गुरु भक्ति ही साधक के जीवन को सही दिशा प्रदान करती है : साध्वी भावना भारती जी
जगाधरी, हनुमान गेट स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया, जिसके दौरान परम पूजनीय दिव्य गुरु आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री भावना भारती जी ने गुरु भक्ति से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण भक्ति सूत्रों को उद्घाटित करते हुए कहा कि गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण साधक के आध्यात्मिक जीवन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गुरु वे दिव्य शक्ति हैं जो अज्ञान के अंधकार से निकालकर शिष्य को आत्मज्ञान और सत्य के प्रकाश की ओर ले जाती है। गुरु के प्रति सच्ची भक्ति उनके द्वारा बताए गए ज्ञान और मार्ग को अपने जीवन में धारण करना है। साध्वी जी ने कहा कि एक सच्चे शिष्य के हृदय में गुरु के प्रति श्रद्धा, विश्वास, प्रेम और समर्पण की भावना होती है। जब साधक अपने अहंकार और अपनी सीमित बुद्धि को गुरु चरणों में समर्पित करता है, तभी उसके भीतर आध्यात्मिक परिवर्तन की प्रक्रिया प्रारंभ होती है। गुरु की कृपा और मार्गदर्शन से साधक जीवन की वास्तविकता को समझने तथा अपने भीतर स्थित दिव्य चेतना का अनुभव करने की दिशा में आगे बढ़ता है। उन्होंने आगे बताया कि गुरु भक्ति केवल भावनाओं तक सीमित ना हो अपितु इसका प्रतिबिंब शिष्य के आचरण में भी दिखाई देना चाहिए। गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा वही है, जब शिष्य अपने जीवन में सत्य, सेवा, संयम, प्रेम और करुणा जैसे गुणों को अपनाता है तथा गुरु द्वारा दिखाए गए मार्ग पर निरंतर चलने का प्रयास करता है। साध्वी भावना भारती जी ने कहा कि आज के भौतिकतावादी युग में मनुष्य अनेक प्रकार के आकर्षणों और तनावों से घिरा हुआ है। ऐसे समय में आध्यात्मिक ज्ञान ही मनुष्य को भीतर से मजबूत बनाता है।
Ambala, Ambala | Aug 9, 2026