कई दिनों से भूखा था… जब भूख बर्दाश्त से बाहर हुई तो कचरे में फेंका खाना ही बन गया सहारा।
कहते हैं भूख इंसान से क्या-क्या नहीं करवा देती। यह तस्वीर इसी कड़वी सच्चाई को बयां कर रही है। कई दिनों से भूखे इस व्यक्ति को जब कहीं से खाना नहीं मिला, तो आखिरकार उसकी भूख ने उसे कचरे के ढेर तक पहुंचा दिया। किसी ने घर से बचा हुआ खाना आवारा पशुओं के लिए कचरे में फेंक दिया था। लेकिन जैसे ही इस भूखे व्यक्ति की नजर उस खाने पर पड़ी, वह खुद को रोक नहीं सका। उसने कचरे में पड़े उसी खाने को उठाया और अपनी भूख मिटाने लगा। इस मंजर को देखकर वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया। सवाल सिर्फ उस व्यक्ति की मजबूरी का नहीं, बल्कि हमारी संवेदनशीलता का भी है—क्या हमारे आसपास कोई इंसान भूखा सो रहा है, और हमें इसकी खबर तक नहीं? भोजन की एक छोटी-सी थाली किसी की जिंदगी में बहुत बड़ा सहारा बन सकती है। खाना बर्बाद करने से बेहतर है, उसे किसी भूखे तक पहुंचा दिया जाए।