*"योगी जी तक पहुंचाइए ये वीडियो..." — श्रद्धालु की गुहार, राममंदिर के बगल श्री राम अस्पताल के विवादों से रामनगरी और सरकार की छवि पर उठे सवाल*
*डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे। एक के बाद एक वायरल वीडियो और शिकायतों ने श्री राम अस्पताल को फिर सुर्खियों में ला दिया है।*
अयोध्या। राम मंदिर से सटे श्री राम अस्पताल एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। अस्पताल में तैनात डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा से जुड़े मामलों की श्रृंखला लगातार लंबी होती जा रही है। बीते कुछ दिनों में सामने आए कई वीडियो और शिकायतों के बाद अब एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाती दिखाई दे रही है।
वीडियो में महिला भावुक होकर बार-बार कहती सुनाई देती है कि "यह वीडियो योगी जी तक पहुंचना चाहिए।" महिला का आरोप है कि राम मंदिर के ठीक बगल स्थित श्री राम अस्पताल में उससे इलाज के नाम पर दो से तीन हजार रुपये लिए गए, जबकि दवाइयां भी बाहर से लिखी गईं। महिला का कहना है कि यदि राम मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ भी ऐसा व्यवहार हो रहा है तो यह केवल एक मरीज का नहीं, बल्कि अयोध्या की प्रतिष्ठा का भी प्रश्न है।
इससे पहले श्री राम अस्पताल का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें अस्पताल के एक टेक्नीशियन के साथ कथित मारपीट होती दिखाई दी थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ, जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से थाना राम जन्मभूमि में क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई गई।
इसके बाद एक अन्य वीडियो में एक नाबालिग ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा और उनके साथ मौजूद कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। इस मामले में भी थाना राम जन्मभूमि में शिकायत दी गई।
इसी बीच वर्ष 2025 की एक आईजीआरएस रिपोर्ट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि माननीय विधायक बीकापुर और तत्कालीन जिलाधिकारी के माध्यम से की गई शिकायतों के आधार पर डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा को पैथोलॉजी कार्य के अलावा अन्य चिकित्सीय कार्यों से विरत रहने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, अस्पताल से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इन निर्देशों का प्रभावी पालन नहीं हुआ।
गौरतलब है कि पिछले तीन-चार वर्षों में डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा के विरुद्ध कई शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने भी समय-समय पर इन मामलों को उठाया, लेकिन आरोप है कि अब तक कोई ऐसी कार्रवाई नहीं हुई जिससे विवाद पूरी तरह समाप्त हो सके। यही कारण है कि एक के बाद एक नए आरोप और वीडियो सामने आते जा रहे हैं।
राम मंदिर के निकट स्थित श्री राम अस्पताल देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र माना जाता है। ऐसे में यदि यहां आने वाले मरीजों के साथ अभद्रता, अव्यवस्था या आर्थिक शोषण जैसे आरोप लगातार सामने आते हैं, तो इसका असर केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अयोध्या की वैश्विक छवि पर भी प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
सोशल मीडिया पर वायरल महिला के वीडियो में भी यही चिंता प्रमुखता से उभरकर सामने आती है। महिला का कहना है कि रामनगरी की गरिमा बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों का भरोसा कायम रह सके।
मिली जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो एक्स-रे टेक्नीशियन के साथ मारपीट से पहले का है और थोड़ा पुराना वीडियो है, इसमें अस्पताल के ही एक स्टाफ ने मामले को शांत कराया था और संभवतः कोई लिखित शिकायत नहीं हो पाई थी।
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Sohawal, Faizabad | Aug 7, 2026