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सोलन: बघाट बैंक बंद हो रहा है या नही जानिए लाइव।

Shimla Urban, Shimla | Jul 13, 2026

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लोअर बाजार के बाद अब संजौली में नगर निगम का एक्शन। दुकानों के बाहर रखा सामान हटाया गया और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। अब देखना होगा कि यह व्यवस्था कितने समय तक कायम रहती है।

#Shimla #Sanjauli #ShimlaMC #MunicipalCorporation #EncroachmentDrive #AntiEncroachment #SanjauliMarket #CleanShimla #HimachalNews #BreakingNews #HimachalNow #ShimlaUpdates

लोअर बाजार के बाद अब संजौली में नगर निगम का एक्शन। दुकानों के बाहर रखा सामान हटाया गया और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। अब देखना होगा कि यह व्यवस्था कितने समय तक कायम रहती है। #Shimla #Sanjauli #ShimlaMC #MunicipalCorporation #EncroachmentDrive #AntiEncroachment #SanjauliMarket #CleanShimla #HimachalNews #BreakingNews #HimachalNow #ShimlaUpdates

Shimla Urban, Shimla | Jul 13, 2026

2200 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट से शिमला शहर में यातायात व्यवस्था सुधरेगी
- एशियन डेवलपमेंट बैंक करेगा प्रोजेक्ट की फंडिंग
-शिमला में प्रस्तावित सुरंग निर्माण परियोजनाओं पर हितधारकों से किया गया व्यापक विचार-विमर्श
- टनल की स्टडी होगी दोबारा, फोरलेन से जोड़ने की देखी जाएगी फिजिबिलिटी 

राजधानी शिमला में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए 2200 करोड़ रुपए की लागत से  वैकल्पिक सड़कें, फ्लाईओवर और टनल आदि बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है।।इस प्रोजेक्ट की फंडिंग एशियन डेवलपमेंट बैंक ( एडीबी) के माध्यम से की जाएगी। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (HPRIDCL) द्वारा शिमला शहर में प्रस्तावित दो महत्वपूर्ण सुरंग निर्माण परियोजनाओं के संबंध में पहली स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन मीटिंग का आयोजन होटल होलीडे होम में रखी गई।

इस बैठक में स्थानीय विधायक हरीश जनार्था ने कहा कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के बारे टॉलैंड से आईजीएमसी टनल निर्माण के माध्यम से हाईवे तक जोड़ने की दिशा में कार्य करना होगा। इस एक टनल से आईजीएमसी और फोरलेन दोनों से जोड़ना अनिवार्य होगा। अन्यथा ये टनल स्वीकार नहीं की जाएगी। जब ऐसा करेंगे  तभी ट्रैफिक कम हो पाएगा। अगर टनल निर्माण से ट्रैफिक कम न हो पाए और दूरी कम न हो पाए तो फिर कोई फायदा नहीं है। ऐसे में टनल निर्माण का कार्य कर रही कंपनी  को यह ध्यान रखना होगा।  हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड  की टीम टनल को फोरलेन से जोड़ने के लिए स्टडी जल्दी करवाए  ताकि ये देखा जाए कि इस टनल के लिए  फिजिबिलिटी स्टेट्स क्या है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करता हूं कि 2200 करोड़ रुपए शहर में यातायात व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए खर्च होगा। हमें ये देखना होगा कि एक भी पैसे का दुरूपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में भविष्य के हिसाब से आधारभूत ढांचा विकसित करना होगा ।

बैठक में शिमला शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित दो सुरंगों के निर्माण पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तावित परियोजनाओं में आईजीएमसी जंक्शन से सेंट बीड्स कॉलेज के समीप आईपीएच पंप हाउस तक सुरंग तथा एचपी पीडब्ल्यूडी हट्स (हिमफेड पेट्रोल पंप के समीप) से निगम विहार (डाकघर के नीचे) तक दूसरी सुरंग का निर्माण शामिल है।

बैठक के दौरान परियोजनाओं की प्रारंभिक रूपरेखा, संभावित लाभ, तकनीकी पहलुओं तथा निर्माण के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। उपस्थित हितधारकों ने यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय लोगों की सुविधा तथा निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा संबंधी विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए।

एचपीआरआईडीसीएल के अधिकारियों ने कहा कि प्राप्त सुझावों का विस्तृत अध्ययन कर उन्हें परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में यथासंभव शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन सुरंगों के निर्माण से शिमला शहर में यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी, यात्रा समय घटेगा तथा नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित हितधारक उपस्थित रहे। परियोजना के डीपीआर सलाहकार द्वारा भी प्रस्तावित सुरंगों के तकनीकी पहलुओं की जानकारी साझा की गई।

इस दौरान स्थानीय विधायक हरीश जनार्था को पवन शर्मा, निदेशक हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने शॉल टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर  उमा कौशल, डीएसपी वरुण पटियाल, पार्षद ममता चंदेल, पार्षद मीनू चौहान, पार्षद आलोक पठानिया सहित अन्य हितधारक मौजूद रहे।

*विधानसभा फ्लाईओवर बनेगा दिसंबर 2026 तक*
विधानसभा के समीप बन रहा फ्लाईओवर दिसंबर 2026 में बनकर तैयार हो जाएगा। इसका निर्माण कार्य तीव्र गति से चला हुआ है। दिसंबर में इसका लोकार्पण किया जाएगा। इसके बनने से जाम से काफी निजात मिलेगा।

*इन स्थानों पर हुआ सर्वे*
हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से  विक्ट्री टनल, टॉलैंड जंक्शन,  छोटा शिमला,  शिमला बाईपास,  कुफरी रोड़ और आईजीएमसी जंक्शन में सर्वे किया गया है। इसमें संजोली जंक्शन से रोजाना  27,266 वाहन, छोटा शिमला 24,967 और विक्ट्री टनल पर 37,734 वाहन प्रतिदिन आते है। इस योजना के लिए ड्रोन से सर्वे किया गया है। शहर में सुबह शाम पीक आवर्स के दौरान किन स्थानों पर ज्यादा जाम लगता है, इसे भी चेक किया गया है। 

*2200 करोड़ रुपए होंगे खर्च*
एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा वित्तपोषित STRIDe (Sustainable Transport, Resilience and Integrated Development in Himachal Pradesh) परियोजना का उद्देश्य शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, जलवायु अनुकूल एवं सुरक्षित संपर्क विकसित करना तथा शिमला को लंबे समय तक ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए टिकाऊ समाधान उपलब्ध कराना है। इस परियोजना के तहत शिमला शहर के लिए सात प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें आईजीएमसी टनल के अतिरिक्त चक्कर बाईपास एवं एम.एल.ए क्रॉसिंग पर वायाडक्ट, रेलवे पार्किंग से होटल होलीडे होम तक केबल-स्टे ब्रिज, विक्ट्री टनल जंक्शन पर वायाडक्ट, मंजीयाठ में एंबुलेस रोड, मेहली-प्रीत नगर से लवासा चौकी सड़क उन्नयन तथा शहर में पैदल यात्री सुविधाओं का विकास शामिल है। इन परियोजनाओं पर लगभग 2,200 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।

*टनल बनने से कम होगा शहर का जाम*
आईजीएमसी टनल परियोजना के अंतर्गत लगभग 1.45 किलोमीटर लंबाई (910 मीटर एवं 540 मीटर) की दो सुरंगों का निर्माण प्रस्तावित है, जो आईजीएमसी को छोटा शिमला तथा छोटा शिमला को संजौली से सीधे जोड़ेंगी। इससे वाहनों को सचिवालय क्षेत्र से होकर गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी और शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर उच्च क्षमता वाला वैकल्पिक यातायात मार्ग उपलब्ध होगा।
डीपीआर के अंतर्गत किए गए यातायात अध्ययन के अनुसार वर्ष 2032 तक परियोजना के पूर्ण होने पर आईजीएमसी जंक्शन से संजौली चौक मार्ग पर लगभग 27 प्रतिशत तथा नवबहार से संजौली चौक मार्ग पर लगभग 36 प्रतिशत तक यातायात कम होने की संभावना है। इससे यात्रियों को आवागमन में सुविधा, समय की बचत तथा शहर में बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित होगा।

*रेलवे पार्किंग से होटल हॉलीडे होम तक प्रस्तावित केबल-स्टे ब्रिज*
रेलवे पार्किंग से होटल हॉलीडे होम तक प्रस्तावित केबल-स्टे (Cable-Stayed) ब्रिज शिमला की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रकार के पुल में सड़क का मुख्य डेक (Deck) ऊँचे पिलरों (Pylons) से निकलने वाली मजबूत स्टील केबलों के सहारे टिका होता है। प्रत्येक केबल सीधे पिलर से जुड़ी रहती है, जिससे पुल पर पड़ने वाला भार समान रूप से वितरित होता है और अतिरिक्त सहायक स्तंभों की आवश्यकता कम हो जाती है।
केबल-स्टे ब्रिज आधुनिक पुल निर्माण तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। इसकी संरचना न केवल मजबूत और टिकाऊ होती है, बल्कि कम भूमि उपयोग के साथ अपेक्षाकृत लंबी दूरी तक बिना मध्यवर्ती खंभों के पुल निर्माण की सुविधा भी प्रदान करती है। पर्वतीय क्षेत्रों में यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी होती है, क्योंकि इससे प्राकृतिक भू-आकृति और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।

प्रस्तावित पुल का आकर्षक डिजाइन शिमला के शहरी परिदृश्य को नई पहचान देगा। साथ ही, यह पैदल यात्रियों और वाहनों के सुरक्षित एवं सुचारू आवागमन में सहायक होगा। आधुनिक इंजीनियरिंग, सौंदर्य और कार्यक्षमता का समन्वय प्रस्तुत करने वाला यह केबल-स्टे ब्रिज भविष्य की आधारभूत संरचना का एक उत्कृष्ट उदाहरण साबित होगा।
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2200 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट से शिमला शहर में यातायात व्यवस्था सुधरेगी - एशियन डेवलपमेंट बैंक करेगा प्रोजेक्ट की फंडिंग -शिमला में प्रस्तावित सुरंग निर्माण परियोजनाओं पर हितधारकों से किया गया व्यापक विचार-विमर्श - टनल की स्टडी होगी दोबारा, फोरलेन से जोड़ने की देखी जाएगी फिजिबिलिटी राजधानी शिमला में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए 2200 करोड़ रुपए की लागत से वैकल्पिक सड़कें, फ्लाईओवर और टनल आदि बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है।।इस प्रोजेक्ट की फंडिंग एशियन डेवलपमेंट बैंक ( एडीबी) के माध्यम से की जाएगी। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (HPRIDCL) द्वारा शिमला शहर में प्रस्तावित दो महत्वपूर्ण सुरंग निर्माण परियोजनाओं के संबंध में पहली स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन मीटिंग का आयोजन होटल होलीडे होम में रखी गई। इस बैठक में स्थानीय विधायक हरीश जनार्था ने कहा कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के बारे टॉलैंड से आईजीएमसी टनल निर्माण के माध्यम से हाईवे तक जोड़ने की दिशा में कार्य करना होगा। इस एक टनल से आईजीएमसी और फोरलेन दोनों से जोड़ना अनिवार्य होगा। अन्यथा ये टनल स्वीकार नहीं की जाएगी। जब ऐसा करेंगे तभी ट्रैफिक कम हो पाएगा। अगर टनल निर्माण से ट्रैफिक कम न हो पाए और दूरी कम न हो पाए तो फिर कोई फायदा नहीं है। ऐसे में टनल निर्माण का कार्य कर रही कंपनी को यह ध्यान रखना होगा। हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की टीम टनल को फोरलेन से जोड़ने के लिए स्टडी जल्दी करवाए ताकि ये देखा जाए कि इस टनल के लिए फिजिबिलिटी स्टेट्स क्या है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करता हूं कि 2200 करोड़ रुपए शहर में यातायात व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए खर्च होगा। हमें ये देखना होगा कि एक भी पैसे का दुरूपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में भविष्य के हिसाब से आधारभूत ढांचा विकसित करना होगा । बैठक में शिमला शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित दो सुरंगों के निर्माण पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तावित परियोजनाओं में आईजीएमसी जंक्शन से सेंट बीड्स कॉलेज के समीप आईपीएच पंप हाउस तक सुरंग तथा एचपी पीडब्ल्यूडी हट्स (हिमफेड पेट्रोल पंप के समीप) से निगम विहार (डाकघर के नीचे) तक दूसरी सुरंग का निर्माण शामिल है। बैठक के दौरान परियोजनाओं की प्रारंभिक रूपरेखा, संभावित लाभ, तकनीकी पहलुओं तथा निर्माण के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। उपस्थित हितधारकों ने यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय लोगों की सुविधा तथा निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा संबंधी विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए। एचपीआरआईडीसीएल के अधिकारियों ने कहा कि प्राप्त सुझावों का विस्तृत अध्ययन कर उन्हें परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में यथासंभव शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन सुरंगों के निर्माण से शिमला शहर में यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी, यात्रा समय घटेगा तथा नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित हितधारक उपस्थित रहे। परियोजना के डीपीआर सलाहकार द्वारा भी प्रस्तावित सुरंगों के तकनीकी पहलुओं की जानकारी साझा की गई। इस दौरान स्थानीय विधायक हरीश जनार्था को पवन शर्मा, निदेशक हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने शॉल टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, डीएसपी वरुण पटियाल, पार्षद ममता चंदेल, पार्षद मीनू चौहान, पार्षद आलोक पठानिया सहित अन्य हितधारक मौजूद रहे। *विधानसभा फ्लाईओवर बनेगा दिसंबर 2026 तक* विधानसभा के समीप बन रहा फ्लाईओवर दिसंबर 2026 में बनकर तैयार हो जाएगा। इसका निर्माण कार्य तीव्र गति से चला हुआ है। दिसंबर में इसका लोकार्पण किया जाएगा। इसके बनने से जाम से काफी निजात मिलेगा। *इन स्थानों पर हुआ सर्वे* हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से विक्ट्री टनल, टॉलैंड जंक्शन, छोटा शिमला, शिमला बाईपास, कुफरी रोड़ और आईजीएमसी जंक्शन में सर्वे किया गया है। इसमें संजोली जंक्शन से रोजाना 27,266 वाहन, छोटा शिमला 24,967 और विक्ट्री टनल पर 37,734 वाहन प्रतिदिन आते है। इस योजना के लिए ड्रोन से सर्वे किया गया है। शहर में सुबह शाम पीक आवर्स के दौरान किन स्थानों पर ज्यादा जाम लगता है, इसे भी चेक किया गया है। *2200 करोड़ रुपए होंगे खर्च* एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा वित्तपोषित STRIDe (Sustainable Transport, Resilience and Integrated Development in Himachal Pradesh) परियोजना का उद्देश्य शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, जलवायु अनुकूल एवं सुरक्षित संपर्क विकसित करना तथा शिमला को लंबे समय तक ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए टिकाऊ समाधान उपलब्ध कराना है। इस परियोजना के तहत शिमला शहर के लिए सात प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें आईजीएमसी टनल के अतिरिक्त चक्कर बाईपास एवं एम.एल.ए क्रॉसिंग पर वायाडक्ट, रेलवे पार्किंग से होटल होलीडे होम तक केबल-स्टे ब्रिज, विक्ट्री टनल जंक्शन पर वायाडक्ट, मंजीयाठ में एंबुलेस रोड, मेहली-प्रीत नगर से लवासा चौकी सड़क उन्नयन तथा शहर में पैदल यात्री सुविधाओं का विकास शामिल है। इन परियोजनाओं पर लगभग 2,200 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। *टनल बनने से कम होगा शहर का जाम* आईजीएमसी टनल परियोजना के अंतर्गत लगभग 1.45 किलोमीटर लंबाई (910 मीटर एवं 540 मीटर) की दो सुरंगों का निर्माण प्रस्तावित है, जो आईजीएमसी को छोटा शिमला तथा छोटा शिमला को संजौली से सीधे जोड़ेंगी। इससे वाहनों को सचिवालय क्षेत्र से होकर गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी और शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर उच्च क्षमता वाला वैकल्पिक यातायात मार्ग उपलब्ध होगा। डीपीआर के अंतर्गत किए गए यातायात अध्ययन के अनुसार वर्ष 2032 तक परियोजना के पूर्ण होने पर आईजीएमसी जंक्शन से संजौली चौक मार्ग पर लगभग 27 प्रतिशत तथा नवबहार से संजौली चौक मार्ग पर लगभग 36 प्रतिशत तक यातायात कम होने की संभावना है। इससे यात्रियों को आवागमन में सुविधा, समय की बचत तथा शहर में बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित होगा। *रेलवे पार्किंग से होटल हॉलीडे होम तक प्रस्तावित केबल-स्टे ब्रिज* रेलवे पार्किंग से होटल हॉलीडे होम तक प्रस्तावित केबल-स्टे (Cable-Stayed) ब्रिज शिमला की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रकार के पुल में सड़क का मुख्य डेक (Deck) ऊँचे पिलरों (Pylons) से निकलने वाली मजबूत स्टील केबलों के सहारे टिका होता है। प्रत्येक केबल सीधे पिलर से जुड़ी रहती है, जिससे पुल पर पड़ने वाला भार समान रूप से वितरित होता है और अतिरिक्त सहायक स्तंभों की आवश्यकता कम हो जाती है। केबल-स्टे ब्रिज आधुनिक पुल निर्माण तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। इसकी संरचना न केवल मजबूत और टिकाऊ होती है, बल्कि कम भूमि उपयोग के साथ अपेक्षाकृत लंबी दूरी तक बिना मध्यवर्ती खंभों के पुल निर्माण की सुविधा भी प्रदान करती है। पर्वतीय क्षेत्रों में यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी होती है, क्योंकि इससे प्राकृतिक भू-आकृति और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है। प्रस्तावित पुल का आकर्षक डिजाइन शिमला के शहरी परिदृश्य को नई पहचान देगा। साथ ही, यह पैदल यात्रियों और वाहनों के सुरक्षित एवं सुचारू आवागमन में सहायक होगा। आधुनिक इंजीनियरिंग, सौंदर्य और कार्यक्षमता का समन्वय प्रस्तुत करने वाला यह केबल-स्टे ब्रिज भविष्य की आधारभूत संरचना का एक उत्कृष्ट उदाहरण साबित होगा। ...

Shimla Urban, Shimla | Jul 13, 2026

लोग भाजपा को वोट क्यों देंगे, 2027 में इतिहास बदलेगा: मुख्यमंत्री 
नीट पेपर लीक से लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूरः 
शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल को बनाएंगे देश का नंबर वनः मुख्यमंत्री
नीट पेपर लीक के विरोध में यूथ कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू
शिमला। 
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार के कार्यकाल में हुए नीट पेपर लीक ने लाखों विद्यार्थियों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में यूथ कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत संगठन प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन कर विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई अग्निवीर योजना ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते थे, लेकिन अब  चार वर्ष की अल्पकालिक सेवा वाली व्यवस्था के कारण युवाओं का रुझान प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए पुलिस सहित विभिन्न विभागों में पारदर्शी तरीके से नियमित भर्ती कर रही है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती और अधीनस्थ चयन आयोग की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे गए। वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य चयन आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर केन्द्र सरकार के कार्यकाल में नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जिससे देशभर के लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूर हुए।
श्री सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान पर पहुंच गया था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर आ गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक सुविधाओं से युक्त सीबीएसई स्कूल स्थापित कर रही है तथा उनमें शिक्षकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को यहां की शिक्षा व्यवस्था पर गर्व होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ बना रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में प्रदेश के लोग हर वर्ष उपचार के लिए राज्य से बाहर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च करते हैं। इसे देखते हुए सरकार प्रदेश में एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक मशीनें और उपकरण उपलब्ध करा रही है। सभी मेडिकल कॉलेजों में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं तथा रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की जा चुकी है, जिससे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार गाय का दूध 61 रुपये तथा भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही है।
श्री सुक्खू ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग 6,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाकर उनके समग्र विकास की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उठाई है। उन्होंने कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने राज्य के आरडीजी का अधिकार छीना और भाजपा सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को भी बंद करने की बात कहती है। उन्होंने कहा कि फिर लोग भाजपा को वोट क्यों देंगे? उन्होंने कहा कि 2027 में इतिहास बदलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ और कांग्रेस पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा ने देश को आजादी दिलवाने के साथ-साथ विकास की मजबूत नींव रखी। पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत हुई, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना हुई तथा देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए।
उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि जहां राहुल गांधी देशभर में छात्रों की आवाज बुलंद कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू छात्र राजनीति से आगे बढ़कर आज प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में देशभर में अनेक पेपर लीक हुए, जबकि हिमाचल में वर्तमान सरकार ने पेपर लीक मामलों के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी ज्योतिष एच.एम. ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन आयोजित कर विद्यार्थियों और आम जनता को नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में सभी सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं।
इस अवसर पर नीट पेपर के लीक होने के कारण उत्पन्न स्थितियों से 21 मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा।
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लोग भाजपा को वोट क्यों देंगे, 2027 में इतिहास बदलेगा: मुख्यमंत्री नीट पेपर लीक से लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूरः शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल को बनाएंगे देश का नंबर वनः मुख्यमंत्री नीट पेपर लीक के विरोध में यूथ कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार के कार्यकाल में हुए नीट पेपर लीक ने लाखों विद्यार्थियों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में यूथ कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत संगठन प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन कर विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई अग्निवीर योजना ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते थे, लेकिन अब चार वर्ष की अल्पकालिक सेवा वाली व्यवस्था के कारण युवाओं का रुझान प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए पुलिस सहित विभिन्न विभागों में पारदर्शी तरीके से नियमित भर्ती कर रही है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती और अधीनस्थ चयन आयोग की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे गए। वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य चयन आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर केन्द्र सरकार के कार्यकाल में नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जिससे देशभर के लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूर हुए। श्री सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान पर पहुंच गया था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर आ गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक सुविधाओं से युक्त सीबीएसई स्कूल स्थापित कर रही है तथा उनमें शिक्षकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को यहां की शिक्षा व्यवस्था पर गर्व होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ बना रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में प्रदेश के लोग हर वर्ष उपचार के लिए राज्य से बाहर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च करते हैं। इसे देखते हुए सरकार प्रदेश में एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक मशीनें और उपकरण उपलब्ध करा रही है। सभी मेडिकल कॉलेजों में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं तथा रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की जा चुकी है, जिससे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार गाय का दूध 61 रुपये तथा भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही है। श्री सुक्खू ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग 6,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाकर उनके समग्र विकास की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उठाई है। उन्होंने कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने राज्य के आरडीजी का अधिकार छीना और भाजपा सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को भी बंद करने की बात कहती है। उन्होंने कहा कि फिर लोग भाजपा को वोट क्यों देंगे? उन्होंने कहा कि 2027 में इतिहास बदलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ और कांग्रेस पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा ने देश को आजादी दिलवाने के साथ-साथ विकास की मजबूत नींव रखी। पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत हुई, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना हुई तथा देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए। उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि जहां राहुल गांधी देशभर में छात्रों की आवाज बुलंद कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू छात्र राजनीति से आगे बढ़कर आज प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में देशभर में अनेक पेपर लीक हुए, जबकि हिमाचल में वर्तमान सरकार ने पेपर लीक मामलों के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की है। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी ज्योतिष एच.एम. ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन आयोजित कर विद्यार्थियों और आम जनता को नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों के प्रति जागरूक किया जाएगा। युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में सभी सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। इस अवसर पर नीट पेपर के लीक होने के कारण उत्पन्न स्थितियों से 21 मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। .0. --

Shimla Urban, Shimla | Jul 13, 2026