बटियागढ़: बटियागढ़ में श्रीमद्भागवत कथा: भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह और महारास के प्रसंग से भावविभोर हुए श्रद्धालु
बटियागढ़ नगर में श्रीमद्भागवत कथा आयोजन जारी है, कथा के छठवें दिन व्यास पीठ से स्वामी रसराज दास जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह और महारास का दिव्य वर्णन किया कथा में महाराज जी ने बताया कि महारास शरीर नहीं बल्कि आत्मा का विषय है, जीव और परमात्मा के मिलन को ही महारास कहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भक्ति में अहंकार आते है, देर शाम तक कथा जारी रही