राजस्थान में राजस्थानी भाषा को मान्यता देने की मांग को लेकर 15 दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे युवा शुभम रेवाड़ के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने अनशनरत युवा की बिगड़ती सेहत की भी परवाह नहीं की।
विपक्ष का कहना है कि जिस राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने की मांग भाजपा विपक्ष में रहते हुए वर्षों तक उठाती रही, आज सत्ता में आने के बाद उसी मुद्दे पर आंदोलन कर रहे युवा की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। बयान में कहा गया कि छात्रसंघ चुनाव बहाली और राजस्थानी भाषा जैसे मुद्दे युवाओं और प्रदेश के भविष्य से जुड़े हैं, लेकिन सरकार इन पर गंभीरता नहीं दिखा रही। #sanchalnews #sanchalnewslive #govinadsinghdotasara #JaipurNews #Jaipur