#जन्माष्टमी2026 #कृष्ण_जन्माष्टमी2026
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः 🙏
श्री कृष्ण जन्माष्टमी: 4 सितंबर 2026, शुक्रवार
निशिता पूजा: रात लगभग 11:56/11:57 बजे से 12:42/12:43 बजे तक
श्री कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व है। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि में भक्त लड्डू गोपाल का अभिषेक, श्रृंगार, झूला और आरती प्रेमपूर्वक करते हैं।
इस पर्व पर विशेष रूप से सूर्य, सोम, यम, काल, संधि, दिक्पति, भूमि, भूत, पवन, अमर, ब्रह्मादि, आकाश, खेचर, को नमस्कार करते हुए भगवान श्री कृष्ण की पूजा करनी चाहिये।
इस दिन प्रातः स्नान के बाद व्रत और पूजा का संकल्प लें। पूजा स्थान को स्वच्छ करें। लड्डू गोपाल को गंगाजल या स्वच्छ जल से स्नान कराएं, पंचामृत अभिषेक करें, फिर सुंदर वस्त्र, मुकुट, बांसुरी और फूलों से श्रृंगार करें। माखन-मिश्री, फल, धनिया पंजीरी या सात्त्विक नैवेद्य अर्पित करें।
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन बाल गोपाल के जन्म के बाद उन्हें झूला झूलाया जाता है और माखन मिसरी का भोग लगाया जाता है।
मध्यरात्रि में “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र, कृष्ण नाम-स्मरण और आरती करें। जन्माष्टमी हमें प्रेम, धर्म, करुणा, मधुर वाणी और शुभ कर्मों से जीवन को कृष्णमय बनाने की प्रेरणा देती है।
जय श्रीकृष्ण 🎊
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