बास्तानार: बचपन से जुड़ी प्रकृति की डोर, नौनिहालों ने सूखी पत्तियों और छिलकों से खाद बनाना सीखा
बचपन की कोमल सीख जब प्रकृति के सानिध्य में परवान चढ़ती है, तो भविष्य की नींव बेहद मजबूत और टिकाऊ हो जाती है। इसी भावना को साकार करते हुए हाल ही में 'तितली संस्था' के सहयोग से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बेहद प्रभावी और रोचक गतिविधि का आयोजन जिले के चयनित 120 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर किया गया।