बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी, प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का रखा जा रहा विशेष ध्यान
खगड़िया जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों तक राहत एवं आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं पशुधन संरक्षण की दिशा में भी लगातार कार्य किया जा रहा है। जिला पदाधिकारी, खगड़िया श्री विक्रम विरकर के निर्देशानुसार सभी संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों द्वारा समन्वित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं राहत कार्यों के लिए वर्तमान में 157 नावों का परिचालन किया जा रहा है। जिले की लगभग 1,59,692 की आबादी को ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार क्षेत्रवार निगरानी की जा रही है।
राहत सामग्री की उपलब्धता एवं वितरण
प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के क्रम में अब तक 5,200 ड्राई राशन पैकेट तथा 19,510 पॉलीथिन शीट वितरित की जा चुकी हैं। राहत शिविरों एवं प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है।
बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे बच्चों की आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों के बाल कटवाने की व्यवस्था के साथ उन्हें आवश्यक पोशाक उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि विपरीत परिस्थितियों के बीच भी बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण मिल सके। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए राहत शिविरों में शिक्षकों/शिक्षा स्वयंसेवकों के माध्यम से अध्ययन की व्यवस्था भी की जा रही है।
महिलाओं एवं बच्चों की विशेष देखभाल
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क स्थापित कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में PHC तेमथा करारी, परबत्ता में सुरक्षित प्रसव कराया गया। वर्तमान में माता एवं नवजात शिशु दोनों स्वस्थ एवं सुरक्षित हैं।
महिलाओं की गरिमा एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राहत शिविरों में डिग्निटी किट का वितरण किया जा रहा है। वहीं, छोटे बच्चों की देखभाल एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की व्यवस्था की जा रही है।
पशुधन संरक्षण के लिए विशेष अभियान
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन को सुरक्षित रखने एवं पशुपालकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 13 पशु शिविर लगाए जा चुके हैं, जिनमें 992 पशुओं का उपचार किया गया है। पशुपालकों के बीच अब तक 220 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है।
आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई
आज लगार क्षेत्र में एक व्यक्ति की डूबने से मृत्यु की सूचना प्राप्त होने पर जिला प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई। सूचना प्राप्त होने के लगभग 20 मिनट के भीतर SDRF की टीम मौके पर पहुंची तथा आपदा मित्र द्वारा शव को बरामद कर लिया गया।
प्रशासन द्वारा त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करते हुए घटना के 5 घंटे के भीतर अनुग्रह अनुदान की राशि का भुगतान सुनिश्चित किया गया।
स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष जोर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं तटबंधों पर आश्रय लिए लोगों के लिए स्वच्छता संबंधी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। आवश्यकता वाले स्थानों पर अस्थायी शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही राहत शिविरों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं उपलब्धता की नियमित निगरानी की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों की तत्काल आवश्यकताओं के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों एवं पशुधन की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को निरंतर गति दी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक आवश्यक सहायता समयबद्ध एवं संवेदनशील तरीके से पहुंचाई जाए।
Khagaria, Bihar | Sep 10, 2026