*कलश यात्रा निकली तो चमक उठीं सड़कें*
*लेकिन करचलपुर में पांच साल से गंदगी का डेरा आज भी कायम*
पीएम मोदी के जन्मदिन पर सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवाल, करीब 100 मीटर का हिस्सा वर्षों से उपेक्षित
यूपी हेड नागेंद्र पांडे
फतेहपुर यूपी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर विभिन्न स्थानों से निकाली गई कलश यात्राओं के मार्गों पर सफाई कराए जाने को लेकर ग्रामीणों में चर्चा है । ग्रामीणों का कहना है कि जहां कार्यक्रम होता है, वहां प्रशासन और जिम्मेदारों की नजर पड़ जाती है और सफाई भी करा दी जाती है, लेकिन गांव के उन हिस्सों की ओर ध्यान नहीं दिया जाता जहां लोग वर्षों से गंदगी के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं।
देवमई ब्लॉक की ग्राम पंचायत करचलपुर इसका उदाहरण बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब पांच वर्षों से गंदगी और जलभराव की समस्या बनी हुई है। डॉक्टर रामबाबू शुक्ला के दरवाजे के पास करीब 100 मीटर के हिस्से में लंबे समय से गंदगी जमा है। आरोप है कि ग्राम प्रधान का पांच वर्ष का कार्यकाल बीत गया, लेकिन इस हिस्से की सफाई और जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र सिंह पटेल कई बार करचलपुर पहुंचे, लेकिन इस गंदगी की समस्या का समाधान नहीं हो सका। वहीं खंड विकास अधिकारी देवमई पर भी ग्रामीणों ने पूरे कार्यकाल के दौरान समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रधानमंत्री के जन्मदिन का कार्यक्रम और कलश यात्रा इसी मोहल्ले से होकर गुजरती, तो शायद यहां भी सफाई करा दी जाती। उनका सवाल है कि क्या गांव की सफाई केवल वीआईपी कार्यक्रमों और आयोजनों वाले रास्तों तक ही सीमित रहनी चाहिए ?
ग्रामीणों ने मांग की है कि करचलपुर में केवल किसी आयोजन के दौरान औपचारिक सफाई कराने के बजाय गंदगी और जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को वर्षों से चली आ रही परेशानी से निजात मिल सके ।