कहीं 8 लाख की कथित मंथली, कहीं 2 लाख, कहीं 1 लाख 70 हजार, तो कहीं 1 लाख रुपये की चर्चा! अब सवाल उठता है—अगर ये सब सिर्फ हवा-हवाई है, तो फिर जिलेभर में प्रतिबंधित लॉटरी का कथित कारोबार खुलेआम कैसे चल रहा है? #nonfollowers #fbviral #fbreels #fbpost #fb Azhar Islam सुबल यदुवंशी
Pakaur, Pakur | Sep 6, 2026