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स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ाते हुए, सरेआम गाढ़े वाले दुकानों के आगे गाढ़े अड़ाते हुए

Bhiwani, Bhiwani | Nov 14, 2025
स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ाते हुए, सरेआम गाढ़े वाले दुकानों के आगे गाढ़े अड़ाते हुए

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परमात्मा को पाने का एकमात्र सरल मार्ग सच्चा प्रेम और समर्पण : अनीता शास्त्री
श्रीमद् भागवत कथा राजा अम्बरीष और महर्षि दुर्वासा के प्रसंग से समझाया निष्कपट भक्ति का महत्व
भिवानी, 05 जून : स्थानीय भीम स्टेडियम रोड पर सदर थाना के पास स्थित शिव मंदिर में जारी सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन शुक्रवार को कथाव्यास अनीता शास्त्री (अनीता शांडिल्य) द्वारा श्रद्धालुओं को प्रभु भक्ति, मानव जीवन के मूल्यों और विभिन्न पौराणिक प्रसंगों का रसपान कराया गया। कथा के मुख्य विचार को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा को पाने का एकमात्र सरल मार्ग सच्चा प्रेम और समर्पण ही है। अहंकार कभी भी मनुष्य का भला नहीं कर सकता, क्योंकि अहंकार प्रभु भक्ति में सबसे बड़ा बाधक है, साधक नहीं। कथा के दौरान अनीता शास्त्री ने मनु वंश की महिमा का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार राजर्षि सत्यव्रत ने भगवान की सेवा से ज्ञान प्राप्त किया और वही इस कल्प के वैवस्वत मनु हुए। उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार के आधारभूत परम पुरुष परमात्मा की नाभि से एक स्वर्णिम कमल कोष प्रकट हुआ और फिर ब्रह्मा जी का चतुर्मुख आविर्भाव हुआ। इसके बाद ब्रह्मा जी के मन से मरीचि आदि ऋषि पैदा हुए। कथाव्यास ने मनु वंश के पवित्र और कीर्तिवान पुरुषों के पराक्रम का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कश्यप ऋषि से दक्षनन्दिनी अदिति के वंश के वर्णन के साथ-साथ इक्ष्वाकु, नृग, शर्याति, नभग, अम्बरीष, विकुक्ष, युवनाश्व, कुवलयाश्व, प्रद्युम्न, त्रिशंकु, हरिश्चंद्र (रोहिताश्व), सगर, दिलीप, भागीरथ सहित सूर्यवंश व चंद्रवंश के महान राजाओं के इतिहास को श्रद्धालुओं के समक्ष रखा। मुख्य रूप से अनीता शांडिल्य ने राजा अम्बरीष के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजा अम्बरीष राजाओं के राजा होने के बावजूद त्याग और तपस्या की साक्षात् मूर्ति थे। वे ईश्वर की भक्ति को ही अपने जीवन का असली लक्ष्य मानते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे अनन्य भक्तों की रक्षा के लिए भगवान सदैव तत्पर रहते हैं। कथा के सबसे मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि प्रभु ने दुर्वासा ऋषि के श्राप से पूर्व ही अपने परम भक्त अम्बरीष की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र को नियुक्त कर रखा था। जब दुर्वासा के क्रोध के कारण सुदर्शन चक्र उनके पीछे पड़ा, तो वे अपनी रक्षा के लिए ब्रह्मा जी, शिव जी और अंत में भगवान विष्णु जी के पास गए। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को जीवन का सार समझाते हुए अनीता शांडिल्य ने कहा कि ईश्वर या प्रभुभक्त से द्वेष और नफरत करने वाले का अंत हमेशा बुरा होता है। अहंकार कभी भी मनुष्य का कल्याण नहीं कर सकता। इसके विपरीत, जब व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है, तो उसे किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता। संसार की सभी भौतिक चीजें क्षणभंगुर हैं, इसलिए ईश्वर और प्रभु पर पूरा भरोसा रखकर मनुष्य को हमेशा अपने श्रेष्ठ कर्म करते रहना चाहिए।

परमात्मा को पाने का एकमात्र सरल मार्ग सच्चा प्रेम और समर्पण : अनीता शास्त्री श्रीमद् भागवत कथा राजा अम्बरीष और महर्षि दुर्वासा के प्रसंग से समझाया निष्कपट भक्ति का महत्व भिवानी, 05 जून : स्थानीय भीम स्टेडियम रोड पर सदर थाना के पास स्थित शिव मंदिर में जारी सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन शुक्रवार को कथाव्यास अनीता शास्त्री (अनीता शांडिल्य) द्वारा श्रद्धालुओं को प्रभु भक्ति, मानव जीवन के मूल्यों और विभिन्न पौराणिक प्रसंगों का रसपान कराया गया। कथा के मुख्य विचार को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा को पाने का एकमात्र सरल मार्ग सच्चा प्रेम और समर्पण ही है। अहंकार कभी भी मनुष्य का भला नहीं कर सकता, क्योंकि अहंकार प्रभु भक्ति में सबसे बड़ा बाधक है, साधक नहीं। कथा के दौरान अनीता शास्त्री ने मनु वंश की महिमा का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार राजर्षि सत्यव्रत ने भगवान की सेवा से ज्ञान प्राप्त किया और वही इस कल्प के वैवस्वत मनु हुए। उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार के आधारभूत परम पुरुष परमात्मा की नाभि से एक स्वर्णिम कमल कोष प्रकट हुआ और फिर ब्रह्मा जी का चतुर्मुख आविर्भाव हुआ। इसके बाद ब्रह्मा जी के मन से मरीचि आदि ऋषि पैदा हुए। कथाव्यास ने मनु वंश के पवित्र और कीर्तिवान पुरुषों के पराक्रम का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कश्यप ऋषि से दक्षनन्दिनी अदिति के वंश के वर्णन के साथ-साथ इक्ष्वाकु, नृग, शर्याति, नभग, अम्बरीष, विकुक्ष, युवनाश्व, कुवलयाश्व, प्रद्युम्न, त्रिशंकु, हरिश्चंद्र (रोहिताश्व), सगर, दिलीप, भागीरथ सहित सूर्यवंश व चंद्रवंश के महान राजाओं के इतिहास को श्रद्धालुओं के समक्ष रखा। मुख्य रूप से अनीता शांडिल्य ने राजा अम्बरीष के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजा अम्बरीष राजाओं के राजा होने के बावजूद त्याग और तपस्या की साक्षात् मूर्ति थे। वे ईश्वर की भक्ति को ही अपने जीवन का असली लक्ष्य मानते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे अनन्य भक्तों की रक्षा के लिए भगवान सदैव तत्पर रहते हैं। कथा के सबसे मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि प्रभु ने दुर्वासा ऋषि के श्राप से पूर्व ही अपने परम भक्त अम्बरीष की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र को नियुक्त कर रखा था। जब दुर्वासा के क्रोध के कारण सुदर्शन चक्र उनके पीछे पड़ा, तो वे अपनी रक्षा के लिए ब्रह्मा जी, शिव जी और अंत में भगवान विष्णु जी के पास गए। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को जीवन का सार समझाते हुए अनीता शांडिल्य ने कहा कि ईश्वर या प्रभुभक्त से द्वेष और नफरत करने वाले का अंत हमेशा बुरा होता है। अहंकार कभी भी मनुष्य का कल्याण नहीं कर सकता। इसके विपरीत, जब व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है, तो उसे किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता। संसार की सभी भौतिक चीजें क्षणभंगुर हैं, इसलिए ईश्वर और प्रभु पर पूरा भरोसा रखकर मनुष्य को हमेशा अपने श्रेष्ठ कर्म करते रहना चाहिए।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

शिक्षा बोर्ड में पौधारोपण कर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस-बोर्ड अध्यक्ष
भिवानी, 05 जून, 2026 : पर्यावरण केवल पेड़ों एवं नदियों का नाम नहीं हैं। यह हमारा जीवन है। आज का दिन केवल चिंता करने का नहीं है, बल्कि चिंतन और संकल्प का है। जलवायु परिवर्तन कोई काल्पनिक खतरा नहीं है, यह हमारे सामने खड़ी सच्चाई है। हर यूवा से, बल्कि हर नागरिक से आग्रह है कि अपने जीवन के विशेष अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाएं। केवल लगाएं ही नहीं वरन् बड़ा होने तक उसकी ज़िम्मेदारी लें।
सिंगल यूज प्लास्टिक को पूर्णतया ना कहें और अपनी दैनिक आदतों में पानी और बिजली की बचत को शामिल करेंगे। प्रकृति हमें सब कुछ मुफ्त देती है, लेकिन उसकी एक ही शर्त है- सम्मान। अगर हम आज प्रकृति का सम्मान करेंगे तो प्रकृति हमारा भविष्य सुरक्षित करेगी।
ये उद्गगार आज विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने बोर्ड परिसर में पौधारोपण कर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हम सब प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए अपने आवास/आसपास पौधारोपण अवश्य करें। हमारा पर्यावरण प्रदूषण के कारण प्रकृति के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस का मूल उद्देश्य हमारे वातावरण को स्वच्छ व शुद्ध रखना तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए लोगों को जागरूक करना है। इसके लिए लोग ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करें व पेड़ों की कटाई न करें।
इस अवसर पर बोर्ड के उप-सचिव श्री ओ०पी० निंबीवाल, श्री जगदीश प्रसाद सैनी, सहायक सचिव श्री सुरेश शर्मा, अधीक्षक श्री सतीश वर्मा, श्री सुनील दत्त, श्री रविन्द्र व सामाजिक कार्यकर्ता श्री सुनील वर्मा नंबरदार, श्री शिव पाराशर सी०एम० विंडो एमिनेंट पर्सन, श्री खजांची लाल मित्तल एवं एडवोकेट सतपाल शर्मा द्वारा लगभग 30 फलदार, फूलदार, छायादार पौधों का रोपण किया गया। इनमें त्रिवेणी (पीपल, नीम व बरगद), जामुन, अर्जुन, शीशम के पौधे शामिल हैं। बोर्ड अध्यक्ष ने सभी अधिकारी/कर्मचारियों व उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दी।

शिक्षा बोर्ड में पौधारोपण कर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस-बोर्ड अध्यक्ष भिवानी, 05 जून, 2026 : पर्यावरण केवल पेड़ों एवं नदियों का नाम नहीं हैं। यह हमारा जीवन है। आज का दिन केवल चिंता करने का नहीं है, बल्कि चिंतन और संकल्प का है। जलवायु परिवर्तन कोई काल्पनिक खतरा नहीं है, यह हमारे सामने खड़ी सच्चाई है। हर यूवा से, बल्कि हर नागरिक से आग्रह है कि अपने जीवन के विशेष अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाएं। केवल लगाएं ही नहीं वरन् बड़ा होने तक उसकी ज़िम्मेदारी लें। सिंगल यूज प्लास्टिक को पूर्णतया ना कहें और अपनी दैनिक आदतों में पानी और बिजली की बचत को शामिल करेंगे। प्रकृति हमें सब कुछ मुफ्त देती है, लेकिन उसकी एक ही शर्त है- सम्मान। अगर हम आज प्रकृति का सम्मान करेंगे तो प्रकृति हमारा भविष्य सुरक्षित करेगी। ये उद्गगार आज विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने बोर्ड परिसर में पौधारोपण कर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हम सब प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए अपने आवास/आसपास पौधारोपण अवश्य करें। हमारा पर्यावरण प्रदूषण के कारण प्रकृति के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस का मूल उद्देश्य हमारे वातावरण को स्वच्छ व शुद्ध रखना तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए लोगों को जागरूक करना है। इसके लिए लोग ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करें व पेड़ों की कटाई न करें। इस अवसर पर बोर्ड के उप-सचिव श्री ओ०पी० निंबीवाल, श्री जगदीश प्रसाद सैनी, सहायक सचिव श्री सुरेश शर्मा, अधीक्षक श्री सतीश वर्मा, श्री सुनील दत्त, श्री रविन्द्र व सामाजिक कार्यकर्ता श्री सुनील वर्मा नंबरदार, श्री शिव पाराशर सी०एम० विंडो एमिनेंट पर्सन, श्री खजांची लाल मित्तल एवं एडवोकेट सतपाल शर्मा द्वारा लगभग 30 फलदार, फूलदार, छायादार पौधों का रोपण किया गया। इनमें त्रिवेणी (पीपल, नीम व बरगद), जामुन, अर्जुन, शीशम के पौधे शामिल हैं। बोर्ड अध्यक्ष ने सभी अधिकारी/कर्मचारियों व उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दी।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों में भाषाई दक्षता, रचनात्मक सोच तथा भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है :  कौशिक
.......भारतीय भाषा समर कैंप में कला एवं संस्कृति पर केंद्रित रहीं गतिविधियां
.....बोलिया एवं भाषाओं की  विविधता की जानकारी दी

भिवानी  शिक्षा विभाग हरियाणा के निर्देशानुसार  एवं प्रधानाचार्य वंदना महता के मार्गदर्शन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तिगड़ाना में भारतीय भाषा समर कैंप का आयोजन कला एवं संस्कृति विषय को समर्पित रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से डाइट से उपस्थित रही मोनिका कौशिक एवं विद्यालय की प्रधानाचार्य वंदना महता ने बताया कि भारतीय भाषा समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों में भाषाई दक्षता, रचनात्मक सोच तथा भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है।   हिन्दी अध्यापिका
श्रीमती अनीता देवी,बैंकिंग एंड फाइनेंस विभाग की अध्यापिका मीनाक्षी वधवा
ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कैंप के दौरान गीत एवं कविता पाठ, चित्रकला प्रतियोगिता, कहानी वाचन तथा लोक नृत्य जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लोकगीतों, कविताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का मन मोह लिया। चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी कल्पनाशीलता का परिचय दिया। वहीं कहानी वाचन गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने नैतिक मूल्यों और प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा किया। लोक नृत्य कार्यक्रम में हरियाणवी संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में  बैंकिंग एंड फाइनेंस विभाग की अध्यापिका मीनाक्षी वधवा, सुशीला देवी, श्रीमती अनीता देवी, श्रीमती वीणा मदान, अजीत सिंह, बलदेव प्रकाश,  साक्षी सहित विद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों में भाषाई दक्षता, रचनात्मक सोच तथा भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है : कौशिक .......भारतीय भाषा समर कैंप में कला एवं संस्कृति पर केंद्रित रहीं गतिविधियां .....बोलिया एवं भाषाओं की विविधता की जानकारी दी भिवानी शिक्षा विभाग हरियाणा के निर्देशानुसार एवं प्रधानाचार्य वंदना महता के मार्गदर्शन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तिगड़ाना में भारतीय भाषा समर कैंप का आयोजन कला एवं संस्कृति विषय को समर्पित रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से डाइट से उपस्थित रही मोनिका कौशिक एवं विद्यालय की प्रधानाचार्य वंदना महता ने बताया कि भारतीय भाषा समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों में भाषाई दक्षता, रचनात्मक सोच तथा भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। हिन्दी अध्यापिका श्रीमती अनीता देवी,बैंकिंग एंड फाइनेंस विभाग की अध्यापिका मीनाक्षी वधवा ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कैंप के दौरान गीत एवं कविता पाठ, चित्रकला प्रतियोगिता, कहानी वाचन तथा लोक नृत्य जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लोकगीतों, कविताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का मन मोह लिया। चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी कल्पनाशीलता का परिचय दिया। वहीं कहानी वाचन गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने नैतिक मूल्यों और प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा किया। लोक नृत्य कार्यक्रम में हरियाणवी संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में बैंकिंग एंड फाइनेंस विभाग की अध्यापिका मीनाक्षी वधवा, सुशीला देवी, श्रीमती अनीता देवी, श्रीमती वीणा मदान, अजीत सिंह, बलदेव प्रकाश, साक्षी सहित विद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल का बड़ा बयान #bhiwani #viralvideo #viral #BJP #

पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल का बड़ा बयान #bhiwani #viralvideo #viral #BJP #

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

समर कैंप में बिखरे कला के अनूठे रंग : चित्रकार शिव कुमार ने बच्चों को सिखाए चित्रकला के गुर
कला ही जीवन है और यह नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलती है : चित्रकार शिव कुमार
भिवानी, 04 जून : स्थानीय हनुमान ढाणी स्थित भारत शिक्षा सदन में चल रहे समर कैंप के तीसरे दिन बच्चों को एक अनूठा और प्रेरणादायी अनुभव प्राप्त हुआ। इस विशेष सत्र में मुख्य अतिथि और मार्गदर्शक के रूप में केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के अध्यक्ष तथा संस्कार भारती हरियाणा के विभाग संयोजक चित्रकार शिव कुमार ने शिरकत की। उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें चित्रकला की गूढ़ बारीकियों से रूबरू कराया और जीवन में रंगों के वास्तविक महत्व को बेहद सरल ढंग से समझाया। कार्यक्रम में करीबन 70 बच्चों ने भाग लिया।
       शिविर के दौरान चित्रकार शिव कुमार ने न केवल मौखिक रूप से बच्चों का मार्गदर्शन किया, बल्कि उन्होंने स्वयं कैनवास पर एक बेहद सुंदर प्राकृतिक चित्र (पेंटिंग) मौके पर ही लाइव बनाकर दिखाया। कलाकार को अपने सामने इतनी सजीवता से रंगों को बिखेरते देख बच्चे मंत्रमुग्ध हो गए। बच्चों में कला के प्रति एक अभूतपूर्व उत्सुकता देखी गई। इस दौरान बच्चों ने कला के महत्व को गहराई से समझा और भविष्य में कला को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
      बच्चों को संबोधित करते हुए चित्रकार शिव कुमार ने कहा कि आज के इस दुख भरे और तनावपूर्ण जीवन में निराशा के बीच आशा की किरण लाने के लिए कला का बहुत बड़ा महत्व है। सच कहें तो कला ही जीवन है। यह हमें नकारात्मक विचारों से दूर ले जाकर हमारी सोच को सकारात्मकता (पॉजिटिविटी) में बदलने का काम करती है।
    इस मौके पर भारत शिक्षा सदन एवं केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि चित्रकला के माध्यम से हम अपने अंतर्मन के विचारों को कैनवास पर उतारकर समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। समाज को एक सकारात्मक संदेश देने के लिए ही हम वॉल पेंटिंग का प्रयोग करते हैं। हमें अपने जीवन में अपनी पसंद की कला को विशेष स्थान देना चाहिए और अपने देश के विकास में अपनी कला की आहुति देकर राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाना चाहिए।
     इस अवसर पर बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्य कमला भारद्वाज, विकास चांवरिया, राजेश शर्मा सहित विद्यालय के सभी शिक्षकगण व स्टाफ मौजूद रहे। प्रधानाचार्य कमला भारद्वाज ने चित्रकार शिव कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक सत्रों से बच्चों के भीतर छिपी बहुमुखी प्रतिभा को निखरने का सही मंच मिलता है।

समर कैंप में बिखरे कला के अनूठे रंग : चित्रकार शिव कुमार ने बच्चों को सिखाए चित्रकला के गुर कला ही जीवन है और यह नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलती है : चित्रकार शिव कुमार भिवानी, 04 जून : स्थानीय हनुमान ढाणी स्थित भारत शिक्षा सदन में चल रहे समर कैंप के तीसरे दिन बच्चों को एक अनूठा और प्रेरणादायी अनुभव प्राप्त हुआ। इस विशेष सत्र में मुख्य अतिथि और मार्गदर्शक के रूप में केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के अध्यक्ष तथा संस्कार भारती हरियाणा के विभाग संयोजक चित्रकार शिव कुमार ने शिरकत की। उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें चित्रकला की गूढ़ बारीकियों से रूबरू कराया और जीवन में रंगों के वास्तविक महत्व को बेहद सरल ढंग से समझाया। कार्यक्रम में करीबन 70 बच्चों ने भाग लिया। शिविर के दौरान चित्रकार शिव कुमार ने न केवल मौखिक रूप से बच्चों का मार्गदर्शन किया, बल्कि उन्होंने स्वयं कैनवास पर एक बेहद सुंदर प्राकृतिक चित्र (पेंटिंग) मौके पर ही लाइव बनाकर दिखाया। कलाकार को अपने सामने इतनी सजीवता से रंगों को बिखेरते देख बच्चे मंत्रमुग्ध हो गए। बच्चों में कला के प्रति एक अभूतपूर्व उत्सुकता देखी गई। इस दौरान बच्चों ने कला के महत्व को गहराई से समझा और भविष्य में कला को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। बच्चों को संबोधित करते हुए चित्रकार शिव कुमार ने कहा कि आज के इस दुख भरे और तनावपूर्ण जीवन में निराशा के बीच आशा की किरण लाने के लिए कला का बहुत बड़ा महत्व है। सच कहें तो कला ही जीवन है। यह हमें नकारात्मक विचारों से दूर ले जाकर हमारी सोच को सकारात्मकता (पॉजिटिविटी) में बदलने का काम करती है। इस मौके पर भारत शिक्षा सदन एवं केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि चित्रकला के माध्यम से हम अपने अंतर्मन के विचारों को कैनवास पर उतारकर समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। समाज को एक सकारात्मक संदेश देने के लिए ही हम वॉल पेंटिंग का प्रयोग करते हैं। हमें अपने जीवन में अपनी पसंद की कला को विशेष स्थान देना चाहिए और अपने देश के विकास में अपनी कला की आहुति देकर राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाना चाहिए। इस अवसर पर बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्य कमला भारद्वाज, विकास चांवरिया, राजेश शर्मा सहित विद्यालय के सभी शिक्षकगण व स्टाफ मौजूद रहे। प्रधानाचार्य कमला भारद्वाज ने चित्रकार शिव कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक सत्रों से बच्चों के भीतर छिपी बहुमुखी प्रतिभा को निखरने का सही मंच मिलता है।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026