कुरुक्षेत्र के प्रहलादपुर स्थित भारत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के फार्मेसी विभाग (भारत इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी डिग्री कोर्स) में "फार्मास्युटिकल साइंसेज में आईपीआर: नवाचार की सुरक्षा, अनुसंधान को सशक्त बनाना" विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का शानदार आयोजन किया गया। हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी परिषद (DST), पंचकुला के पेटेंट सूचना केंद्र द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों और संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पंजीकृत पेटेंट एजेंट और DST (हरियाणा सरकार) के वैज्ञानिक डॉ. राहुल तनेजा और चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी के विधि संकाय के डीन डॉ. परमोद मलिक ने उपस्थित शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों की बारीकियों से रूबरू कराया।यह सेमिनार संस्थान की प्रेसिडेंट प्रो. कैलाशो सैनी, चेयरमैन श्री ओम नाथ सैनी और वाइस-चेयरमैन श्री भारत सैनी के कुशल दिशा-निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें इवेंट कॉर्डिनेटर व फार्मेसी प्रिंसिपल डॉ. लवकेश भाटिया और कोऑर्डिनेटर संदीप सैनी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस विशेष अवसर पर भारत कॉलेज ऑफ लॉ के प्रिंसिपल डॉ. अनिल कुमार और कॉलेज के सभी स्टाफ मेंबर्स मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने फार्मास्युटिकल रिसर्च में पेटेंट के महत्व, पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, अनुसंधान के कानूनी संरक्षण और फार्मा उद्योग में पेटेंट एजेंटों की भूमिका सहित करियर के विभिन्न अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। सेमिनार के समापन पर समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राओं ने फार्मा क्षेत्र में पेटेंट और रिसर्च से जुड़े कानूनी अधिकारों के प्रति अपनी समझ को मजबूत किया और इस ज्ञानवर्धक सत्र के लिए संस्थान का आभार जताया।