अहिंसा दिवस पर खुले रहे मांस की दुकानें, बिक्री को लेकर उठे सवाल
कोडरमा/झुमरीतिलैया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती एवं अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के अवसर पर जहां जिले में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अहिंसा, शांति और सद्भाव का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में मांस की दुकानें खुली रहने और मांस की बिक्री होने की चर्चा रही। इससे संबंधित लोगों के बीच प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
बताया गया कि शुक्रवार को अहिंसा दिवस के मौके पर कोडरमा जिले के बांझेडीह पावर प्लांट क्षेत्र के आसपास कई मुर्गा दुकानों के खुले रहने की बात सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां दिनभर मुर्गे की बिक्री होती रही। लोगों का कहना है कि गांधी जयंती जैसे महत्वपूर्ण दिवस पर यदि स्थानीय प्रशासन अथवा नगर निकाय की ओर से मांस बिक्री को लेकर कोई प्रतिबंध या बंद रखने का निर्देश जारी किया गया था, तो उसका पालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए था।
इसी तरह झुमरीतिलैया शहर में भी कुछ मांस विक्रेताओं के दुकान खोलकर बिक्री करने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ दुकानदार खुले तौर पर दुकान नहीं लगाकर अपेक्षाकृत छिपे तरीके से मांस की बिक्री करते नजर आए। इनमें मुर्गा और बकरे के मांस की बिक्री किए जाने की बात कही गई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय महत्व के दिवसों पर प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले निर्देशों का सभी व्यवसायियों को पालन करना चाहिए। यदि ऐसे किसी दिन मांस की दुकानें बंद रखने का आदेश जारी किया गया था, तो उसका अनुपालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन की बनती है।