*लहार सिविल अस्पताल की बड़ी लापरवाही*
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*दो घंटे तक तड़पता रहा सड़क हादसे का घायल, इमरजेंसी में नहीं मिला डॉक्टर*
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*अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पड़ा रहा घायल युवक, उपचार के अभाव में परिजन और राहगीरों में आक्रोश*
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बांके तिगुनायक/देवानंद नायक
लहार। प्रदेश सरकार जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं लहार सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में घायल हुए युवक को इलाज के लिए लहार सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। नतीजतन घायल युवक करीब दो घंटे तक दर्द से तड़पता रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल युवक को अस्पताल परिसर के बाहर ही लावारिस अवस्था में छोड़ दिया गया। समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ती रही। अस्पताल में मौजूद लोगों ने कई बार चिकित्सकों और स्टाफ को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा।
बाद में घायल की पहचान असवार निवासी धीरेंद्र पुत्र प्रेमनारायण जोशी के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि वह रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था।
*पहले भी उठते रहे हैं सवाल*
लहार सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर यह पहला मामला नहीं है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, इमरजेंसी सेवाओं में लापरवाही और मरीजों की अनदेखी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। कई बार शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ।
*जिम्मेदार कौन?*
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे तो गंभीर मरीजों का उपचार कैसे किया जा रहा है अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो किसी भी घायल की जान जोखिम में पड़ सकती है।
*सीएमएचओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल*
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बावजूद जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा लहार सिविल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती।
*जनता के सवाल*
क्या लहार सिविल अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं केवल कागजों तक सीमित हैं?
दुर्घटना में घायल मरीज को समय पर इलाज क्यों नहीं मिला?
ड्यूटी पर डॉक्टर अनुपस्थित थे तो जिम्मेदारी किसकी है?
अस्पताल परिसर के बाहर घायल को लावारिस हालत में क्यों छोड़ दिया गया?
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी लगातार मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?
Bhind Nagar, Bhind | Aug 7, 2026