आगामी श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सोमवार को सोनपुर स्थित पहलेजा घाट से बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक संपूर्ण कांवड़िया मार्ग और मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी विभागों को 29 जुलाई तक हर हाल में सभी तैयारियां पूरी करने का सख्त निर्देश दिया और स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने घाटों पर पूरे सावन माह के दौरान 24×7 साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, शुद्ध पेयजल, चेंजिंग रूम और शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएचईडी को पहलेजा घाट परिसर में 100 अस्थायी शौचालय तथा घाट तक जाने वाले मार्ग पर 50 अतिरिक्त शौचालय स्थापित करने और उनकी नियमित सफाई के लिए पर्याप्त सफाईकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए घाटों पर सुरक्षित ढलान, मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे, वॉच टॉवर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और प्रभावी निगरानी व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम को पहलेजा घाट पर पूरी तरह मुस्तैद रखने के आदेश दिए गए।
श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए आने और जाने वाले कांवड़ियों के लिए अलग-अलग मार्ग (पृथक पाथवे) विकसित करने, कांवड़िया पथ के गड्ढों की मरम्मत, पूरे मार्ग पर निर्बाध प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग स्थल, साइनेज, ड्रॉप गेट और आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। पर्यटन विभाग को श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए विशाल हैंगर (टेंट) समय पर तैयार कराने को कहा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं के तहत मेला क्षेत्र में कुल 8 मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 4 मेडिकल कैंप पहलेजा घाट पर 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। वहीं लगातार यात्रा करने वाले 'डाक बम' श्रद्धालुओं के लिए अलग विशेष सुविधा काउंटर भी बनाया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाइटिंग, बैरिकेडिंग, हेल्प डेस्क, कंट्रोल रूम, सैनिटेशन, एंबुलेंस, सीसीटीवी, पीए सिस्टम, वॉच टॉवर और अन्य सभी व्यवस्थाएं 29 जुलाई तक पूरी तरह तैयार हो जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सेवा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
Chapra, Saran | Jul 27, 2026