नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 21 सितंबर 2026 को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि बिना लिखित आधार बताए की गई गिरफ्तारी असंवैधानिक और अवैध होगी और ऐसा करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनिवार्य रूप से विभागीय जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने आदेश दिया कि दोषी अधिकारी के खिलाफ की गई कार्रवाई को उसके सर्विस रिकॉर्ड (सेवा अभिलेख) में भी दर्ज किया जाएगा।जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने शिरोमणि अकाली दल के नेता जस्करणजीत सिंह की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में यह सख्त निर्देश दिए हैं।
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Barkatha, Hazaribagh | Sep 21, 2026