेबल जगदीश चंद्र सिपाही नरेश ओर बाकी पुलिस की टीम का धन्यवाद... जो मेने SHO को पर्सनल फोन किया कि SIR महिला मर गई है आदमी और मर जायेगा हम इसको ई रिक्शा में लेकर आ रहे तब थाना की दोनों गाड़िया मदद के लिए पहुची....
अब आप बताओ इस मामले से आपको क्या सिख मिलती है और स्वास्थ्य विभाग आपके लिए कितना तैयार है...
जय श्री राम
Sirsa, Sirsa | Aug 3, 2026