बिहार बोर्ड में 32 वर्षों तक फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी का खुलासा
पटना: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर 32 वर्षों तक नौकरी करने का मामला सामने आया है। तीन कर्मचारियों शिवकुमार यादव, माधव यादव और हरिमोहन यादव पर जाली ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) जमा कर सेवा नियमित कराने का आरोप है। यह मामला प्रशासन में हड़कंप मचा चुका है।
आंतरिक जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद तीनों के खिलाफ पटना के कोतवाली थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की नियुक्ति वर्ष 1994-95 में दैनिक वेतन/संविदा आधार पर हुई थी और 2016 में उनकी सेवा नियमित कर दी गई थी। बोर्ड ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है।