बाढ़ का अनुमंडलीय अस्पताल करोड़ों की लागत से बने नए भवन के बावजूद सिर्फ रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। डॉक्टरों व तकनीशियनों की भारी कमी से दुर्घटना समेत गंभीर मरीजों को सीधे पटना भेजा जाता है। ओपीडी में एक डॉक्टर पर सैकड़ों मरीजों का बोझ है। हड्डी, टीबी, चर्म, ईएनटी विशेषज्ञ नहीं हैं। रविवार को करीब 1 बजे स्थानीय नागरिक पिंटू सिंह ने नाराजगी व्यक्त की।