*आरएमएल छात्रावास में छात्र की मौत पर उठे सवाल:* पिता ने पांच सहपाठियों पर जताया हत्या का शक, प्रबंधन पर बचाने का आरोप
पिता ने किये सवाल?
पिता ने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पांच सहपाठियों की गतिविधियों को संदिग्ध बताया है। उन्होंने कहा कि फुटेज में पांचों छात्र घबराए हुए दिख रहे थे और एक-दूसरे को इशारे कर रहे थे।
पिता ने सवाल उठाया कि शाम चार बजे के बाद जब सहपाठी हॉस्टल में गए, तो वे चिल्लाकर कहने लगे कि अजय ने आत्महत्या कर ली है। उन्होंने पूछा कि शव मिलने के बाद सहपाठियों और कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी? पिता ने आशंका जताई है कि इस दौरान साक्ष्यों को नष्ट किया गया होगा।
पिता के अनुसार, जानकारी दी गई थी कि उनके बेटे ने चादर से फांसी लगाई। शव को चादर काटकर उतारा गया, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया की न तो वीडियोग्राफी कराई गई और न ही फोटोग्राफी। उनका आरोप है कि इससे यह साबित होता है कि घटना को आत्महत्या का रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा एक भी फोटो या वीडियो सामने नही आया, जिसमें मेरा बेटा फंदे पर लटका दिखे।
उन्होंने मांग की है कि कॉलेज के मुख्य द्वार, हॉस्टल, कक्षा कक्ष, गलियारों और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए। पिता ने कमरे से बेडशीट, पंखा, फंदा और अन्य संबंधित वस्तुओं को जब्त करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, रूममेट्स, अन्य छात्रों, वार्डन, गार्ड और मेडिकल प्रशासन के बयान दर्ज किए जाएं। पिता ने यह भी जांच की मांग की है कि शव मिलने के तुरंत बाद पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई।
आरएमएल इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर चुकी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ चुकी है। गुप्ता के अनुसार, जब छात्र का शव लटका हुआ मिला, तो अन्य छात्रों को लगा कि उसकी सांसें चल रही हैं। इसी जल्दबाजी में उन्होंने उसे फंदे से उतारा और अस्पताल ले गए, जिसके कारण वे तत्काल पुलिस को सूचित नहीं कर पाए।
पुवायां थाने के सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है और उसके आधार पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।