उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चिकित्सा कर्मियों में मानसिक स्वास्थ्य की समझ जरूरी, मरीजों के परिजन भी दें सकारात्मक सहयोग**
**करौली, 5 अक्टूबर।** राज ममता कार्यक्रम के अंतर्गत मन दर्पण के तहत चल रही मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के क्रम में अस्पताल प्रशासन एवं जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई के संयुक्त तत्वावधान में जिला अस्पताल के सेमिनार हॉल में मन दर्पण मॉड्यूल कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला के मुख्य अतिथि पीएमओ डॉ. भुवनेश बंसल रहे।
कार्यशाला में मनोचिकित्सक डॉ. प्रेमराज मीना ने नर्सिंग अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सीमित संसाधनों के बीच आपसी सहयोग, बेहतर तालमेल एवं टीमवर्क की भावना विकसित करने तथा कार्यक्षमता में सुधार के लिए मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए चिकित्सा कर्मियों का मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है।
उप नियंत्रक डॉ. ऋषिराज शर्मा ने कार्यस्थल पर मानसिक तनाव के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में कार्यस्थल पर मानसिक तनाव एक आम समस्या है। समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच एवं आपसी सहयोग की भावना से कार्य को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है।
नर्सिंग अधीक्षक जय सिंह मीना ने सभी नर्सिंग अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीमवर्क के साथ कार्य करने तथा मरीजों एवं उनके परिजनों से सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार करने का आह्वान किया। उन्होंने आमजन से भी अस्पताल कर्मियों को सकारात्मक सहयोग देने की अपील की।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी मुकेश मीना, प्रमोद गर्ग, गोपाल लाल शर्मा, स्टोर कीपर संदीप शर्मा, काउंसलर जगदीश सहित अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में गौरव गोयल एवं गौरव शर्मा ने उपस्थित प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य शपथ दिलाई।