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सुरसंड नगर पंचायत वार्ड 5 निवासी जगदीश बैठा के पुत्र ने BPSC परीक्षा में राहुल कुमार एसडीएम बनकर लहराया परचम पूर्व नगर अध्यक्ष ओम प्रकाश झा उर्फ राजू झा सहित अन्य ने घर पर पहुंच दी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई किया गया सम्मानित।

Sursand, Sitamarhi | Jun 23, 2026

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संघर्ष की भट्ठी में तपकर निखरा सोना: लॉन्ड्री चलाने वाले जगदीश बैठा के पुत्र ने BPSC परीक्षा में राहुल कुमार एसडीएम बनकर लहराया परचम पूर्व नगर अध्यक्ष ओम प्रकाश झा उर्फ राजू झा, ने घर पर पहुंच कर दी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई कहां सुरसंड के लिए गौरव की बात।

संघर्ष की भट्ठी में तपकर निखरा सोना: लॉन्ड्री चलाने वाले जगदीश बैठा के पुत्र ने BPSC परीक्षा में राहुल कुमार एसडीएम बनकर लहराया परचम पूर्व नगर अध्यक्ष ओम प्रकाश झा उर्फ राजू झा, ने घर पर पहुंच कर दी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई कहां सुरसंड के लिए गौरव की बात।

Sursand, Sitamarhi | Jun 23, 2026

संघर्ष की भट्ठी में तपकर निखरा सोना: लॉन्ड्री चलाने वाले जगदीश बैठा के पुत्र ने BPSC परीक्षा में राहुल कुमार एसडीएम बनकर लहराया परचम समाज के सैकड़ो लोगों ने उनके घर पर पहुंचकर फूल माला पहनाकर व मिठाइयां खिलाकर स्वागत किया। साथ ही प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

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Sursand, Sitamarhi | Jun 23, 2026

संघर्ष की भट्ठी में तपकर निखरा सोना: लॉन्ड्री चलाने वाले जगदीश बैठा के पुत्र ने BPSC परीक्षा में राहुल कुमार बन गया एसडीएम दिया अपना शानदार इंटरव्यू लहराया परचम

संघर्ष की भट्ठी में तपकर निखरा सोना: लॉन्ड्री चलाने वाले जगदीश बैठा के पुत्र ने BPSC परीक्षा में राहुल कुमार बन गया एसडीएम दिया अपना शानदार इंटरव्यू लहराया परचम

Sursand, Sitamarhi | Jun 23, 2026

जगन्नाथ पुरी से निकले साइकिल यात्री पहुंचे भिट्ठामोड़ बॉर्डर, भारत-नेपाल मैत्री का दिया संदेश
भिट्ठामोड़ (सीतामढ़ी)। ओडिशा के पवित्र धाम जगन्नाथ पुरी से साइकिल यात्रा पर निकले एक यात्री शनिवार को भारत-नेपाल सीमा स्थित भिट्ठामोड़ पहुंचे। उनकी यह अनोखी यात्रा धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संदेशों से जुड़ी हुई है। भिट्ठामोड़ पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनसे मुलाकात की और उनके साहस तथा समर्पण की सराहना की।
यात्री ने बताया कि उन्होंने अपनी यात्रा का शुभारंभ भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी से किया था। यात्रा के दौरान वे झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शिव के दर्शन किए। इसके बाद वे असम के प्रसिद्ध मां कामाख्या मंदिर पहुंचे और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। लंबी यात्रा के बाद उन्होंने नेपाल की ओर रुख किया और लगभग एक महीने तक साइकिल से नेपाल के विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया।
नेपाल प्रवास के दौरान उन्होंने पशुपतिनाथ मंदिर, काल भैरव, मुक्तिनाथ धाम और जनकपुरधाम सहित कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। उन्होंने बताया कि नेपाल की संस्कृति, परंपरा और लोगों का स्नेह उन्हें काफी प्रभावित कर गया। साइकिल यात्रा के दौरान उन्हें अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन श्रद्धा और दृढ़ संकल्प के बल पर वे लगातार आगे बढ़ते रहे।
भिट्ठामोड़ पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनसे उनकी यात्रा के अनुभव साझा किए। यात्री ने कहा कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का दर्शन करना नहीं, बल्कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक एकता, भाईचारे, पर्यटन एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिल के अधिक उपयोग का आह्वान किया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि आज के दौर में हजारों किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करना आसान नहीं है। यह यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दिखाती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। लोगों ने यात्री के साहस, धैर्य और समर्पण की प्रशंसा करते हुए उनके सुरक्षित एवं सफल आगे के सफर की शुभकामनाएं दीं।

जगन्नाथ पुरी से निकले साइकिल यात्री पहुंचे भिट्ठामोड़ बॉर्डर, भारत-नेपाल मैत्री का दिया संदेश भिट्ठामोड़ (सीतामढ़ी)। ओडिशा के पवित्र धाम जगन्नाथ पुरी से साइकिल यात्रा पर निकले एक यात्री शनिवार को भारत-नेपाल सीमा स्थित भिट्ठामोड़ पहुंचे। उनकी यह अनोखी यात्रा धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संदेशों से जुड़ी हुई है। भिट्ठामोड़ पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनसे मुलाकात की और उनके साहस तथा समर्पण की सराहना की। यात्री ने बताया कि उन्होंने अपनी यात्रा का शुभारंभ भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी से किया था। यात्रा के दौरान वे झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शिव के दर्शन किए। इसके बाद वे असम के प्रसिद्ध मां कामाख्या मंदिर पहुंचे और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। लंबी यात्रा के बाद उन्होंने नेपाल की ओर रुख किया और लगभग एक महीने तक साइकिल से नेपाल के विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। नेपाल प्रवास के दौरान उन्होंने पशुपतिनाथ मंदिर, काल भैरव, मुक्तिनाथ धाम और जनकपुरधाम सहित कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। उन्होंने बताया कि नेपाल की संस्कृति, परंपरा और लोगों का स्नेह उन्हें काफी प्रभावित कर गया। साइकिल यात्रा के दौरान उन्हें अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन श्रद्धा और दृढ़ संकल्प के बल पर वे लगातार आगे बढ़ते रहे। भिट्ठामोड़ पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनसे उनकी यात्रा के अनुभव साझा किए। यात्री ने कहा कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का दर्शन करना नहीं, बल्कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक एकता, भाईचारे, पर्यटन एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिल के अधिक उपयोग का आह्वान किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि आज के दौर में हजारों किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करना आसान नहीं है। यह यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दिखाती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। लोगों ने यात्री के साहस, धैर्य और समर्पण की प्रशंसा करते हुए उनके सुरक्षित एवं सफल आगे के सफर की शुभकामनाएं दीं।

Sursand, Sitamarhi | Jun 23, 2026