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केशोरायपाटन: कापरेन में शहरी सेवा शिविर में नेत्रहीन विधवा महिला की समस्या का समाधान, तत्काल जारी किया गया नया पट्टा

Keshoraipatan, Bundi | Jun 20, 2026

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बुंदी जिले के 788 वरिष्ठ नागरिक रेलमार्ग से और 97 हवाईमार्ग से करेंगे धार्मिक स्थलों की यात्रा

-जिला कलक्टर ने निकाली
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत लाॅटरी

बूंदी, 24 जून। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत इस बार जिले के 788 तीर्थयात्रियों को रेल मार्ग तथा 97 को हवाई मार्ग से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी।

 जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में बुधवार को यात्रा की ऑनलाइन लाॅटरी निकाली गई। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जसवीर मीणा, देवस्थान विभाग के निरीक्षक आशुतोष गुप्ता, सहायक पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर सैनी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त निदेशक अशोक मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जिला कलक्टर ने बताया कि प्रदेश के चयनित वरिष्ठ नागरिकों को रेल मार्ग और वायु मार्ग से निर्धारित स्थलों पर यात्रा करवाई जाएगी। जिले के कुल 885 वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना के तहत यात्रा करवाई जाएगी। यात्रा कार्यक्रम का निर्धारण आगामी दिनों में किया जाएगा।

देवस्थान विभाग के निरीक्षक ने बताया कि इस बार हरिद्वार-ऋषिकेश-आयोध्या-वाराणसी-सारनाथ, सम्मेदशिखर-पावापुरी-वाराणसी-सारनाथ, मथुरा-वृंदावन-बरसाना-आगरा-अयोध्या, द्वारकापुरी-नागेश्वर-सोमनाथ, तिरूपति-पद्मावति, कामाख्या-गुवाहाटी, गंगासागर-कोलकाता, जगन्नाथपुरी-कोणार्क, रामेश्वरम्-मदुरई, वैष्णोदेवी-अमृतसर-वाघा बोर्डर, गोवा के मंदिर एवं अन्य स्थल चर्च आदि, महाकालेश्वर, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्रयम्बकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा, बिहार-शरीफ, श्री हूजुर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र और पटना बिहार की यात्रा रेलमार्ग से करवाई जाएगी। वहीं हवाई जहाज द्वारा पशुपतिनाथ-काठमांडू (नेपाल) की यात्रा करवाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश के मूल निवासी वरिष्ठ नागरिकों (60 साल या अधिक आयु के व्यक्ति) को उनके जीवन काल में एक बार निर्धारित तीर्थ स्थानों में से किसी एक स्थान पर पूर्णतया निःशुल्क यात्रा करवाने की यह योजना वर्ष 2013 से चलाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि यह योजना पूर्णतया निःशुल्क है। इसमें चयन के लिए किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील है कि इसके लिए किसी को किसी प्रकार का शुल्क नहीं दें। किसी भी जानकारी के लिए देवस्थान विभाग के कार्यालय या ईमेल पर सम्पर्क किया जा सकता है।

बुंदी जिले के 788 वरिष्ठ नागरिक रेलमार्ग से और 97 हवाईमार्ग से करेंगे धार्मिक स्थलों की यात्रा -जिला कलक्टर ने निकाली वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत लाॅटरी बूंदी, 24 जून। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत इस बार जिले के 788 तीर्थयात्रियों को रेल मार्ग तथा 97 को हवाई मार्ग से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में बुधवार को यात्रा की ऑनलाइन लाॅटरी निकाली गई। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जसवीर मीणा, देवस्थान विभाग के निरीक्षक आशुतोष गुप्ता, सहायक पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर सैनी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त निदेशक अशोक मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिला कलक्टर ने बताया कि प्रदेश के चयनित वरिष्ठ नागरिकों को रेल मार्ग और वायु मार्ग से निर्धारित स्थलों पर यात्रा करवाई जाएगी। जिले के कुल 885 वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना के तहत यात्रा करवाई जाएगी। यात्रा कार्यक्रम का निर्धारण आगामी दिनों में किया जाएगा। देवस्थान विभाग के निरीक्षक ने बताया कि इस बार हरिद्वार-ऋषिकेश-आयोध्या-वाराणसी-सारनाथ, सम्मेदशिखर-पावापुरी-वाराणसी-सारनाथ, मथुरा-वृंदावन-बरसाना-आगरा-अयोध्या, द्वारकापुरी-नागेश्वर-सोमनाथ, तिरूपति-पद्मावति, कामाख्या-गुवाहाटी, गंगासागर-कोलकाता, जगन्नाथपुरी-कोणार्क, रामेश्वरम्-मदुरई, वैष्णोदेवी-अमृतसर-वाघा बोर्डर, गोवा के मंदिर एवं अन्य स्थल चर्च आदि, महाकालेश्वर, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्रयम्बकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा, बिहार-शरीफ, श्री हूजुर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र और पटना बिहार की यात्रा रेलमार्ग से करवाई जाएगी। वहीं हवाई जहाज द्वारा पशुपतिनाथ-काठमांडू (नेपाल) की यात्रा करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश के मूल निवासी वरिष्ठ नागरिकों (60 साल या अधिक आयु के व्यक्ति) को उनके जीवन काल में एक बार निर्धारित तीर्थ स्थानों में से किसी एक स्थान पर पूर्णतया निःशुल्क यात्रा करवाने की यह योजना वर्ष 2013 से चलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि यह योजना पूर्णतया निःशुल्क है। इसमें चयन के लिए किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील है कि इसके लिए किसी को किसी प्रकार का शुल्क नहीं दें। किसी भी जानकारी के लिए देवस्थान विभाग के कार्यालय या ईमेल पर सम्पर्क किया जा सकता है।

Keshoraipatan, Bundi | Jun 24, 2026

🚄 160 की रफ्तार का रास्ता तैयार!
अब बिना जोड़ की पटरियों पर दौड़ेंगी ट्रेनें
बयाना में देश का पहला सफल प्रयोग, RDSO-DRM ने परखा ट्रैक

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Keshoraipatan, Bundi | Jun 24, 2026

तस्वीरों और रंगों में जीवंत हुई 'छोटी काशी' की गौरवगाथा
बूंदी के 785वें स्थापना दिवस पर भव्य फोटो एवं चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ

बूंदी, 24 जून। 'छोटी काशी' के नाम से विख्यात बूंदी के 785वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को पर्यटन सूचना केंद्र में फोटो एवं चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में जहां एक ओर ड्रोन कैमरों से कैद शहर की ऐतिहासिक धरोहरों ने दर्शकों को रोमांचित किया, वहीं दूसरी ओर कैनवास पर उकेरी गई 'बूंदी शैली' की कलाकृतियों ने रियासतकालीन वैभव को जीवंत कर दिया।
           प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष रामेश्‍वर मीणा, महामंत्री संजय लाठी और उपखण्ड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा ने फीता काटकर किया। इससे पूर्व, पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर और संग्रहालय सहायक जगदीश वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।

ड्रोन के नजरिए से निखरी 'बावड़ियों के शहर' की आभा
         प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण ड्रोन से खींची गई तस्वीरें रहीं, जिनमें बूंदी का विहंगम और नयनाभिराम दृश्य देखने को मिला। तारागढ़ का किला, रानी जी की बावड़ी, 84 खंभों की कलात्मक छतरी, जैतसागर और नवल सागर झील की ड्रोन तस्वीरें दर्शकों के लिए आकर्षण का केन्‍द्र बनी रही।  छायाकार नारायण मण्डोवरा के कैमरे से 'बूंदी की गलियां' और 'बावड़ियों का शहर' एक बिल्कुल नए और मनमोहक रूप में नजर आया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

कैनवास पर आधुनिक कला और 'बूंदी शैली' का अनूठा संगम
           प्रदर्शनी के चित्रकला खंड में विश्व प्रसिद्ध 'बूंदी लघु चित्रशैली' के साथ आधुनिक कला का बेहतरीन फ्यूजन देखने को मिला। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के  साथ-साथ 'बूंदी ब्रश' के स्थानीय चित्रकारों ने अपनी कूची से जादू बिखेरा। स्थानीय चित्रकार सुनील जांगिड़, पंकज सिसोदिया, विवेक उतरेजा और हर्षा गौड़ ने  अतिथियों को अपनी पेंटिंग्स की बारीकियों और थीम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इन कलाकृतियों में बूंदी के प्राचीन किले, भव्य महल, यहां के सादगीपूर्ण लोक जीवन और रंग-बिरंगे त्योहारों को इस कदर उकेरा गया कि वे कैनवास पर बोलते हुए से प्रतीत हुए।
          इस अवसर पर शहर के कला प्रेमियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में इंटेक के संयोजक राजकुमार दाधीच, अरिहंत सिंह चरडास, पुरातत्ववेत्ता ओमप्रकाश कुक्की, राजेन्द्र भारद्वाज, रामेष्ट युवा मंडल के विवेक गुर्जर और अशोक तलवास सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

तस्वीरों और रंगों में जीवंत हुई 'छोटी काशी' की गौरवगाथा बूंदी के 785वें स्थापना दिवस पर भव्य फोटो एवं चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ बूंदी, 24 जून। 'छोटी काशी' के नाम से विख्यात बूंदी के 785वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को पर्यटन सूचना केंद्र में फोटो एवं चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में जहां एक ओर ड्रोन कैमरों से कैद शहर की ऐतिहासिक धरोहरों ने दर्शकों को रोमांचित किया, वहीं दूसरी ओर कैनवास पर उकेरी गई 'बूंदी शैली' की कलाकृतियों ने रियासतकालीन वैभव को जीवंत कर दिया। प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष रामेश्‍वर मीणा, महामंत्री संजय लाठी और उपखण्ड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा ने फीता काटकर किया। इससे पूर्व, पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर और संग्रहालय सहायक जगदीश वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। ड्रोन के नजरिए से निखरी 'बावड़ियों के शहर' की आभा प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण ड्रोन से खींची गई तस्वीरें रहीं, जिनमें बूंदी का विहंगम और नयनाभिराम दृश्य देखने को मिला। तारागढ़ का किला, रानी जी की बावड़ी, 84 खंभों की कलात्मक छतरी, जैतसागर और नवल सागर झील की ड्रोन तस्वीरें दर्शकों के लिए आकर्षण का केन्‍द्र बनी रही। छायाकार नारायण मण्डोवरा के कैमरे से 'बूंदी की गलियां' और 'बावड़ियों का शहर' एक बिल्कुल नए और मनमोहक रूप में नजर आया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। कैनवास पर आधुनिक कला और 'बूंदी शैली' का अनूठा संगम प्रदर्शनी के चित्रकला खंड में विश्व प्रसिद्ध 'बूंदी लघु चित्रशैली' के साथ आधुनिक कला का बेहतरीन फ्यूजन देखने को मिला। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ-साथ 'बूंदी ब्रश' के स्थानीय चित्रकारों ने अपनी कूची से जादू बिखेरा। स्थानीय चित्रकार सुनील जांगिड़, पंकज सिसोदिया, विवेक उतरेजा और हर्षा गौड़ ने अतिथियों को अपनी पेंटिंग्स की बारीकियों और थीम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इन कलाकृतियों में बूंदी के प्राचीन किले, भव्य महल, यहां के सादगीपूर्ण लोक जीवन और रंग-बिरंगे त्योहारों को इस कदर उकेरा गया कि वे कैनवास पर बोलते हुए से प्रतीत हुए। इस अवसर पर शहर के कला प्रेमियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में इंटेक के संयोजक राजकुमार दाधीच, अरिहंत सिंह चरडास, पुरातत्ववेत्ता ओमप्रकाश कुक्की, राजेन्द्र भारद्वाज, रामेष्ट युवा मंडल के विवेक गुर्जर और अशोक तलवास सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

Keshoraipatan, Bundi | Jun 24, 2026