हरदोई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 2-3 के शौचालय में तीन दिन से अंधेरा, मोबाइल टॉर्च के सहारे जाने को मजबूर यात्री
हरदोई रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर लखनऊ छोर स्थित सार्वजनिक शौचालय में पिछले तीन दिनों से रोशनी की व्यवस्था ठप बताई जा रही है। रात के समय यहां पूरी तरह अंधेरा रहने के कारण यात्रियों, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों का कहना है कि उन्हें शौचालय तक जाने और उसका उपयोग करने के लिए मोबाइल की टॉर्च का सहारा लेना पड़ रहा है।यात्रियों के अनुसार, रात में शौचालय के आसपास पर्याप्त रोशनी न होने से असुरक्षा की भावना भी बनी रहती है। अंधेरे के कारण फिसलने या किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि स्टेशन पर तैनात संबंधित विभाग के कर्मचारियों को इस समस्या की जानकारी होनी चाहिए थी, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
*स्टेशन परिसर में कई स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं*
रेलवे के विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। स्टेशन परिसर में कई स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कहीं आवश्यकता से अधिक विद्युत पोल लगाए गए हैं तो कहीं जरूरी स्थानों पर पर्याप्त रोशनी तक उपलब्ध नहीं है। इससे रखरखाव व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
हरदोई रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्य कराए गए हैं। ऐसे में यात्रियों का कहना है कि यदि मूलभूत सुविधाओं का नियमित रखरखाव नहीं होगा तो इन विकास कार्यों का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उनका मानना है कि स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थल पर शौचालय, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं हर समय सुचारु रहनी चाहिए।यात्रियों ने मंडल रेल प्रशासन से मांग की है कि प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 के शौचालय की प्रकाश व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराई जाए। साथ ही पूरे स्टेशन परिसर की विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा सामने न आएं। यात्रियों का कहना है कि छोटी दिखने वाली ऐसी लापरवाही रात के समय बड़े सुरक्षा जोखिम का कारण बन सकती है।
Hardoi, Hardoi | Jul 12, 2026