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*!! ॐ साई राम !!**श्री साईबाबा संस्थान विश्वस्त व्यवस्था,शिर्डी**!! ॐ Sai Ram !!**Shri Saibab #swami

Madhya Pradesh, India | Dec 19, 2025

MORE NEWS

🔳शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इको क्लब दिवस पर विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

🔳कटनी - पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इको क्लब दिवस के अवसर पर गुरूवार को "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान सहित विभिन्न पर्यावरणीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

          महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बाजपेयी के मार्गदर्शन एवं इको क्लब प्रभारी प्रो. श्रीमती ज्योत्सना के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना था।

          कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इको क्लब के उद्देश्यों, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, जल संरक्षण, स्वच्छता तथा सतत विकास के महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही उन्हें अधिक से अधिक पौधारोपण करने, जल एवं ऊर्जा का संरक्षण करने तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। संकल्प ग्रहण की प्रक्रिया का संचालन डॉ. माधुरी गर्ग एवं वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. जी. एम. मुस्तफा द्वारा संपन्न कराया गया।

          कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रकार के बहुउपयोगी एवं औषधीय पौधों का पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. माधुरी गर्ग, डॉ. वी. के. द्विवेदी, प्रो. जी. एम. मुस्तफा, डॉ. सरदार दिवाकर, डॉ. रुक्मणि प्रताप सिंह, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. जयप्रकाश अवस्थी तथा डॉ. शिनन्दन पटेल सहित अन्य प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
#JansamparkMP 
#CMMadhyaPradesh 
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🔳शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इको क्लब दिवस पर विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन 🔳कटनी - पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इको क्लब दिवस के अवसर पर गुरूवार को "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान सहित विभिन्न पर्यावरणीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बाजपेयी के मार्गदर्शन एवं इको क्लब प्रभारी प्रो. श्रीमती ज्योत्सना के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इको क्लब के उद्देश्यों, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, जल संरक्षण, स्वच्छता तथा सतत विकास के महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही उन्हें अधिक से अधिक पौधारोपण करने, जल एवं ऊर्जा का संरक्षण करने तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। संकल्प ग्रहण की प्रक्रिया का संचालन डॉ. माधुरी गर्ग एवं वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. जी. एम. मुस्तफा द्वारा संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रकार के बहुउपयोगी एवं औषधीय पौधों का पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. माधुरी गर्ग, डॉ. वी. के. द्विवेदी, प्रो. जी. एम. मुस्तफा, डॉ. सरदार दिवाकर, डॉ. रुक्मणि प्रताप सिंह, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. जयप्रकाश अवस्थी तथा डॉ. शिनन्दन पटेल सहित अन्य प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #DrMohanYadav51 #udaypratapmp #jbpcommissioner #katni #कटनी

Katni, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026

🔳खनिज राजधानी कटनी की धरती में छिपा है भविष्य का खजाना*

🔳अब डोलोमाइट और लाइमस्टोन ही नहीं, टाइटेनियम और वेनेडियम जैसी रणनीतिक धातुओं से भी चमकेगा कटनी

🔳स्लीमनाबाद क्षेत्र में रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स की संभावनाओं ने बढ़ाई राष्ट्रीय महत्व की पहचान

🔳कटनी -  मध्यप्रदेश की खनिज राजधानी के रूप में पहचान बना चुका कटनी जिला अब देश के रणनीतिक और भविष्य की तकनीकों में उपयोग होने वाले दुर्लभ खनिजों का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। डोलोमाइट, लाइमस्टोन, बॉक्साइट और बेस मेटल जैसी खनिज संपदा के लिए प्रसिद्ध यह जिला अब टाइटेनियम और वेनेडियम जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

          कटनी जिले के बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्लीमनाबाद क्षेत्र में पूर्व में गोल्ड और बेस मेटल के संकेत मिलने के बाद अब भूवैज्ञानिक अध्ययनों ने यहां टाइटेनियम, वेनेडियम, एलुमिना और लैटेराइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की मौजूदगी की संभावनाओं को मजबूत किया है। यदि वैज्ञानिक सर्वेक्षण में इन संकेतों की पुष्टि होती है, तो यह खोज न केवल कटनी बल्कि पूरे देश के औद्योगिक और रणनीतिक भविष्य को नई दिशा दे सकती है।

*कटनी और जबलपुर की सीमा पर तैयार हुआ विशाल कंपोजिट ब्लॉक*

          राज्य शासन द्वारा इस क्षेत्र में खनिज संभावनाओं के दोहन के लिए छपरा, निमास और देवरी गांवों को शामिल करते हुए लगभग 400 हेक्टेयर क्षेत्रफल का एक कंपोजिट ब्लॉक तैयार किया गया है। इसमें लगभग 200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र अकेले कटनी जिले की सीमा में आता है, जिससे इस परियोजना में जिले की भूमिका और महत्व दोनों बढ़ गए हैं।

*जल्द शुरू होगी ई-नीलामी और वैज्ञानिक सर्वेक्षण की प्रक्रिया*

          राज्य सरकार इस ब्लॉक के लिए शीघ्र ही प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस (Prospecting License) प्रदान करने हेतु पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ करने जा रही है। नीलामी के बाद चयनित एजेंसी आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक उपकरणों की सहायता से विस्तृत भू-वैज्ञानिक अन्वेषण करेगी।

          इस सर्वेक्षण के माध्यम से यह निर्धारित किया जाएगा कि धरती के भीतर कौन-से खनिज किस गहराई पर और कितनी मात्रा में उपलब्ध हैं। यही अध्ययन भविष्य के व्यावसायिक खनन की दिशा तय करेगा।

*इसलिए महत्वपूर्ण हैं टाइटेनियम और वेनेडियम*

          टाइटेनियम और वेनेडियम को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक खनिजों में गिना जाता है। इनका उपयोग अंतरिक्ष एवं उपग्रह तकनीक, रक्षा उपकरण निर्माण, विमान और मिसाइल उद्योग, इलेक्ट्रिक वाहनों, ऊर्जा भंडारण प्रणालियों, सेमीकंडक्टर और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण एवं विशेष मिश्र धातुओं के निर्माण में किया जाता है।

          भारत वर्तमान में इन खनिजों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बड़े स्तर पर आयात पर निर्भर है। ऐसे में यदि कटनी की धरती में इनके व्यावसायिक भंडार की पुष्टि होती है, तो यह देश की आत्मनिर्भरता और रणनीतिक क्षमता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम होगा।

*कटनी में खुलेगा निवेश और रोजगार का नया अध्याय*

          खनिज विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यदि इन दुर्लभ खनिजों का व्यावसायिक खनन प्रारंभ होता है, तो कटनी और बहोरीबंद क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं पैदा होंगी। इसके साथ ही परिवहन, प्रसंस्करण, औद्योगिक इकाइयों और सहायक सेवाओं के विकास से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी निर्मित होंगे।

*खनिज हब से क्रिटिकल मिनरल हब बनने की ओर कटनी*

          अब तक डोलोमाइट और सीमेंट उद्योग की पहचान रखने वाला कटनी जिला तेजी से देश के उभरते क्रिटिकल मिनरल कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है। स्लीमनाबाद क्षेत्र में रेयर अर्थ और रणनीतिक खनिजों की संभावनाएं इस बात का संकेत हैं कि आने वाले वर्षों में कटनी केवल मध्यप्रदेश की खनिज राजधानी ही नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी और औद्योगिक आत्मनिर्भरता की यात्रा का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

          यदि धरती के गर्भ में छिपे इन संकेतों की पुष्टि होती है, तो यह खोज केवल एक खनिज उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि कटनी के आर्थिक भविष्य और भारत की रणनीतिक शक्ति के लिए एक नए युग की शुरुआत साबित होगी।
#JansamparkMP 
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🔳खनिज राजधानी कटनी की धरती में छिपा है भविष्य का खजाना* 🔳अब डोलोमाइट और लाइमस्टोन ही नहीं, टाइटेनियम और वेनेडियम जैसी रणनीतिक धातुओं से भी चमकेगा कटनी 🔳स्लीमनाबाद क्षेत्र में रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स की संभावनाओं ने बढ़ाई राष्ट्रीय महत्व की पहचान 🔳कटनी - मध्यप्रदेश की खनिज राजधानी के रूप में पहचान बना चुका कटनी जिला अब देश के रणनीतिक और भविष्य की तकनीकों में उपयोग होने वाले दुर्लभ खनिजों का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। डोलोमाइट, लाइमस्टोन, बॉक्साइट और बेस मेटल जैसी खनिज संपदा के लिए प्रसिद्ध यह जिला अब टाइटेनियम और वेनेडियम जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। कटनी जिले के बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्लीमनाबाद क्षेत्र में पूर्व में गोल्ड और बेस मेटल के संकेत मिलने के बाद अब भूवैज्ञानिक अध्ययनों ने यहां टाइटेनियम, वेनेडियम, एलुमिना और लैटेराइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की मौजूदगी की संभावनाओं को मजबूत किया है। यदि वैज्ञानिक सर्वेक्षण में इन संकेतों की पुष्टि होती है, तो यह खोज न केवल कटनी बल्कि पूरे देश के औद्योगिक और रणनीतिक भविष्य को नई दिशा दे सकती है। *कटनी और जबलपुर की सीमा पर तैयार हुआ विशाल कंपोजिट ब्लॉक* राज्य शासन द्वारा इस क्षेत्र में खनिज संभावनाओं के दोहन के लिए छपरा, निमास और देवरी गांवों को शामिल करते हुए लगभग 400 हेक्टेयर क्षेत्रफल का एक कंपोजिट ब्लॉक तैयार किया गया है। इसमें लगभग 200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र अकेले कटनी जिले की सीमा में आता है, जिससे इस परियोजना में जिले की भूमिका और महत्व दोनों बढ़ गए हैं। *जल्द शुरू होगी ई-नीलामी और वैज्ञानिक सर्वेक्षण की प्रक्रिया* राज्य सरकार इस ब्लॉक के लिए शीघ्र ही प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस (Prospecting License) प्रदान करने हेतु पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ करने जा रही है। नीलामी के बाद चयनित एजेंसी आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक उपकरणों की सहायता से विस्तृत भू-वैज्ञानिक अन्वेषण करेगी। इस सर्वेक्षण के माध्यम से यह निर्धारित किया जाएगा कि धरती के भीतर कौन-से खनिज किस गहराई पर और कितनी मात्रा में उपलब्ध हैं। यही अध्ययन भविष्य के व्यावसायिक खनन की दिशा तय करेगा। *इसलिए महत्वपूर्ण हैं टाइटेनियम और वेनेडियम* टाइटेनियम और वेनेडियम को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक खनिजों में गिना जाता है। इनका उपयोग अंतरिक्ष एवं उपग्रह तकनीक, रक्षा उपकरण निर्माण, विमान और मिसाइल उद्योग, इलेक्ट्रिक वाहनों, ऊर्जा भंडारण प्रणालियों, सेमीकंडक्टर और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण एवं विशेष मिश्र धातुओं के निर्माण में किया जाता है। भारत वर्तमान में इन खनिजों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बड़े स्तर पर आयात पर निर्भर है। ऐसे में यदि कटनी की धरती में इनके व्यावसायिक भंडार की पुष्टि होती है, तो यह देश की आत्मनिर्भरता और रणनीतिक क्षमता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम होगा। *कटनी में खुलेगा निवेश और रोजगार का नया अध्याय* खनिज विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यदि इन दुर्लभ खनिजों का व्यावसायिक खनन प्रारंभ होता है, तो कटनी और बहोरीबंद क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं पैदा होंगी। इसके साथ ही परिवहन, प्रसंस्करण, औद्योगिक इकाइयों और सहायक सेवाओं के विकास से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी निर्मित होंगे। *खनिज हब से क्रिटिकल मिनरल हब बनने की ओर कटनी* अब तक डोलोमाइट और सीमेंट उद्योग की पहचान रखने वाला कटनी जिला तेजी से देश के उभरते क्रिटिकल मिनरल कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है। स्लीमनाबाद क्षेत्र में रेयर अर्थ और रणनीतिक खनिजों की संभावनाएं इस बात का संकेत हैं कि आने वाले वर्षों में कटनी केवल मध्यप्रदेश की खनिज राजधानी ही नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी और औद्योगिक आत्मनिर्भरता की यात्रा का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। यदि धरती के गर्भ में छिपे इन संकेतों की पुष्टि होती है, तो यह खोज केवल एक खनिज उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि कटनी के आर्थिक भविष्य और भारत की रणनीतिक शक्ति के लिए एक नए युग की शुरुआत साबित होगी। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #DrMohanYadav51 #udaypratapmp #jbpcommissioner #katni #कटनी

Katni, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026

जगन्नाथ प्रभु की भव्य रथयात्रा, भक्तों की उमड़ी भीड़ #jagannathrathyatra #shorts #purijagannath

जगन्नाथ प्रभु की भव्य रथयात्रा, भक्तों की उमड़ी भीड़ #jagannathrathyatra #shorts #purijagannath

Katni Nagar, Katni | Jul 16, 2026

🔳स्लीमनाबाद टनल खुदाई कार्य पूर्ण, 5 जिलों का 1.85 लाख हेक्टेयर भू-क्षेत्र होगा सिंचित

🔳कटनी  - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कृषक कल्याण वर्ष में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश के अनुक्रम में कटनी जिले के स्लीमनाबाद टनल की खुदाई का कार्य पूर्ण हो गया है और टनल बोरिंग मशीन अब टनल के अंतिम स्‍थल पर पहुंच गई है। टनल की कुल लम्बाई 11.952 किलोमीटर है। यह देश की सबसे लंबी वाटर टनल है जो पुण्‍य सलिला मां नर्मदा की अमृतधारा को बिना पंप की सहायता प्राकृतिक बहाव के साथ सोन बेसिन से जोड़ने का सेतु के रूप में कार्य करेगी।

          बरगी व्यपवर्तन परियोजना की दाई तट मुख्य नहर के किलोमीटर 104 से 116.865 किलोमीटर के मध्य निर्मित इस टनल का कार्य करीब डेढ़ दशक से चल रहा था। टनल की कुल लम्बाई 116.865 किलोमीटर से 129 किलोमीटर तक ओपन कैनाल रहेगी। इस कैनाल की जल प्रवाह क्षमता 152 क्यूमेक है जबकि टनल का डायमीटर 10.140 मीटर है। इस स्लीमनाबाद टनल के पूर्ण होने के बाद 1.85 लाख हेक्टयर भू क्षेत्र में सिचाई प्रस्तावित है।

*किसान होंगे समृद्ध*

          नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कार्यपालन यंत्री श्री सहज श्रीवास्तव ने बताया कि अंचल के किसानों की समृद्धि और विकास की दिशा में स्लीमनाबाद टनल का निर्माण एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इस टनल के बनने से क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। इस टनल से कटनी शहर की पेयजल की आपूर्ति के लिए भी मां नर्मदा का पानी मिलेगा। इसके साथ ही जिले के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका फायदा मिलेगा।

*ये जिले होंगे लाभान्वित*

परियोजना से कटनी जिले का 21 हजार 823 हेक्‍टेयर, मैहर का 54 हजार 227 हेक्टेयर, सतना का 1 लाख 4 हजार 970 हेक्‍टेयर, पन्‍ना का 448 हेक्‍टेयर और रीवा का 3 हजार 84 हेक्‍टेयर क्षेत्र सीधे लाभान्वित होंगे। इन सबको मिलाकर इसके साथ ही इन जिलों के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका बड़ा फायदा मिलेगा।

          बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत जबलपुर स्थित बरगी बाँध से निकलने वाली स्‍लीमनाबाद की यह दाई तट मुख्य नहर (ट्रांस वेल्ली कैनाल ) प्रदेश की सबसे ज्यादा 227 क्यूमेक पानी डिस्चार्ज केयरिंग कैपेसिटी वाली नहर होंगी। इस टनल के वर्तमान में कुल लागत 1600 करोड़ रूपये से अधिक की हो गयी है। स्लीमनाबाद टनल के निर्माण की एजेंसी मेसर्स पटेल-एस.ई.डब्लूयू (संयुक्त उपक्रम) हैदराबाद है।

          स्लीमनाबाद टनल अपनी पूर्णता के बाद पुण्य सलिला माँ नर्मदा की अमृत धारा सोन नदी से जुड़ जायेगी और यह प्रदेश के आधा दर्जन जिलों की भूमि की सिचाई और पेय जल का निमित्त बनेगी।
#JansamparkMP 
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🔳स्लीमनाबाद टनल खुदाई कार्य पूर्ण, 5 जिलों का 1.85 लाख हेक्टेयर भू-क्षेत्र होगा सिंचित 🔳कटनी - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कृषक कल्याण वर्ष में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश के अनुक्रम में कटनी जिले के स्लीमनाबाद टनल की खुदाई का कार्य पूर्ण हो गया है और टनल बोरिंग मशीन अब टनल के अंतिम स्‍थल पर पहुंच गई है। टनल की कुल लम्बाई 11.952 किलोमीटर है। यह देश की सबसे लंबी वाटर टनल है जो पुण्‍य सलिला मां नर्मदा की अमृतधारा को बिना पंप की सहायता प्राकृतिक बहाव के साथ सोन बेसिन से जोड़ने का सेतु के रूप में कार्य करेगी। बरगी व्यपवर्तन परियोजना की दाई तट मुख्य नहर के किलोमीटर 104 से 116.865 किलोमीटर के मध्य निर्मित इस टनल का कार्य करीब डेढ़ दशक से चल रहा था। टनल की कुल लम्बाई 116.865 किलोमीटर से 129 किलोमीटर तक ओपन कैनाल रहेगी। इस कैनाल की जल प्रवाह क्षमता 152 क्यूमेक है जबकि टनल का डायमीटर 10.140 मीटर है। इस स्लीमनाबाद टनल के पूर्ण होने के बाद 1.85 लाख हेक्टयर भू क्षेत्र में सिचाई प्रस्तावित है। *किसान होंगे समृद्ध* नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कार्यपालन यंत्री श्री सहज श्रीवास्तव ने बताया कि अंचल के किसानों की समृद्धि और विकास की दिशा में स्लीमनाबाद टनल का निर्माण एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इस टनल के बनने से क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। इस टनल से कटनी शहर की पेयजल की आपूर्ति के लिए भी मां नर्मदा का पानी मिलेगा। इसके साथ ही जिले के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका फायदा मिलेगा। *ये जिले होंगे लाभान्वित* परियोजना से कटनी जिले का 21 हजार 823 हेक्‍टेयर, मैहर का 54 हजार 227 हेक्टेयर, सतना का 1 लाख 4 हजार 970 हेक्‍टेयर, पन्‍ना का 448 हेक्‍टेयर और रीवा का 3 हजार 84 हेक्‍टेयर क्षेत्र सीधे लाभान्वित होंगे। इन सबको मिलाकर इसके साथ ही इन जिलों के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका बड़ा फायदा मिलेगा। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत जबलपुर स्थित बरगी बाँध से निकलने वाली स्‍लीमनाबाद की यह दाई तट मुख्य नहर (ट्रांस वेल्ली कैनाल ) प्रदेश की सबसे ज्यादा 227 क्यूमेक पानी डिस्चार्ज केयरिंग कैपेसिटी वाली नहर होंगी। इस टनल के वर्तमान में कुल लागत 1600 करोड़ रूपये से अधिक की हो गयी है। स्लीमनाबाद टनल के निर्माण की एजेंसी मेसर्स पटेल-एस.ई.डब्लूयू (संयुक्त उपक्रम) हैदराबाद है। स्लीमनाबाद टनल अपनी पूर्णता के बाद पुण्य सलिला माँ नर्मदा की अमृत धारा सोन नदी से जुड़ जायेगी और यह प्रदेश के आधा दर्जन जिलों की भूमि की सिचाई और पेय जल का निमित्त बनेगी। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #DrMohanYadav51 #udaypratapmp #jbpcommissioner #katni #कटनी

Katni, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

🔳शासकीय भूमि पर खनिज भंडारण करने वाले क्रेशरों के संचालन पर रोक

🔳कटनी – कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर जिला स्तरीय टास्क फोर्स ने बरही तहसील के ग्राम कन्‍नौर में बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर खनिज भंडारण नहीं करने के निर्देश देते हुये दो स्टोन क्रेशरों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है।

          उप संचालक खनिज रत्‍नेश दीक्षित ने बताया कि ग्राम कन्‍नौर, तहसील बरही स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 861 महालक्ष्मी मिनरल को सब्सिडियरी प्रयोजन (सहायक कार्य) के लिए लीज पर स्वीकृत की गई थी।

कलेक्‍टर के निर्देशों के पालन में 14 जुलाई को राजस्व, खनिज एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम द्वारा शासकीय भूमि से मशीनरी एवं अन्य सामग्री को हटाते हुए कब्जा मुक्त कराया गया।

          निरीक्षण के दौरान पाया गया कि खसरा क्रमांक 861 में तिलक ग्रोवर के स्टोन क्रेशर के तीन कन्वेयर तथा के.पी. अवस्थी के क्रेशर का एक कन्वेयर आंशिक रूप से शासकीय भूमि में स्थापित था। इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने दोनों क्रेशरों के संचालन पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया।

          प्रशासन ने क्रेशर संचालकों को ताकीद किया है कि संबंधित क्रेशर संचालक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने कन्वेयर एवं अन्य संरचनाओं को शासकीय भूमि से पूरी तरह हटाएं। इसके बाद सत्यापन उपरांत ही क्रेशरों के संचालन पर लगी रोक हटाने पर विचार किया जाएगा। साथ ही शासकीय भूमि को पूर्णतः साफ एवं सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

          इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान तहसीलदार बरही, सहायक खनिज अधिकारी श्री पवन कुशवाहा, खनिज निरीक्षक श्री कमलकांत परस्ते सहित राजस्व, खनिज एवं पुलिस विभाग का अमला मौके पर मौजूद रहा।
#JansamparkMP 
#CMMadhyaPradesh 
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#katni 
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🔳शासकीय भूमि पर खनिज भंडारण करने वाले क्रेशरों के संचालन पर रोक 🔳कटनी – कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर जिला स्तरीय टास्क फोर्स ने बरही तहसील के ग्राम कन्‍नौर में बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर खनिज भंडारण नहीं करने के निर्देश देते हुये दो स्टोन क्रेशरों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। उप संचालक खनिज रत्‍नेश दीक्षित ने बताया कि ग्राम कन्‍नौर, तहसील बरही स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 861 महालक्ष्मी मिनरल को सब्सिडियरी प्रयोजन (सहायक कार्य) के लिए लीज पर स्वीकृत की गई थी। कलेक्‍टर के निर्देशों के पालन में 14 जुलाई को राजस्व, खनिज एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम द्वारा शासकीय भूमि से मशीनरी एवं अन्य सामग्री को हटाते हुए कब्जा मुक्त कराया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि खसरा क्रमांक 861 में तिलक ग्रोवर के स्टोन क्रेशर के तीन कन्वेयर तथा के.पी. अवस्थी के क्रेशर का एक कन्वेयर आंशिक रूप से शासकीय भूमि में स्थापित था। इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने दोनों क्रेशरों के संचालन पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया। प्रशासन ने क्रेशर संचालकों को ताकीद किया है कि संबंधित क्रेशर संचालक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने कन्वेयर एवं अन्य संरचनाओं को शासकीय भूमि से पूरी तरह हटाएं। इसके बाद सत्यापन उपरांत ही क्रेशरों के संचालन पर लगी रोक हटाने पर विचार किया जाएगा। साथ ही शासकीय भूमि को पूर्णतः साफ एवं सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान तहसीलदार बरही, सहायक खनिज अधिकारी श्री पवन कुशवाहा, खनिज निरीक्षक श्री कमलकांत परस्ते सहित राजस्व, खनिज एवं पुलिस विभाग का अमला मौके पर मौजूद रहा। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #DrMohanYadav51 #udaypratapmp #jbpcommissioner #katni #कटनी

Katni, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026