धार्मिक आस्था के केंद्र हमारी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ी हुई है :- लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया
आध्यात्मिक मूल्यों से ही होता है समाज का सशक्त निर्माण:-राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह
भुईंयापानी में शिव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए दोनों सांसद
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा क्षेत्र, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ
रायगढ़ जिले के विकासखण्ड लैलूंगा अंतर्गत ग्राम भुईंयापानी में नवनिर्मित शिव मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैदिक आचार्यों के सान्निध्य में विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना, हवन, यज्ञ और प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान सम्पन्न कराया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया एवं राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया सहित क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस धार्मिक अनुष्ठान की अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार ने की। उपस्थित सभी अतिथियों ने मंदिर में भगवान शिव का पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जिले की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि भुईंयापानी में शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा, भगवान शिव त्याग, तपस्या और कल्याण के प्रतीक हैं। इस मंदिर के निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा से गांव में आध्यात्मिक चेतना का नया संचार होगा। आने वाली पीढ़ियां यहां से संस्कार, धर्म और संस्कृति की प्रेरणा प्राप्त करेंगी। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और सद्भाव बढ़ाने का कार्य करते हैं। लोकसभा सांसद श्री राठिया ने मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सभी ग्रामीणों, मंदिर समिति और यजमान परिवारों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही ऐसे ऐतिहासिक कार्य संभव हो पाते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र के विकास और जनकल्याण की प्रार्थना की।
राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारत की पहचान उसकी आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से है।
Raigarh, Chhattisgarh | Jun 20, 2026