हज़ारीबाग: आईसेक्ट विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ शुभारंभ।
आईसेक्ट विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ शुभारंभ। अपने जड़ों से जुड़कर ही संस्कृति का संरक्षण संभव : डॉ रचना चतुर्वेदी आदिवासी संस्कृति का संरक्षण, वर्तमान समय की मांग : डॉ मुनीष गोविंद प्रकृति संरक्षण में आदिवासी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण : डॉ सरोज कुमार जनजातीय समुदाय से जीवन-यापन के तौर-तरीके आज भी हमसब को सीखने की आवश्यकता है।