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आज दिनांक 29.06.2026 को पुलिस अधीक्षक हरदोई श्री अशोक कुमार मीणा द्वारा पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई कर शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित को आदेशित किया गया। @Uppolice @Igrangelucknow @adgzonelucknow @dgpup https://t.co/qOdoY03Tcu

Hardoi, Uttar Pradesh | Jun 29, 2026

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी अविनाश के मां-बाप बोले- अब कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं बचे

अयोध्या स्थित राम मंदिर चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ल की गिरफ्तारी ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. प्रतापगढ़ जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाले उसके बूढ़े माता-पिता का कहना है कि बेटे का नाम इस मामले में आने के बाद पूरा परिवार टूट गया है.

गांव में लोगों के सवालों का सामना करना मुश्किल हो गया है और अब ऐसा लगता है कि कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं.

चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार अविनाश शुक्ल के पिता राम सजीवन शुक्ल बताते हैं कि उनका बेटा साल 2025 में अयोध्या गया था, उससे पहले उनका बड़ा बेटा अभिषेक शुक्ल साल 2021 में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में नियुक्त हुआ था और उसी समय से अयोध्या में रह रहा है. पिता के अनुसार, अविनाश भी पिछले करीब एक वर्ष से अपने बड़े भाई अभिषेक के साथ अयोध्या में रह रहा था, दोनों भाइयों की अभी शादी नहीं हुई है.

‘कर्मों का फल भगवान श्रीराम ही देंगे’

राम सजीवन शुक्ल का कहना है, ‘परिवार को उम्मीद थी कि दोनों बेटे नौकरी करेंगे तो घर की आर्थिक स्थिति और बेहतर होगी, लेकिन अब पूरा परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहा है.’ उनका कहना है कि राम मंदिर जैसे करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े मामले में नाम आने के बाद परिवार खुद को सामाजिक और मानसिक दबाव में महसूस कर रहा है. हालांकि परिजन बार-बार यही कहते हैं कि सच क्या है, इसका फैसला अदालत करेगी और कर्मों का फल भगवान श्रीराम ही देंगे.

‘कहीं मुंह दिखाने लायक भी नहीं बचे’

राम सजीवन शुक्ल कहते हैं कि बेटे की गिरफ्तारी के बाद गांव और रिश्तेदारी में तरह-तरह की बातें हो रही हैं… लोग सवाल पूछ रहे हैं और परिवार किसी को जवाब देने की स्थिति में नहीं है. उनका कहना है कि जो भी सच होगा, वह जांच और अदालत के सामने आएगा, लेकिन फिलहाल पूरा परिवार मानसिक रूप से टूट चुका है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब तो कहीं मुंह दिखाने लायक भी नहीं बचे हैं.

मां की आंखों से नहीं रुक रहे आंसू

अविनाश की मां मिथिलेश भी बेटे की गिरफ्तारी के बाद बेहद दुखी हैं. बेटे को लेकर पूछे गए हर सवाल पर उनकी आंखें भर आती हैं. उनका कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों को ईमानदारी से पाला है और कभी किसी का बुरा नहीं चाहा. मां का कहना है कि अब सब कुछ भगवान राम के हाथ में है, अगर बेटे से कोई गलती हुई होगी तो उसका फल भगवान देंगे और यदि वह निर्दोष होगा तो भगवान ही उसे न्याय दिलाएंगे.

पांच बेटों का परिवार

राम सजीवन शुक्ल और उनकी पत्नी मिथिलेश के कुल पांच बेटे हैं. परिवार के तीन बेटे गांव में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं. एक बेटा गांव में डिस्पेंसरी चलाता है. चौथे नंबर पर अभिषेक हैं, जो अयोध्या में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं. सबसे छोटा बेटा अविनाश भी अयोध्या में रह रहा था. परिवार का कहना है कि अभिषेक अपनी नौकरी से हर महीने घर खर्च के लिए पैसे भेजता था, उसी पैसे से खेती-बाड़ी का खर्च चलता था, अविनाश भी जब गांव आता था तो दो-चार हजार रुपये माता-पिता को देकर उनकी मदद करता था.

14 बीघा जमीन, कच्चे मकान में रहते हैं माता-पिता

राम सजीवन बताते हैं कि उनके पास करीब 14 बीघा कृषि भूमि है… परिवार खेती करता है और ट्रैक्टर से खेती-बाड़ी का काम होता है. खेती के साथ-साथ बेटों की कमाई से परिवार का खर्च चलता रहा है. गांव में उनका जीवन बेहद सामान्य रहा है और कभी किसी बड़े विवाद में परिवार का नाम नहीं आया. परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि, राम सजीवन बताते हैं कि वे आज भी अपने पुराने जर्जर कच्चे मकान में पत्नी के साथ रहते हैं.

जिस घर की बात राम सजीवन कर रहे हैं, उसी घर के पास एक नया पक्का मकान भी बनाया गया है, जिसमें उनके तीन बेटे और उनकी बहुएं रहती हैं. राम मंदिर चढ़ावा मामले में अविनाश शुक्ल की गिरफ्तारी के बाद पूरा गांव इस घटना की चर्चा कर रहा है. कोई परिवार के प्रति सहानुभूति जता रहा है तो कोई जांच पूरी होने का इंतजार करने की बात कह रहा है. गांव के लोगों का कहना है कि इतने बड़े मामले में नाम आने के बाद परिवार पर सामाजिक दबाव स्वाभाविक है.

परिवार की एक ही गुहार

परिवार का कहना है कि वे कानून का सम्मान करते हैं और चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो. उनका कहना है कि अगर बेटा दोषी है तो कानून अपना काम करे, लेकिन यदि वह निर्दोष है तो उसे न्याय मिलना चाहिए.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी अविनाश के मां-बाप बोले- अब कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं बचे अयोध्या स्थित राम मंदिर चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ल की गिरफ्तारी ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. प्रतापगढ़ जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाले उसके बूढ़े माता-पिता का कहना है कि बेटे का नाम इस मामले में आने के बाद पूरा परिवार टूट गया है. गांव में लोगों के सवालों का सामना करना मुश्किल हो गया है और अब ऐसा लगता है कि कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं. चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार अविनाश शुक्ल के पिता राम सजीवन शुक्ल बताते हैं कि उनका बेटा साल 2025 में अयोध्या गया था, उससे पहले उनका बड़ा बेटा अभिषेक शुक्ल साल 2021 में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में नियुक्त हुआ था और उसी समय से अयोध्या में रह रहा है. पिता के अनुसार, अविनाश भी पिछले करीब एक वर्ष से अपने बड़े भाई अभिषेक के साथ अयोध्या में रह रहा था, दोनों भाइयों की अभी शादी नहीं हुई है. ‘कर्मों का फल भगवान श्रीराम ही देंगे’ राम सजीवन शुक्ल का कहना है, ‘परिवार को उम्मीद थी कि दोनों बेटे नौकरी करेंगे तो घर की आर्थिक स्थिति और बेहतर होगी, लेकिन अब पूरा परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहा है.’ उनका कहना है कि राम मंदिर जैसे करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े मामले में नाम आने के बाद परिवार खुद को सामाजिक और मानसिक दबाव में महसूस कर रहा है. हालांकि परिजन बार-बार यही कहते हैं कि सच क्या है, इसका फैसला अदालत करेगी और कर्मों का फल भगवान श्रीराम ही देंगे. ‘कहीं मुंह दिखाने लायक भी नहीं बचे’ राम सजीवन शुक्ल कहते हैं कि बेटे की गिरफ्तारी के बाद गांव और रिश्तेदारी में तरह-तरह की बातें हो रही हैं… लोग सवाल पूछ रहे हैं और परिवार किसी को जवाब देने की स्थिति में नहीं है. उनका कहना है कि जो भी सच होगा, वह जांच और अदालत के सामने आएगा, लेकिन फिलहाल पूरा परिवार मानसिक रूप से टूट चुका है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब तो कहीं मुंह दिखाने लायक भी नहीं बचे हैं. मां की आंखों से नहीं रुक रहे आंसू अविनाश की मां मिथिलेश भी बेटे की गिरफ्तारी के बाद बेहद दुखी हैं. बेटे को लेकर पूछे गए हर सवाल पर उनकी आंखें भर आती हैं. उनका कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों को ईमानदारी से पाला है और कभी किसी का बुरा नहीं चाहा. मां का कहना है कि अब सब कुछ भगवान राम के हाथ में है, अगर बेटे से कोई गलती हुई होगी तो उसका फल भगवान देंगे और यदि वह निर्दोष होगा तो भगवान ही उसे न्याय दिलाएंगे. पांच बेटों का परिवार राम सजीवन शुक्ल और उनकी पत्नी मिथिलेश के कुल पांच बेटे हैं. परिवार के तीन बेटे गांव में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं. एक बेटा गांव में डिस्पेंसरी चलाता है. चौथे नंबर पर अभिषेक हैं, जो अयोध्या में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं. सबसे छोटा बेटा अविनाश भी अयोध्या में रह रहा था. परिवार का कहना है कि अभिषेक अपनी नौकरी से हर महीने घर खर्च के लिए पैसे भेजता था, उसी पैसे से खेती-बाड़ी का खर्च चलता था, अविनाश भी जब गांव आता था तो दो-चार हजार रुपये माता-पिता को देकर उनकी मदद करता था. 14 बीघा जमीन, कच्चे मकान में रहते हैं माता-पिता राम सजीवन बताते हैं कि उनके पास करीब 14 बीघा कृषि भूमि है… परिवार खेती करता है और ट्रैक्टर से खेती-बाड़ी का काम होता है. खेती के साथ-साथ बेटों की कमाई से परिवार का खर्च चलता रहा है. गांव में उनका जीवन बेहद सामान्य रहा है और कभी किसी बड़े विवाद में परिवार का नाम नहीं आया. परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि, राम सजीवन बताते हैं कि वे आज भी अपने पुराने जर्जर कच्चे मकान में पत्नी के साथ रहते हैं. जिस घर की बात राम सजीवन कर रहे हैं, उसी घर के पास एक नया पक्का मकान भी बनाया गया है, जिसमें उनके तीन बेटे और उनकी बहुएं रहती हैं. राम मंदिर चढ़ावा मामले में अविनाश शुक्ल की गिरफ्तारी के बाद पूरा गांव इस घटना की चर्चा कर रहा है. कोई परिवार के प्रति सहानुभूति जता रहा है तो कोई जांच पूरी होने का इंतजार करने की बात कह रहा है. गांव के लोगों का कहना है कि इतने बड़े मामले में नाम आने के बाद परिवार पर सामाजिक दबाव स्वाभाविक है. परिवार की एक ही गुहार परिवार का कहना है कि वे कानून का सम्मान करते हैं और चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो. उनका कहना है कि अगर बेटा दोषी है तो कानून अपना काम करे, लेकिन यदि वह निर्दोष है तो उसे न्याय मिलना चाहिए.

Hardoi, Hardoi | Jun 29, 2026

शादी समारोह के दौरान विवाद में मारपीट, चार घायल
 @topfans 
#हरदोई 
#hardoinews

शादी समारोह के दौरान विवाद में मारपीट, चार घायल @topfans #हरदोई #hardoinews

Hardoi, Hardoi | Jun 29, 2026

थाना सवायजपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 186/26 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस से संबंधित 01 अभियुक्त को चोरी किये गये सामान सहित गिरफ्तार करने के संबंध में । @Igrangelucknow @adgzonelucknow @Uppolice @dgpup https://t.co/8DMYIR2lT1

थाना सवायजपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 186/26 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस से संबंधित 01 अभियुक्त को चोरी किये गये सामान सहित गिरफ्तार करने के संबंध में । @Igrangelucknow @adgzonelucknow @Uppolice @dgpup https://t.co/8DMYIR2lT1

Hardoi, Uttar Pradesh | Jun 29, 2026

हरदोई: बिलग्राम थाने में मिली मासूम की खून से लथपथ पैंट, परिजनों का रेप का आरोप; कवरेज कर रहे पत्रकार से पुलिस की अभद्रता

हरदोई (बिलग्राम)। उत्तर प्रदेश के जनपद हरदोई के बिलग्राम थाने से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची की गुमशुदगी के बाद जब वह बरामद हुई, तो थाने के अंदर का मंजर देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोप है कि थाने में मासूम बच्ची के खून से लथपथ कपड़े मिले, जिसके बाद परिजनों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म (रेप) किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।

गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद हुआ बड़ा खुलासा
जानकारी के अनुसार, पीड़ित पिता उजियारे लाल गौतम ने बिलग्राम थाने में अपनी 11 वर्षीय नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा लड़की को बरामद किए जाने के बाद जब परिजन थाने पहुंचे, तो वहाँ का नजारा बेहद खौफनाक था।

बेटी के खून से सने कपड़े देखकर माँ की रूह कांप उठी। जब पीड़ित परिवार ने इस पर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई और सवाल पूछे, तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने हमदर्दी दिखाने के बजाय पीड़ित परिवार को ही भद्दी-भद्दी गालियां दीं और थाने से बाहर खदेड़ दिया। 

 पत्रकार के साथ अभद्रता, वीडियो आया सामने
इस संवेदनशील घटना की कवरेज करने और पीड़ित परिवार का पक्ष जानने के लिए मौके पर मौजूद स्थानीय पत्रकार ने जब पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया, तो थाने में तैनात पुलिसकर्मी भड़क गए।

आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पत्रकारिता के चौथे स्तंभ का गला घोंटते हुए पत्रकार के साथ घोर अभद्रता की, उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की और मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां दीं।

 इन पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोप
पीड़ित पत्रकार ने थाने में तैनात निम्नलिखित पुलिसकर्मियों पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
 
 धर्मेन्द्र गिरी (पुलिसकर्मी)
  देवनारायण पांडे (दरोगा)

पत्रकार का दावा है कि पुलिसकर्मियों द्वारा की गई गाली-गलौज और बदसलूकी की पूरी वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित मौजूद है, जो पुलिस के इस अमानवीय और तानाशाही चेहरे को बेनकाब करती है।
इंसाफ की मांग और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल
एक तरफ जहां सूबे की सरकार कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं हरदोई के बिलग्राम थाने से आई यह तस्वीर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई और बच्ची के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

#citynews24live 

City News 24 Live  

Hardoi Police

हरदोई: बिलग्राम थाने में मिली मासूम की खून से लथपथ पैंट, परिजनों का रेप का आरोप; कवरेज कर रहे पत्रकार से पुलिस की अभद्रता हरदोई (बिलग्राम)। उत्तर प्रदेश के जनपद हरदोई के बिलग्राम थाने से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची की गुमशुदगी के बाद जब वह बरामद हुई, तो थाने के अंदर का मंजर देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोप है कि थाने में मासूम बच्ची के खून से लथपथ कपड़े मिले, जिसके बाद परिजनों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म (रेप) किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद हुआ बड़ा खुलासा जानकारी के अनुसार, पीड़ित पिता उजियारे लाल गौतम ने बिलग्राम थाने में अपनी 11 वर्षीय नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा लड़की को बरामद किए जाने के बाद जब परिजन थाने पहुंचे, तो वहाँ का नजारा बेहद खौफनाक था। बेटी के खून से सने कपड़े देखकर माँ की रूह कांप उठी। जब पीड़ित परिवार ने इस पर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई और सवाल पूछे, तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने हमदर्दी दिखाने के बजाय पीड़ित परिवार को ही भद्दी-भद्दी गालियां दीं और थाने से बाहर खदेड़ दिया। पत्रकार के साथ अभद्रता, वीडियो आया सामने इस संवेदनशील घटना की कवरेज करने और पीड़ित परिवार का पक्ष जानने के लिए मौके पर मौजूद स्थानीय पत्रकार ने जब पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया, तो थाने में तैनात पुलिसकर्मी भड़क गए। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पत्रकारिता के चौथे स्तंभ का गला घोंटते हुए पत्रकार के साथ घोर अभद्रता की, उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की और मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां दीं। इन पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोप पीड़ित पत्रकार ने थाने में तैनात निम्नलिखित पुलिसकर्मियों पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं: धर्मेन्द्र गिरी (पुलिसकर्मी) देवनारायण पांडे (दरोगा) पत्रकार का दावा है कि पुलिसकर्मियों द्वारा की गई गाली-गलौज और बदसलूकी की पूरी वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित मौजूद है, जो पुलिस के इस अमानवीय और तानाशाही चेहरे को बेनकाब करती है। इंसाफ की मांग और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल एक तरफ जहां सूबे की सरकार कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं हरदोई के बिलग्राम थाने से आई यह तस्वीर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई और बच्ची के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। #citynews24live City News 24 Live Hardoi Police

Hardoi, Hardoi | Jun 29, 2026