जतिन्द्रनाथ दास ने 63 दिन की भूख हड़ताल के बाद 13 सितंबर 1929 को भारत मां के लिए बलिदान दिया
लाहौर सेंट्रल जेल में 63 दिनों की भूख हड़ताल के बाद जतिन दास ने अपनी जान दी। पिथौरागढ़ के नेडा में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनकी अदम्य हिम्मत और बलिदान को याद किया गया। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने अंतिम संस्कार में कंधा दिया था।